TRE 4.0 अभ्यर्थियों पर पुलिसिया कार्रवाई निंदनीय, युवाओं की आवाज़ दबाना बंद करे सरकार : एडवोकेट आदिल हसन आज़ाद

TRE 4.0 अभ्यर्थियों पर पुलिसिया कार्रवाई निंदनीय, युवाओं की आवाज़ दबाना बंद करे सरकार : एडवोकेट आदिल हसन आज़ाद

पटना / नई दिल्ली, 8 मई 2026

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन आज़ाद ने पटना में TRE 4.0 शिक्षक भर्ती की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की तीखी आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि बिहार के नौजवान पिछले कई वर्षों से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। बार-बार अधिसूचना की तारीखें बदलना, भर्ती प्रक्रिया को टालना और फिर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे युवाओं पर लाठियां बरसाना यह दर्शाता है कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है।

एडवोकेट आदिल हसन आज़ाद ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि बेरोजगार युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं, तो उनके साथ संवाद होना चाहिए, न कि पुलिस बल का इस्तेमाल।

उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था पहले ही शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रही है। लाखों पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के बजाय छात्रों और अभ्यर्थियों को निराश कर रही है। इससे युवाओं में हताशा और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।

AIMIM प्रवक्ता ने कहा कि यह केवल एक भर्ती परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि बिहार के लाखों परिवारों की उम्मीदों और भविष्य का सवाल है। सरकार को चाहिए कि राजनीति और प्रशासनिक बहानों से ऊपर उठकर युवाओं के हित में ठोस निर्णय ले।

उन्होंने मांग की कि:

- TRE 4.0 की अधिसूचना तुरंत जारी की जाए।
- अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में विशेष छूट दी जाए।
- लाठीचार्ज की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
- घायल अभ्यर्थियों को उचित इलाज और मुआवजा दिया जाए।
- सरकार छात्रों और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल वार्ता करे।

एडवोकेट आदिल हसन आज़ाद ने कहा कि AIMIM बिहार के छात्रों, युवाओं और बेरोजगार अभ्यर्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज़ को दबाने की हर कोशिश का विरोध करेगी।


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