21 जून को दोबारा होने वाली नीट यूजी परीक्षा के कदाचार मुक्त होने की क्या गारंटी है ? राजद

21 जून को दोबारा होने वाली नीट यूजी परीक्षा के कदाचार मुक्त होने की क्या गारंटी है ? राजद


पटना  16  मई 2026 ; राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने सरकार से सवाल किया है कि जब नीट की परीक्षा लेने वाली एजेंसी एनटीए हीं शक के दायरे में आ चुका है तो फिर 21 जून को दोबारा लिए जाने वाली परीक्षा का कदाचार मुक्त होने की क्या गारंटी है।
     राजद प्रवक्ता ने कहा कि पेपर लीक मामले के सरगना प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद एनटीए पर सवाल उठना लाजिमी है। चूंकि श्री कुलकर्णी एनटीए के प्रश्नपत्र बनाने वाली कमेटी के सदस्य रह चुके हैं। पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई द्वारा इस मामले में प्रश्नपत्र बनाने वाली कमेटी के कुछ अन्य सदस्यों के साथ हीं एनटीए के किसी वरिष्ठ अधिकारी के शामिल होने की भी आशंका जताई गई है। 
       राजद प्रवक्ता ने कहा कि एनटीए पर सवाल खड़ा करने के आधार हैं। 2024 में हुए नीट यूजी परीक्षा को लेकर देशव्यापी हुए हंगामे के बाद एनटीए में सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा राधाकृष्ण कमेटी का गठन किया गया था।  गड़बड़ियां रोकने के लिए कमेटी ने सीबीटी मोड में परीक्षा कराने का सुझाव दिया था जिसे अनदेखा कर पेन-पेपर मोड में हीं परीक्षा ली गई। अभी जब धांधली पकड़ी गई है तो घोषणा की गई है कि अगले वर्ष नीट यूजी की परीक्षा सीबीटी मोड में लिए जाने की घोषणा की गई है। हालांकि इसके लिए भी एनटीए के पास अपना कोई संसाधन नहीं है और उसे आउटसोर्सिंग की मदद लेनी होगी।
       राजद प्रवक्ता ने कहा कि तंत्र की नाकामी की वजह से आज लाखों-लाख छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। वे अवसाद के शिकार हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी का 21 वर्षीय छात्र रितिक मिश्रा ने नीट यूजी परीक्षा रद्द होने पर अपने सू-साइड नोट में लिखा था " अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा"। तीन वर्षों से नीट यूजी का तैयारी कर रही दिल्ली की 30 वर्षीय अंशिका पाण्डेय ने परीक्षा रद्द होने की खबर सुनकर आत्महत्या कर ली। इसी प्रकार गोवा में भी एक छात्र की आत्महत्या करने की खबर है। 
         राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि केंद्र की एनडीए सरकार द्वारा एनटीए का गठन हीं सत्ता से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। राजस्थान भाजपा के नेता दिनेश बिवाल के परिवार के पांच-पांच बच्चों का चयन सरकारी मेडिकल कॉलेज में हो गया है जबकि उन सबों का एकेडमिक कैरियर काफी खराब रहा है।2025 में हुए नीट यूजी परीक्षा के संबंध में अबतक कोई सवाल नहीं उठा था पर बिवाल परिवार के तीन बच्चे तो 2025 में हीं सफल हुए थे।
     राजद प्रवक्ता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सारी गड़बड़ियां सरकार के संरक्षण में हो रहा है। 2015 से 2026 के बीच 87 परीक्षाएं रद्द हुई। जिसमें सीबीआई को 17 और ईडी को 11 मामले सौंपे गए पर अबतक किसी को सजा नहीं हुई। पेपर लीक मामले को लेकर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा लम्बी-चौड़ी घोषणाएं की गईं है पर उनके द्वारा ऐसी हीं घोषणाएं तो 2024 के नीट यूजी परीक्षा के समय भी किया गया था 

       

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