कृषि अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा मणिछपरा गाँव में संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा दिनांक 20 मई, 2026 को पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत मणिछपरा गाँव में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रत्यक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद, जैविक संसाधनों एवं मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था, ताकि कम लागत एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा दिया जा सके।
कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित एवं अत्यधिक उपयोग मिट्टी की उर्वरता एवं जैविक गुणवत्ता को प्रभावित करता है। इसलिए किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी गई।
जागरूकता अभियान के दौरान हरी खाद के महत्व एवं उसके सही प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि ढैंचा जैसी हरी खाद फसलों को उचित अवस्था में मिट्टी में मिलाने से भूमि में जैविक पदार्थ एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे मिट्टी अधिक उपजाऊ बनती है। इसके साथ ही गोबर की खाद के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं पोषक तत्वों की हानि रोकने के उपायों की भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को कम्पोस्ट तैयार करने की विभिन्न विधियों के बारे में भी विस्तार से बताया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने भी एकत्र किए गए, ताकि मिट्टी की जाँच कर किसानों को आवश्यकतानुसार उर्वरक उपयोग की वैज्ञानिक सलाह प्रदान की जा सके। किसानों को जैव उर्वरकों एवं जैविक खादों के उपयोग से मिट्टी की संरचना सुधारने, लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाने तथा खेती की लागत कम करने के लाभों से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. गौस अली एवं तकनीकी कर्मी श्री रवि कुमार मीणा ने किसानों को वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के संबंध में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में कुल 50 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 34 पुरुष एवं 16 महिला किसान शामिल थीं। किसानों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की वैज्ञानिक जानकारी से उन्हें कम लागत में बेहतर एवं टिकाऊ खेती अपनाने में सहायता मिलेगी।
0 Response to "कृषि अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा मणिछपरा गाँव में संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित"
एक टिप्पणी भेजें