ग्रामीण भारत महोत्सव में खरीददारों की उमड़ी भीड़
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), बिहार क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा गांधी मैदान, पटना में आयोजित ग्रामीण भारत महोत्सव, बिहार-2025 के पांचवे दिन भी खरीददारों की भीड़ उमड़ी। पश्मीना शॉल (जम्मू और कश्मीर), बनारसी साड़ी (उत्तर प्रदेश), भागलपुर सिल्क (बिहार), नालंदा के बावन बूटी कपड़े, ऊनी वस्त्र (हिमाचल प्रदेश), जोधपुरी बंधेज (राजस्थान), टीकमगढ़ पीतल कला (मध्य प्रदेश), एरी और मूंगा रेशम (असम), गया (बिहार) के पत्थरकटी पत्थर शिल्प, नेतिपट्टम कला (केरल), कलमकारी (आंध्र प्रदेश) की खरीद में पटनावासी विशेष रूचि दिखा रहे हैं। ग्रामीण हस्तशिल्प के लिए लगाई गई जीवंत प्रदर्शिनी लोगों के आकर्षण का केंद्र है और शहरवासी कौतूहल के साथ ग्रामीण हस्तशिल्प तैयार होते देख पा रहे हैं। अबतक इस महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों के डेढ़ से दो करोड़ रुपए के उत्पादों की बिक्री हुई है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), बिहार क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा गांधी मैदान, पटना में दिनांक 19 से 28 दिसम्बर 2025 तक ग्रामीण भारत महोत्सव, बिहार-2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण विकास, स्वावलंबन, महिला सशक्तिकरण एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है। इस महोत्सव में एक सौ से ज़्यादा स्टॉल लगे हैं, जो नाबार्ड, खादी एवं ग्रामोद्योग संघ, ट्राइब्स, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ़ हैंडीक्राफ्ट्स तथा अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा संवर्धित लगभग दो सौ ग्रामीण कारीगर, बुनकर एवं उत्पादक भाग ले रहे हैं।
ग्रामीण भारत महोत्सव में प्रतिदिन संध्या 5 से 7 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है एवं आगामी दिनों में भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी एवं जागरूकता गतिविधियों का क्रम जारी रहेगा।
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