महिला हितैषी ग्राम पंचायत” पहल से बदल रही ग्रामीण बिहार की सामाजिक तस्वीर
* पंचायतों में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा, नेतृत्व और गरिमा
* PRI–CBO समन्वय से महिलाओं एवं किशोरियों को मिल रहा सशक्त मंच
*पटना: 16 मई 2026*
पंचायती राज विभाग, बिहार द्वारा संचालित “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” पहल ग्रामीण बिहार में सामाजिक परिवर्तन की एक प्रभावशाली मिसाल बनकर उभर रही है। सेंटर फॉर कैटलाईजिंग चेंज (सी थ्री) के तकनीकी सहयोग से संचालित यह पहल पंचायतों को महिलाओं एवं किशोरियों के लिए अधिक सुरक्षित, समावेशी, संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह पहल केवल बुनियादी सुविधाओं के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं एवं किशोरियों को पंचायत स्तर पर नेतृत्व, निर्णय प्रक्रिया एवं अधिकार आधारित विकास से जोड़ने का व्यापक अभियान बनती जा रही है।
माननीय मंत्री, पंचायती राज विभाग, बिहार दीपक प्रकाश ने कहा कि “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” पहल ग्रामीण शासन व्यवस्था में महिलाओं एवं किशोरियों की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल है। उनके अनुसार ग्राम पंचायतें केवल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन एवं समानता आधारित समाज निर्माण की सबसे मजबूत इकाई भी हैं। इस पहल के माध्यम से पंचायत स्तर पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, संवाद का मंच, नेतृत्व के अवसर तथा संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे स्थानीय निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंचायत लेवल जेंडर फोरम, महिला ग्राम सभाओं, किशोरी समूहों एवं PRI–CBO समन्वय के माध्यम से महिलाओं एवं किशोरियों से जुड़े मुद्दों को स्थानीय स्तर पर प्राथमिकता मिल रही है। बाल विवाह रोकथाम, माहवारी स्वच्छता, शिक्षा, पोषण, सामाजिक सुरक्षा एवं महिलाओं के विरुद्ध हिंसा जैसे विषयों पर पंचायतों की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
माननीय मंत्री ने बताया कि पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट, महिला शौचालय, गरिमा कक्ष, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन एवं ब्रेस्टफीडिंग रूम जैसी सुविधाओं का विकास महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंचायतों को अधिक संवेदनशील, समावेशी एवं जवाबदेह बनाकर ग्रामीण बिहार में महिलाओं और किशोरियों के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
*पंचायतों में महिलाओं की आवाज़ को मिला संस्थागत मंच*
इस पहल के अंतर्गत पंचायत स्तर पर “पंचायत लेवल जेंडर फोरम (PLGF)” का गठन किया गया है, जो महिलाओं एवं किशोरियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा, समाधान एवं सामुदायिक कार्रवाई का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। इन फोरमों के माध्यम से बाल विवाह, घरेलू हिंसा, किशोरियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा एवं महिलाओं के अधिकार जैसे मुद्दों को पंचायत स्तर पर प्राथमिकता के साथ उठाया जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधि, जीविका दीदियां, महिला समूह एवं सामुदायिक नेता मिलकर समस्याओं के समाधान की दिशा में सामूहिक प्रयास कर रहे हैं।
*PRI–CBO समन्वय बना पहल की सबसे बड़ी ताकत*
महिला हितैषी ग्राम पंचायत पहल की एक प्रमुख विशेषता PRI–CBO convergence है। पंचायत प्रतिनिधियों एवं जीविका से जुड़े सामुदायिक संगठनों के बीच मजबूत समन्वय ने इस अभियान को जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा प्रदान की है। जीविका दीदियां गांव-गांव जाकर महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक कर रही हैं तथा महिला ग्राम सभाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। पंचायत प्रतिनिधियों एवं जीविका दीदियों की साझी पहल ने महिलाओं तक योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ पंचायतों को अधिक उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
*किशोरियों को मिल रही नई पहचान और आत्मविश्वास*
