एम०वी०आर० का हुआ पुनर्निर्धारण, किसानों को मिलेगा अधिक मुआवजा एवं महिलाओं को भूमि / संपत्ति के निबंधन में अतिरिक्त रियायत।
पटना, दिनांक 18 जून, 202
प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य की मार्गदर्शक पंजी (एम०वी०आर०) ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वर्ष 2013 में तथा शहरी क्षेत्रों के लिए वर्ष 2016 में पुनरीक्षित की गई है। उसके बाद से एम०वी०आर० में पुनरीक्षण नहीं हुआ है, जबकि वर्तमान में प्रभावी प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य की मार्गदर्शक पंजी (एम०वी०आर०) की तुलना में बाजार दर में काफी वृद्धि हुई है।
इसको ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्र के लिए वर्तमान एम०वी०आर० का 1.6 गुना एवं शहरी व पेरिफेरल क्षेत्र के लिए वर्तमान एम०वी०आर० का 2 गुना की वृद्धि तत्काल प्रभाव से की गयी है।
इसके साथ ही प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एम०वी०आर० में स्वतः 5% की वृद्धि का प्रावधान किया गया है तथा प्रत्येक 3 वर्षों पर विभाग द्वारा वृहत पुनरीक्षण किया जायेगा, जिसमें नयी सड़कों, नये औद्यौगिक क्षेत्र, नये शहरी क्षेत्र के विस्तार एवं राज्य में विकास परियोजनाओं यथा हवाई अड्डा, रेलवे, औद्यौगिक पार्क, सिंचाई परियोजनाएँ आदि कारकों को विशेष कर ध्यान में रखा जायेगा।
उक्त के आलोक में प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य की मार्गदर्शक पंजी (एम०वी०आर०) के पुनरीक्षण हेतु नियमावली में संशोधन किया गया है। एम०वी०आर० पुनरीक्षण किये जाने से भूमि अधिग्रहण पर किसानों को उनकी भूमि का उचित और अधिक मुआवजा प्राप्त होगा।
राज्य सरकार की परियोजनाओं हेतु भूमि अधिग्रहण के मामलों में वर्तमान एम०वी०आर० पर देय कुल मुआवजा 14,897 करोड़ रू० अनुमानित है,
जबकि बढ़ी हुयी दरों पर 18,637 करोड़ रू० मुआवजा का भुगतान किया जाना अनुमानित है। इस प्रकार बढ़ी हुई दर पर भुगतान करने पर किसानों को कुल 3,740 करोड़ रू० का अधिक मुआवजा प्राप्त होगा।
इसके साथ ही केन्द्र सरकार के अधीन संचालित परियोजनाओं के लिए वर्तमान दर पर मुआवजा 24,629 करोड़ रू० देय है। ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी व पेरिफेरल क्षेत्र के एम०वी०आर० में क्रमशः 1.6 गुना एवं 2.0 गुना वृद्धि किये जाने पर मुआवजा 39,460 करोड़ रू० देय है। इस धनराशि से राज्य के किसानों एवं आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने एवं राज्य के आर्थिक विकास में तेजी आने की संभावना है। इस प्रकार बढ़ी हुई दर पर भुगतान करने पर किसानों को कुल 14831 करोड़ रूपये का अधिक मुआवजा प्राप्त होगा।
इसी प्रकार महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए यदि भूमि / सम्पत्ति का निबंधन विक्रय पत्र/दान पत्र के माध्यम से किसी महिला के पक्ष में किया जाता है तो पूर्व में निर्धारित स्टाम्प शुल्क में 0.3% छूट को बढ़ाकर 0.4% कर दिया गया है एवं निबंधन शुल्क में 0.1% की छूट यथावत उन्हें दी जायेगी। इस प्रकार अब उन्हें कुल 0.5% की कुल छूट प्राप्त होगी।
वर्तमान सामान्य स्टाम्प दर में 1% (एक) प्रतिशत की वृद्धि की जा रही है, इससे सरकार के राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी एवं राज्य में विकासात्मक कार्य किये जा सकेंगे।
वर्तमान में अलग-अलग जिलों में लागू एम०वी०आर० में भूमि की श्रेणी का कई प्रकार से निर्धारण किया गया है। अब इन सभी श्रेणियों का समेकन करते हुए ग्रामीण तथा पेरिफेरल क्षेत्र में भूमि की कुल 7 श्रेणियाँ एवं शहरी क्षेत्र एवं मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में भूमि की कुल 6 श्रेणियाँ निर्धारित की गयी है।
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