नाबार्ड द्वारा बिहार में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन

नाबार्ड द्वारा बिहार में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन

पटना, 25 मार्च 2026

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), बिहार क्षेत्रीय कार्यालय, पटना द्वारा आज होटल मौर्या, पटना में एक दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (IYC) 2025 के समापन के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका विषय था “सहकारिताएँ बेहतर दुनिया का निर्माण करती हैं”। इस सम्मेलन ने बिहार में समावेशी और सतत ग्रामीण विकास के प्रमुख माध्यम के रूप में सहकारिता आंदोलन को सुदृढ़ करने के प्रति नाबार्ड की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।

सम्मेलन में माननीय कृषि मंत्री, बिहार सरकार, श्री राम कृपाल यादव जी ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ माननीय सहकारिता मंत्री, बिहार सरकार, डॉ. प्रमोद कुमार जी भी उपस्थित रहे। अन्य विशिष्ट अतिथियों में श्री रजनीश कुमार सिंह, आईएएस, निबंधक, सहकारिता समितियाँ, बिहार सरकार; श्री रमेश चंद्र चौबे, अध्यक्ष, बिहार राज्य सहकारी बैंक; श्रीमती विभा सिंह, अध्यक्ष, झारखंड राज्य सहकारी बैंक; डॉ. मनोज कुमार, महानिदेशक, लिनैक (LINAC); श्री जीतेन्द्र कुमार, विधायक सह अध्यक्ष नालन्दा, जिला सहकारी बैंक, श्री दीपक चौरसिया, राष्ट्रीय महासचिव, सहकार भारती; सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) के अध्यक्षगण; राज्य सहकारी बैंकों (StCBs)/जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंध निदेशक, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा अन्य प्रमुख हितधारक शामिल थे। सम्मेलन में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों (PDCS), किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय विशेषज्ञों एवं कार्यकर्ताओं सहित लगभग 250 प्रतिभागियों ने विचार विमर्श में सक्रिय रूप से भाग लिया।

अपने स्वागत संबोधन में श्री गौतम कुमार सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड बिहार क्षेत्रीय कार्यालय ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहकारिताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सहकारिताएँ किसानों को सशक्त बनाने, संस्थागत ऋण की पहुँच बढ़ाने, कृषि मूल्य शृंखलाओं को मजबूत करने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा देने में केंद्रीय भूमिका निभाती हैं।


सम्मेलन को संबोधित करते हुए माननीय कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव जी ने कहा कि बिहार की 76 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों पर निर्भर है, जबकि 85 प्रतिशत से अधिक किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी में आते हैं। उन्होंने किसानों को समय पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने हेतु नाबार्ड से विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया।


इस अवसर पर माननीय सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार जी ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में गरीबी उन्मूलन और रोज़गार सृजन की अपार संभावनाएँ हैं तथा सहकारिता व्यवस्था को मजबूत कर बिहार को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

श्री मनोज कुमार, महानिदेशक, लिनैक (LINAC), ने समुदाय के प्रति सरोकार (Concern for Community) विषय पर अपने विचार व्यक्त किए तथा भारत के सहकारी क्षेत्र के रूपांतरण में राष्ट्रीय सहकारी नीति की भूमिका को एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में रेखांकित किया।


कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में सहकारिता क्षेत्र पर विशेषज्ञ व्याख्यान तथा सहकारी शासन एवं सुधारों पर विशेष सत्र शामिल थे, जिनमें सहकारी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, बेहतर शासन व्यवस्था तथा उनकी वित्तीय एवं परिचालन स्थिरता पर गहन विचार विमर्श किया गया।

सम्मेलन से अपेक्षित परिणामों में सहकारिता विकास रोडमैप (2025–30) का अंतिम रूप दिया जाना, पैक्स के माध्यम से गतिविधियों में बेहतर अभिसरण, अंतर सहकारिता सहयोग को प्रोत्साहन, पैक्स का तीव्र डिजिटलीकरण, तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं के लिए पुनर्वित्तपोषण की संभावनाओं का अन्वेषण शामिल है।

0 Response to "नाबार्ड द्वारा बिहार में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article