पंचायतों में महिला समूहों, किशोरी समूहों एवं महिला ग्राम सभाओं को मजबूत किया गया है। किशोरियों को शिक्षा, माहवारी स्वच्छता, स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता एवं नेतृत्व विकास से जोड़ा जा रहा है। पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन प्रखंड स्थित गढ़हिया पंचायत में पंचायत नेतृत्व एवं जीविका दीदियों के सहयोग से स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों का पुनः नामांकन कराया गया। सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ई-रिक्शा सुविधा शुरू की गई तथा सार्वजनिक स्थलों पर स्ट्रीट लाइट लगाई गई। पंचायत में महिलाओं के लिए अलग शौचालय एवं स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया।
*पंचायतों में बढ़ रही सुरक्षा और गरिमा*
महिला हितैषी ग्राम पंचायत पहल के अंतर्गत पंचायतों में “सेफ्टी ऑडिट” कराए गए, जिनके आधार पर स्ट्रीट लाइट, सड़क मरम्मत, जलनिकासी, महिला शौचालय एवं सुरक्षित सार्वजनिक स्थलों का विकास किया गया। मधुबनी जिले के दहिपट मधोपुर पूर्वी पंचायत में विद्यालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन स्थापित की गई तथा महिलाओं के लिए छठ घाटों पर “गरिमा कक्ष” का निर्माण कराया गया।
इसके अतिरिक्त कई पंचायतों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन एवं इंसिनरेटर स्थापित किए गए हैं, जिससे किशोरियों एवं महिलाओं को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण माहवारी प्रबंधन की सुविधा मिल रही है। इन पहलों से विद्यालयों एवं सार्वजनिक संस्थानों में किशोरियों की उपस्थिति एवं आत्मविश्वास में सकारात्मक वृद्धि देखी जा रही है।
*पंचायत भवनों में बने “ब्रेस्टफीडिंग रूम”*
महिलाओं की सुविधा एवं गरिमा को ध्यान में रखते हुए राज्य की पांच पंचायतों—धनरुआ (पटना), मुरौल (मुजफ्फरपुर), दहिपट मधोपुर पूर्वी एवं पश्चिमी (मधुबनी) तथा मधुबन प्रखंड (पूर्वी चंपारण)—में पंचायत भवनों के भीतर “ब्रेस्टफीडिंग रूम” (स्तनपान कक्ष) का निर्माण कराया गया है। इन कक्षों का उद्देश्य पंचायत भवनों में आने वाली गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं निजी स्थान उपलब्ध कराना है। यह पहल पंचायत भवनों को वास्तव में महिला अनुकूल सार्वजनिक स्थानों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
*महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मामलों में बढ़ा संस्थागत सहयोग*
इस पहल के अंतर्गत महिलाओं को परामर्श, कानूनी जानकारी एवं आवश्यकतानुसार पुलिस, वन स्टॉप सेंटर, दीदी अधिकार केंद्र एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जैसी संस्थाओं से जोड़ा जा रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों एवं जीविका दीदियों की सक्रियता के कारण महिलाओं में सहायता मांगने एवं न्याय प्राप्त करने का आत्मविश्वास बढ़ा है। कई पंचायतों में महिलाओं ने पहली बार खुलकर घरेलू हिंसा एवं सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों को पंचायत स्तर पर उठाना शुरू किया है।
*बाल विवाह रोकथाम एवं जन-जागरूकता में पंचायतों की सक्रिय भूमिका*
महिला हितैषी पंचायतों में बाल विवाह रोकथाम को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, जीविका दीदियों एवं किशोरी समूहों की सतर्कता से कई बाल विवाह रोके गए हैं। इसके साथ ही “होली सुरक्षा अभियान” जैसे विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा एवं सम्मान के प्रति समुदाय को संवेदनशील बनाया जा रहा है। पंचायतों में रैली, शपथ अभियान, विद्यालय आधारित गतिविधियां एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
*बदल रही है ग्रामीण बिहार की तस्वीर*
महिला हितैषी ग्राम पंचायत पहल का प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, किशोरियां शिक्षा से जुड़ रही हैं, सार्वजनिक स्थल अधिक सुरक्षित बन रहे हैं तथा महिलाएं पंचायत को अपने अधिकार एवं न्याय के मंच के रूप में देखने लगी हैं। पंचायती राज विभाग की यह पहल सहभागी, संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण ग्रामीण शासन की दिशा में एक नई पहचान बनती जा रही है।
“महिला हितैषी ग्राम पंचायत” आज बिहार में समावेशी, संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण ग्रामीण शासन की नई पहचान बनती जा रही है।
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