राज्य में चीनी उद्योग को मिलेगी नई ऊर्जा: नई मिलों के लिए 5,000 हेक्टेयर नया गन्ना क्षेत्र विस्तार होगा सुनिश्चित
23 फरवरी, पटना।
राज्य में चीनी उद्योग को स्थायित्व प्रदान करने और पुनः चालू हो रही मिलों को पर्याप्त गन्ना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने विभागीय पदाधिकारियों को राज्य में स्थापित होने वाली प्रत्येक नई चीनी मिल के लिए न्यूनतम 5,000 हेक्टेयर नए गन्ना क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह गन्ना क्षेत्र विस्तार मुख्य रूप से नए क्षेत्रों में किया जाएगा, ताकि उत्पादन आधार व्यापक हो सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सकरी, रैयाम और सासामुसा चीनी मिलों को प्राथमिकता के आधार पर पर्याप्त गन्ना उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनका संचालन सुचारू और बाधारहित हो सके। वर्ष 2026–27 के पेराई सत्र से इन मिलों के लिए गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गन्ना क्षेत्र का विस्तार केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की आय में वृद्धि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और गन्ना उद्योग के संतुलित विकास से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
राज्य में गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश की अग्रणी संस्था डीसीएम की विशेषज्ञता का लाभ लिया जा रहा है। डीसीएम गन्ना विकास के क्षेत्र में उन्नत बीज प्रजातियों, वैज्ञानिक खेती की तकनीकों और बेहतरीन फील्ड मैनेजमेंट मॉडल के लिए जानी जाती है। इसके सहयोग से उच्च उत्पादक किस्मों के प्रसार, गन्ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार और प्रति हेक्टेयर उपज बढ़ाने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी।
*सहायक निदेशक, ईख विकास आयोजित करेंगे ‘गन्ना ग्राम पंचायत’*
अपर मुख्य सचिव ने गन्ना क्षेत्र विस्तार के कार्य को जनभागीदारी से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित जिलों के सहायक निदेशक, ईख विकास को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे पंचायत स्तर पर ‘गन्ना ग्राम पंचायत’ का आयोजन सुनिश्चित करें। इन आयोजनों में ग्राम पंचायतों के मुखिया और वार्ड कमिश्नर की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इनके माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक सिंचाई पद्धति, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और वैज्ञानिक खेती के लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, सहायक निदेशक, ईख विकास को लक्ष्य आधारित कार्ययोजना तैयार कर उसकी नियमित प्रगति समीक्षा करने का निर्देश भी दिया गया। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वर्ष 2026–27 के पेराई सत्र में पर्याप्त गन्ना क्षेत्र विस्तार तथा गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में ईखायुक्त अनिल कुमार झा और संयुक्त ईखायुक्त जयप्रकाश नारायण सिंह सहित गन्ना उद्योग विभाग के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
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