*विरासत, सेवा और सशक्तिकरण का उज्ज्वल संयोग है - “लेडी स्टीफेन्सन हॉल”

*विरासत, सेवा और सशक्तिकरण का उज्ज्वल संयोग है - “लेडी स्टीफेन्सन हॉल”

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 01 दिसम्बर  :: 

लेडी स्टीफेन्सन हॉल के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ गया। हॉल की प्रबंधन समिति ने अत्यंत गरिमा, उल्लास और परंपरागत मर्यादा के साथ शनिवार को स्थापना दिवस मनाया। यह अवसर केवल एक समारोह नहीं था, बल्कि 1932 में लेडी स्टीफेन्सन द्वारा रखी गई उस दूरदर्शी परिकल्पना को नमन था, जिसके मूल में महिलाओं के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक उत्थान का संकल्प निहित था।

कार्यक्रम की शोभा बनीं माननीय लेडी गवर्नर श्रीमती रेशमा आरिफ, जो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके आगमन पर सचिव जयंती लाल और संयुक्त सचिव सुमिता साही ने शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस औपचारिक शुरुआत ने कार्यक्रम में गरिमा और पारंपरिक सौहार्द का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।

इसके पश्चात अध्यक्षा माया लाल ने स्वागत भाषण दिया। उनका उद्बोधन प्रेरणादायक था, जिसने संस्था की गौरवशाली यात्रा, उसके उद्देश्यों और आने वाले समय की योजनाओं को आत्मीयता से सभी के सामने रखा। उनकी बातें स्पष्ट करती हैं कि लेडी स्टीफेन्सन हॉल केवल एक संस्था नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उन्नति का सशक्त माध्यम है।

समारोह का सांस्कृतिक पक्ष भी आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम में कलाकारों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने वातावरण में उत्सव का रंग घोल दिया। नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों ने न केवल दर्शकों का मन मोह लिया, बल्कि इस विरासतपूर्ण संस्था की सांस्कृतिक दृष्टि को भी उजागर किया।

सचिव जयंती लाल ने समिति द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, सामाजिक पहलों और वर्षभर किए गए महत्वपूर्ण कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इससे स्पष्ट हुआ कि संस्था समाज में महिला शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने के लिए निरंतर सक्रिय है।

माननीय लेडी गवर्नर श्रीमती रेशमा आरिफ ने समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज को बदलने की दिशा में मौन, मगर अत्यंत प्रभावी योगदान देते हैं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास में लेडी स्टीफेन्सन हॉल के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उनके शब्दों ने उपस्थित सदस्यों को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान की।

कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष पूनम चौधरी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, सदस्यों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ऋचा सिन्हा, आशा सिंह, साधना ठाकुर, वीना गुप्ता सहित कई वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य उपस्थित रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस प्रकार, लेडी स्टीफेन्सन हॉल का स्थापना दिवस केवल अतीत की यादों का संजोया हुआ पल नहीं था, बल्कि भविष्य की दिशा में बढ़ते कदमों की दृढ़ घोषणा भी था कि एक ऐसी विरासत, जो सेवा, संस्कार और सशक्तिकरण की प्रेरणा देती रहेगी।
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