विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बिहार के युवाओं ने पूरे किये 70 घंटे का प्रशिक्षण: डॉ. कौशल किशोर, सचिव, युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग
*विदेशों में रोजगार के इच्छुक युवा विदेशी भाषा प्रशिक्षण की अधिक जानकारी के लिए संपर्क सूत्र 8866145375 पर करें कॉल*
पटना। बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा राज्य के युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत दशरथ मांझी श्रम एवं रोजगार अध्ययन संस्थान, पटना में विदेशी भाषा केंद्र की स्थापना कर इंग्लिश, जर्मन, जापानी और अरबी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत 13 मार्च 2026 तक युवाओं विभिन्न स्तरों पर कुल 70 घंटे का प्रशिक्षण पूरा कर लिया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है, ताकि वे बिना किसी भाषाई बाधा के विदेशों में बेहतर करियर बना सकें।
बिहार कौशल विकास मिशन के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी -सह- सचिव, युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव, डॉ. कौशल किशोर ने बताया की यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क है और इसका लक्ष्य युवाओं को भाषा कौशल के साथ-साथ वैश्विक कार्य वातावरण के लिए तैयार करना है। 22 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इंग्लिश, जर्मन और जापानी भाषा में 30-30 तथा अरबी भाषा में 25 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। सभी प्रतिभागियों ने अब तक A1.1 स्तर पर 60 घंटे का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जबकि A1.2 स्तर पर 93 घंटे का प्रशिक्षण जारी है। कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 360 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाना निर्धारित है। बता दें कि 9 फरवरी 2026 को A1.1 स्तर की परीक्षा भी आयोजित की गई थी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कक्षा शिक्षण के साथ-साथ छात्रों को वैश्विक करियर से संबंधित मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। अंग्रेजी भाषा के सत्रों में छात्रों की संवाद क्षमता, प्रस्तुति कौशल और पेशेवर व्यवहार को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। करियर विशेषज्ञ काव्या के. द्वारा छात्रों को भारत और विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। इन सत्रों में इंटरव्यू की तैयारी, कार्यस्थल पर संवाद शैली और अंतरराष्ट्रीय पेशेवर शिष्टाचार जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
जर्मन भाषा के प्रशिक्षण के अंतर्गत जर्मनी में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर विशेष ऑनलाइन काउंसलिंग सत्र आयोजित किया गया। जर्मनी के डसेलडॉर्फ में कार्यरत प्रोफेसर शाश्वत पी. ने छात्रों को वहां के जीवन, पढ़ाई और रोजगार के अवसरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके अलावा जर्मनी में उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध छात्रवृत्ति, अनुदान और शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार से बताया गया तथा वीजा प्रक्रिया और भाषा आवश्यकताओं पर मार्गदर्शन दिया गया।
जापानी भाषा के छात्रों के लिए भी कई विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें जापान के तकनीकी इंटर्न प्रशिक्षण कार्यक्रम (TITP) और स्पेसिफाइड स्किल्ड वर्कर (SSW) योजना के तहत रोजगार अवसरों की जानकारी दी गई। छात्रों को जापान में अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं की मांग वाले क्षेत्रों जैसे मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, हॉस्पिटैलिटी और स्वास्थ्य सेवा के बारे में बताया गया। इसके साथ ही जापान के राष्ट्रीय दिवस पर सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर छात्रों को जापानी संस्कृति और कार्यशैली से परिचित कराया गया। एक पैनल चर्चा में उद्योग प्रतिनिधियों ने जापानी कॉर्पोरेट संस्कृति और रोजगार अपेक्षाओं पर भी प्रकाश डाला।
अरबी भाषा के प्रशिक्षण के तहत विशेष सत्र आयोजित कर छात्रों को खाड़ी देशों और अन्य अरबी भाषी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। इराक से आए विनिमय प्रोफेसर डॉ. हनी ने अरबी भाषा के वैश्विक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मध्य-पूर्व के देशों में स्वास्थ्य, इंजीनियरिंग, व्यापार, हॉस्पिटैलिटी और शिक्षा के क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की बड़ी मांग है। उन्होंने छात्रों को अरबी भाषा को एक रणनीतिक वैश्विक भाषा के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विदित हो कि बिहार सरकार की यह पहल राज्य के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि कोई युवा विदेशी भाषा में प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहता है तो वह पटना स्थित सेंटर फॉर फॉरेन लैंग्वेजेज से संपर्क कर सकता है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 8866145375 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस पहल से उम्मीद है कि बिहार के युवा विदेशों में रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकेंगे।
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