वोट बैंक नहीं, विकास के भागीदार बने अल्पसंख्यक और वंचित समाज - अंजुम आरा

वोट बैंक नहीं, विकास के भागीदार बने अल्पसंख्यक और वंचित समाज - अंजुम आरा

01 जुलाई 2026, पटना।
      जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने जारी बयान में कहा कि माननीय श्री नीतीश कुमार की सरकार ने महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक एवं पिछड़े-दलित-मुस्लिम समाज की बुलंद आवाज अब्दुल कयूम अंसारी साहब की जयंती को ‘राजकीय समारोह’ के रूप में मनाने का जो ऐतिहासिक निर्णय लिया था, वो उनकी सामाजिक न्याय, सम्मान और समावेशी विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।  
      यह निर्णय न केवल एक महान व्यक्तित्व को उचित सम्मान देने का कार्य है, बल्कि उन वंचित तबकों को भी समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिनकी आवाज लंबे समय तक उपेक्षित रही।
      उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि माननीय श्री नीतीश कुमार ने उनकी सत्ता, प्रशासन और विकास की मुख्यधारा में वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित की। उनकी सरकार ने सामाजिक न्याय को केवल नारे तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे धरातल पर उतारकर लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया।
      उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में भी तत्कालीन माननीय श्री नीतीश कुमार की सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए आधुनिक छात्रावासों का निर्माण, मदरसा शिक्षकों को सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के समकक्ष सम्मानजनक वेतनमान प्रदान करना तथा मदरसा बोर्ड एवं मैट्रिक-इंटरमीडिएट परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले मेधावी विद्यार्थियों को नगद प्रोत्साहन राशि देकर उनकी उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करना उनकी दूरदर्शी सोच का परिचायक है।

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