पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक पहल - “आओ एक वृक्ष लगाएं: धरती को बचाएं”

पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक पहल - “आओ एक वृक्ष लगाएं: धरती को बचाएं”

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 17 जुलाई, 2026  ::

आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, तब वृक्षारोपण ही प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय बनकर सामने आया है। इसी उद्देश्य को लेकर सामाजिक संस्था "खिलखिलाहट: मुस्कान की किरण" तथा अखिल भारतीय कायस्थ महासभा महिला प्रकोष्ठ, पटना के संयुक्त तत्वावधान में पटना के मीठापुर स्थित दयानंद कन्या उच्च विद्यालय परिसर में एक प्रेरणादायी वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शीर्षक था "पर्यावरण की सुरक्षा हेतु: आओ एक वृक्ष लगाएं, धरती को बचाएं।" यह आयोजन केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और जनभागीदारी का संदेश देने का एक सार्थक प्रयास भी था।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पटना की महापौर सीता साहू थी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज पृथ्वी जिस प्रकार जलवायु संकट से गुजर रही है, उससे उबरने के लिए प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी मानना होगा। उन्होंने कहा कि पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ वातावरण के भी आधार हैं। महापौर ने लोगों से अपील की कि वे केवल सरकारी अभियानों का इंतजार न करें, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर अपने घर, विद्यालय, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाएं तथा उनकी देखभाल भी करें।

खिलखिलाहट: मुस्कान की किरण संस्था के संस्थापक अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग आज पूरी मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है और इसका सबसे कारगर समाधान वृक्षारोपण है। उन्होंने एक अत्यंत भावनात्मक संदेश देते हुए कहा कि पेड़ और लकड़ी का संबंध केवल जीवन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार तक बना रहता है। उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने नाम से कम-से-कम पाँच वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि वृक्ष भविष्य की पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी धरोहर है।

संस्था की सक्रिय सदस्या एवं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. आरती सुमन चौधरी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, बच्चों की सफलता या किसी भी विशेष अवसर को केवल उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि उस दिन एक पौधा लगाकर उसे यादगार बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण अवसर पर एक पौधा लगाए, तो कुछ ही वर्षों में हर शहर और गांव हरियाली से भर सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक संस्कार बनाने पर बल दिया।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा महिला प्रकोष्ठ, बिहार की अध्यक्षा ऋचा वर्मा ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन ही ग्लोबल वार्मिंग का सबसे बड़ा कारण है। वृक्ष वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास भूमि उपलब्ध नहीं है तो वह अपने घर की बालकनी, छत या आंगन में गमलों में भी पौधे अवश्य लगाए। उनका कहना था कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर छोटा प्रयास भी महत्वपूर्ण होता है।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिन्हा ने कहा कि वृक्षारोपण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जन-आंदोलन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां भी थोड़ी-सी जगह उपलब्ध हो, वहां एक पौधा अवश्य लगाया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि पौधा लगाने के साथ-साथ उसकी नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं, क्योंकि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे वृक्ष बनाना भी उतना ही आवश्यक है।

इस अवसर पर वृक्षारोपण अभियान में अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें अंजनी कुमार, दयानंद कन्या उच्च विद्यालय के सचिव राजीव रंजन यादव, शिव कुमार, मिशन 2 करोड़ कायस्थ महासभा के मनोज मन्नू, चंदन कुमार तथा अमेय आनंद सहित कई अन्य लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के अंत में खिलखिलाहट: मुस्कान की किरण संस्था के चंदन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह वृक्षारोपण कार्यक्रम केवल पौधे लगाने का आयोजन नहीं था, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराने वाला एक प्रेरक अभियान था। बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और बदलते जलवायु संतुलन के बीच ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक सोच और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वायु, हरियाली और सुरक्षित पर्यावरण प्रदान किया जा सकता है। वास्तव में "आओ एक वृक्ष लगाएं, धरती को बचाएं" केवल एक नारा नहीं है, बल्कि आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता और मानवता के प्रति हमारा साझा दायित्व है।
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