राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान, ममता बनर्जी ने लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ी – संजय सरावगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान, ममता बनर्जी ने लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ी – संजय सरावगी

*देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान बर्दाश्त नहीं – ममता बनर्जी माफी मांगें: संजय सरावगी*

*राष्ट्रपति का अपमान पूरे देश का अपमान, TMC की अहंकारी राजनीति उजागर – संजय सरावगी*

*द्रौपदी मुर्मू का अपमान कर ममता बनर्जी ने आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई – संजय सरावगी*

*संवैधानिक प्रोटोकॉल की अनदेखी लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत – संजय सरावगी का ममता सरकार पर हमला*

पटना, 7 मार्च
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के साथ किया गया व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं और उनके प्रोटोकॉल की इस तरह अनदेखी करना पूरे राष्ट्र का अपमान है।
प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय सरावगी जी ने कहा कि यह सिर्फ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का नहीं, बल्कि पूरे देश और हमारे संवैधानिक संस्थानों का अपमान है। यह और भी पीड़ादायक है कि द्रौपदी मुर्मू जी स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं, फिर भी ममता बनर्जी की सरकार ने जिस तरह से उनका अपमान किया, वह तृणमूल कांग्रेस की अहंकारी और अराजक राजनीति को उजागर करता है।
श्री सरावगी जी ने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक पदों का सम्मान सर्वोपरि होता है। ममता बनर्जी को इस कृत्य के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। इस तरह का व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

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