फ्यूचर ऑफ फार्मिंग” सम्मेलन में कृषि नवाचार और सतत विकास पर मंथन
पटना, 11 मार्च 2026:
इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी), बिहार राज्य परिषद द्वारा होटल मौर्या, पटना में “फ्यूचर ऑफ फार्मिंग – किसानों को सशक्त बनाना, नवाचार को बढ़ावा देना और बिहार को आगे बढ़ाना” विषय पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, कृषि वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर बिहार के कृषि क्षेत्र के भविष्य, चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात आईसीसी बिहार राज्य परिषद के चेयरमैन एवं एस्ट्रिक ग्रुप के संस्थापक श्री प्रभात कुमार सिन्हा ने स्वागत भाषण देते हुए राज्य के कृषि क्षेत्र में नवाचार, सहयोग तथा नीति समर्थन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. पल्लव शेखर, डीन, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय ने पशुपालन क्षेत्र में डिजिटल नवाचार, अनुसंधान तथा जीनोमिक्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ. आदित्य सिन्हा, कार्यकारी निदेशक, सी-डैक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डिजिटल समाधानों के माध्यम से कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्रों में परिवर्तन की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर श्री संजीव चौरसिया, माननीय विधायक, बिहार सरकार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि श्री एरिक सोलहाइम, अध्यक्ष, यूरोप–एशिया सेंटर, ब्रुसेल्स अतिथि सम्मान के रूप में शामिल हुए। मुख्य अतिथि श्री राम कृपाल यादव, माननीय कृषि मंत्री, बिहार सरकार ने अपने संबोधन में किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक को अपनाने तथा सतत कृषि प्रणाली को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
सम्मेलन में “बिहार की बात मंत्री जी के साथ” शीर्षक से एक विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को कृषि मंत्री के साथ सीधे संवाद का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में तकनीक आधारित कृषि परिवर्तन, प्रिसिजन फार्मिंग, मत्स्य पालन एवं पोल्ट्री क्षेत्र में नवाचार, जलवायु-अनुकूल कृषि रसायन, एग्रोवोल्टिक्स, सौर ऊर्जा आधारित कोल्ड चेन अवसंरचना तथा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सोलर ड्रायर जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
तकनीकी सत्रों में “प्रौद्योगिकी आधारित कृषि परिवर्तन: नवाचार से प्रभाव तक” तथा “कृषि में हरित विकास: सतत उत्पादकता और लचीली कृषि प्रणालियों को बढ़ावा” जैसे विषयों पर विमर्श हुआ। इन सत्रों में सतत अंतर्देशीय मत्स्य पालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पोल्ट्री प्रबंधन, ग्रामीण उद्यमिता, जलवायु-अनुकूल कृषि रसायन, एग्रोवोल्टिक्स, सौर ऊर्जा आधारित कोल्ड चेन अवसंरचना तथा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सोलर ड्रायर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
अंत में आईसीसी स्किल, एजुकेशन एवं आईटी समिति के सह-अध्यक्ष श्री ज्ञानेंद्र शरण ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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