राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं, पर्याप्त भंडार उपलब्ध : रामकृपाल यादव
कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री पर सख्ती, जीरो टॉलरेंस नीति लागू
उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के माध्यम से सघन निरीक्षण अभियान
-राम कृपाल यादव।
जिस क्षेत्र में उर्वरकों की बिक्री में अनियमितता पाई जाएगी वहां के रिटेलर, होलसेलर और संबंधित पदाधिकारी सभी पर कार्रवाई होगी
(दिनांक 06.01.2026)
माननीय कृषि मंत्री, बिहार श्री राम कृपाल यादव ने आज कृषि भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य के किसी भी जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों को रबी मौसम के दौरान समय पर, निर्बाध एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
माननीय मंत्री ने जानकारी दी कि दिनांक 06.01.2026 को राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान स्टॉक के अनुसार राज्य में 2.16 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.40 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.21 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.35 लाख मीट्रिक टन एमओपी तथा 1.10 लाख मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। यह भंडार किसानों की वर्तमान एवं आगामी आवश्यकता की पूर्ति के लिए पूर्णतः पर्याप्त है।
उन्होंने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में लगातार छापामारी एवं निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। रबी मौसम 2025-26 के दौरान (दिनांक 06.01.2026 तक) उर्वरक वितरण में पाई गई अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त कदम उठाए गए हैं। इस अवधि में 37 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है, 100 उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं तथा 132 उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं।
माननीय कृषि मंत्री ने बताया कि उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रभावी निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर उड़नदस्ता दल द्वारा निरंतर छापामारी एवं निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। उड़नदस्ता दल द्वारा रबी मौसम 2025-26 के दौरान अब तक 23 मामलों में अनियमितता प्रतिवेदित की गई है, जिनमें 2 उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द तथा 17 प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि जिलों में उर्वरक की कालाबाजारी को रोकने एवं अधिक मूल्य पर विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समितियों की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं। किसानों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित उर्वरक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिसम्मत कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि प्रखंडवार उर्वरक का उप-आवंटन स्थानीय आवश्यकता एवं आच्छादन के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
माननीय मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग के पदाधिकारियों की जांच टीमों द्वारा नियमित रूप से उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं छापामारी की जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरक की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इस क्रम में सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित कर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। पूर्वी चम्पारण जिले के नेपाल से सटे सीमावर्ती प्रखंडों में की गई छापामारी के दौरान रबी 2025-26 में 4 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है, 11 उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं तथा 2 प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध स्पष्टीकरण एवं विभागीय कार्रवाई की जा रही है। व्हाट्सएप एवं हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित संज्ञान लेते हुए पटना, शेखपुरा एवं सुपौल जिलों में दोषी उर्वरक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है।
माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। केंद्र एवं राज्य सरकारें अन्नदाता किसानों के साथ मजबूती से खड़ी हैं। राज्य के किसी भी जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक के साथ नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। किसानों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार हर स्तर पर सख्त निगरानी कर रही है ताकि उर्वरक समय पर और उचित मूल्य पर उपलब्ध हों। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य वसूली पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। दोषी डीलर, कंपनी प्रतिनिधि या पदाधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है और किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
कृषि विभाग, बिहार के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को समय पर, निर्बाध एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी जिले में कमी की स्थिति नहीं है। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सघन निगरानी, उड़नदस्ता दलों की सक्रियता तथा जिला एवं प्रखंड स्तर पर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा दोषी पदाधिकारियों और उर्वरक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। किसानों के हित सर्वाेपरि हैं और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कृषि निदेशक, बिहार श्री सौरभ सुमन यादव ने कहा कि राज्य में उर्वरक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, अनुशासित और किसानोन्मुख बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। सभी जिलों में उपलब्ध उर्वरक भंडार की नियमित समीक्षा, प्रखंडवार उप-आवंटन तथा भौतिक सत्यापन सुनिश्चित कराया जा रहा है। उड़नदस्ता दलों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय निगरानी समितियों तथा जांच दलों के माध्यम से कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषी उर्वरक प्रतिष्ठानों के प्राधिकार पत्र निलंबन एवं रद्दीकरण सहित विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। किसानों को उचित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
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