पारस HMRI पटना में पित्त की नली के कैंसर की जटिल सर्जरी (व्हिपल सर्जरी) सफल, 42 साल की महिला को मिली नई जिंदगी
पारस HMRI हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक 42 साल की महिला की पित्त की नली के कैंसर की जटिल सर्जरी (व्हिपल सर्जरी) कर जान बचा ली। भागलपुर निवासी ममता देवी पेरिअम्पुलरी कार्सिनोमा से जूझ रही थी। इसका निदान किया गया तो ऑब्स्ट्रक्टिव जॉन्डिस की स्थिति बन गई थी। पहले चरण में मरीज का ईआरसीपी (ERCP) और स्टेंटिंग कर पीलिया को नियंत्रित किया गया। जब स्थिति स्थिर हुई, तब *वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. वेद प्रकाश* के नेतृत्व में डॉ. श्रीनारायण (एनेस्थीसिया), डॉ. डिंपल प्रसाद और ओटी टीम ने महिला की जटिल व्हिपल्स पैंक्रियाटोडुओडेनक्टॉमी (व्हिपल्स सर्जरी) की। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल होता है, क्योंकि इसमें पैंक्रियाज का हेड, ड्यूओडेनम, गॉलब्लैडर और बाइल डक्ट के हिस्से को सावधानीपूर्वक हटाया जाता है। इसके बावजूद, मरीज को बिना किसी पोस्ट-ऑपरेटिव जटिलता के सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया।
पारस हॉस्पिटल के *जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार* ने कहा कि “पारस में उन्नत कैंसर केयर सिर्फ सेवा नहीं, बल्कि एक वादा है। यह उपलब्धि पारस HMRI पटना की विशेषज्ञता और उन्नत सर्जिकल सुविधाओं का प्रमाण है, जो गंभीर कैंसर मरीजों के लिए नई आशा लेकर आती है। उन्होंने आगे कहा कि “गुणवत्तापूर्ण सर्जरी, अत्याधुनिक तकनीक और संवेदनशील देखभाल के साथ हम ऐसे परिणाम दे रहे हैं जो मरीजों में जीवन की उम्मीद जगाते हैं।”
*पारस एचएमआरआई के बारे में*
पारस एचएमआरआई पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
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