बिहार की सड़कों पर पाॅलिटिकल टूरिज्म, जनता के मुद्दों पर मौन - राजीव रंजन प्रसाद

बिहार की सड़कों पर पाॅलिटिकल टूरिज्म, जनता के मुद्दों पर मौन - राजीव रंजन प्रसाद


पटना, 01 सितम्बर 2025

    जद (यू) राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री राजीव रंजन प्रसाद ने राहुल गांधी एवं तेजस्वी यादव की वोट अधिकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी की तथाकथित वोटर अधिकार यात्रा महज पाॅलिटिकल पर्यटन और पीआर इवेंट से ज्यादा कुछ नहीं रही। बिहार की जनता से इसका कोई जुड़ाव नहीं रहा, क्योंकि जनता विकास चाहती है, जबकि इस पूरी यात्रा के दौरान विपक्ष केवल झूठ फैलाने में व्यस्त रहा।

    तेजस्वी यादव इस यात्रा में कांग्रेस को विपक्ष की अगुवाई करने का स्पेस देकर खुद केवल पीछे-पीछे चलते रहे। कांग्रेस के नेताओं द्वारा बार-बार बिहार का अपमान करने के बावजूद उनका स्वागत करके राजद ने यह साबित कर दिया कि बिहार और बिहार के लोग उनके लिए आज भी कोई मायने नहीं रखते। यही वजह है कि यात्रा के अंतिम पड़ाव तक कांग्रेस ने तेजस्वी को सीएम का चेहरा घोषित नहीं किया और उन्हें खुद को उम्मीदवार बताना पड़ा।

     उन्होंने कहा कि कथित वोटर अधिकार यात्रा के दौरान राहुल गांधी एवं तेजस्वी यादव बार-बार संविधान की बातें करते रहे, लेकिन उन्होंने बिहार की अस्मिता,जननायक कर्पूरी ठाकुर का अपमान करने का काम किया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पटना के उसी गांधी मैदान को अंतिम पड़ाव बनाया, जहां कांग्रेस ने 1974 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण पर बर्बर लाठीचार्ज कराया था। कांग्रेस और राजद के युवराजों को यह याद रखना चाहिए कि आपातकाल और लाठीचार्ज के काले धब्बे बिहार की जनता कभी नहीं भूलेगी।

      दरभंगा की धरती से माननीय प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ गाली-गलौज की राजनीति करने वाले नेताओं का स्वागत करके विपक्ष ने बिहार की जनता का अपमान किया है। 16 दिन की इस यात्रा में विपक्ष ने चुनाव आयोग को निशाना बनाया, जबकि सच यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के जनहितकारी कार्यों और उनकी ईमानदार छवि का उनके पास कोई जवाब नहीं है। यह यात्रा दरअसल बिहार में खो चुकी कांग्रेस को पुनर्जीवित करने का प्रयास थी, न कि बिहार की जनता के अधिकारों के लिए कोई लड़ाई।

    आज बिहार की चकाचक सड़कें, जगमगाती बिजली, मजबूत कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास देखकर कांग्रेस और राजद के तमाम नेताओं को भी यह अहसास जरूर हुआ होगा कि यह 80-90 के दशक का कांग्रेस का बिहार या 1990 से 2005 तक का जंगलराज नहीं है। यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सुशासन वाला बिहार है।
     2005 में सत्ता संभालते ही नीतीश कुमार जी ने कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया और सुशासन की नींव रखी। आज युवाओं के लिए एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य तय है और अगस्त 2025 तक 50 लाख रोजगार और नौकरी का वादा पूरा भी कर दिखाया गया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से हर परिवार की महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है, कौशल विश्वविद्यालय और युवा आयोग से नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं।

    साफ है कि बिहार आगे बढ़ रहा है, विकास के रास्ते पर दौड़ रहा है। जबकि विपक्ष केवल झूठ की खेती कर रहा है। बिहार की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो कहते हैं, वो करके दिखाते हैं।



                         

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