डीएम ने की राजस्व मामलों में प्रगति की समीक्षा

डीएम ने की राजस्व मामलों में प्रगति की समीक्षा


दाखिल-खारिज में 97.41 प्रतिशत आवेदनों को निष्पादित किया गया है
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दाखिल-खारिज में 75 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को 31 मार्च तक शत-प्रतिशत निष्पादित करें; अन्यथा लापरवाह अंचलाधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगीः डीएम
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सभी अंचल अधिकारियों को राजस्व कर्मचारीवार प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने का डीएम ने दिया निदेश, लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले राजस्व कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी
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पटना, सोमवार, दिनांक 10.03.2025ः 

1. समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह द्वारा आज राजस्व मामलों की समीक्षा की गई। उन्होंने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, अभियान बसेरा, भूमि नापी, भूमि विवाद निराकरण, आधार सीडिंग, अतिक्रमण उन्मूलन, सीमांकन, विशेष सर्वेक्षण, भू-अर्जन, भूमि उपलब्धता एवं हस्तानांतरण सहित विभिन्न मामलों में अंचलवार अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न अंचलों में दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक समय से 9,217 मामले लंबित हैं। यह अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारियों को अंतिम रूप से 31 मार्च तक का समय दिया जाता है। इस तिथि तक दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक समय के सभी मामलों को शत-प्रतिशत निष्पादित करते हुए हर एक अंचल अधिकारी शून्य कर लें अन्यथा लापरवाह अंचल अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को यह भी निदेश दिया कि नए आवेदनों में से एक भी आवेदन एक्सपायर्ड नहीं होनी चाहिए। पुराने एक्सपायर्ड आवेदनों को नियमानुसार शीघ्र निष्पादित करते हुए नए आवेदनों को समय-सीमा के अंदर शत-प्रतिशत निष्पादित करने का निदेश दिया गया। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निदेश दिया कि प्राप्त आवेदनों की संख्या की तुलना में निष्पादित आवेदनों की संख्या समानुपातिक रूप से अधिक रखें ताकि बैकलॉग शीघ्र खत्म किया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला में 15 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (एपीएचसी) तथा 335 स्वास्थ्य उप केन्द्रों (एचएससी) के भवन निर्माण के लिए जमीन की आवश्यकता है। अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (एपीएचसी) के भवन निर्माण हेतु 15,000 वर्गफीट जमीन तथा स्वास्थ्य उप केन्द्र (एचएससी) के भवन निर्माण हेतु 3000 वर्गफीट (6 डिसमिल) जमीन की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कैम्प मोड में जमीन खोजकर एक सप्ताह के अंदर अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) उपलब्ध कराने का निदेश दिया।
     
जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में गुणात्मक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को राजस्व कर्मचारीवार प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने का निदेश दिया। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले राजस्व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा करने का निदेश दिया गया। समाहर्ता द्वारा अपर समाहर्ता को सभी अंचलों में सबसे अच्छा एवं सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले राजस्व कर्मचारियों का अंचलवार समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि लापरवाह राजस्व कर्मचारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी। अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ उनके डिसमिसल की भी प्रक्रिया विधिवत तौर पर प्रारंभ की जाएगी। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि कार्यों में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी 26 अंचल अधिकारियों को अपने-अपने अधीनस्थ राजस्व कर्मचारियों पर समुचित नियंत्रण रखने का निदेश दिया। सरकार की विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लिए भूमि चिन्हित कर शीघ्र प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने जमाबंदियों के आधार सीडिंग में सभी अधिकारियों को तेजी लाने का निदेश दिया गया। परिमार्जन प्लस के मामलों को तीव्र गति से निष्पादित करने का निदेश दिया गया। अधिकारियों को अभियान बसेरा के तहत पात्र व्यक्तियों को विधिवत योजना का लाभ देने का निदेश दिया गया।

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समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी द्वारा दीदारगंज, सम्पतचक, बेलछी के अंचल अधिकारियों से कार्यों में गंभीर लापरवाही के कारण स्पष्टीकरण किया गया। इन अधिकारियों का प्रदर्शन विभिन्न मानकों पर लगातार खराब है। सम्पतचक में 75 दिनों से अधिक दाखिल-खारिज के 1,871 मामले लंबित है तथा विगत एक सप्ताह में यहाँ के अंचल अधिकारी द्वारा ऐसे केवल 20 मामलों को ही निष्पादित किया गया है। दीदारगंज में 75 दिनों से अधिक दाखिल-खारिज के 1,129 मामले लंबित है तथा एक सप्ताह में यहाँ के अंचल अधिकारी द्वारा ऐसे केवल 132 मामलों को निष्पादित किया गया है। बेलछी में विगत 15 दिनों में भूमि मापी के एक भी मामले को निष्पादित नहीं किया गया है। यहाँ के अंचल अधिकारी द्वारा इरादतन भूमि मापी के 5 मामलों को  लंबे समय से लंबित रखा गया है। 
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जिले में 75 दिनों से अधिक लंबित दाखिल-खारिज के मामलों की समीक्षा में पाया गया कि इस मानक पर अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन करने वाले अंचलों में पंडारक में 1 मामले, घोसवरी में 1 मामले, दनियावाँ में 4 मामले, बिक्रम में 7 मामले तथा पालीगंज में 9 मामले लंबित हैं। खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में बिहटा में 2,816 मामले, सम्पतचक में 1,871 मामले, दीदारगंज में 1,129 मामले, दानापुर में 574 एवं नौबतपुर में 493 मामले लंबित हैं। डीएम डॉ. सिंह ने इसपर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए दाखिल-खारिज में खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों के अंचलाधिकारियों को स्थिति में तुरंत सुधार लाने का निदेश दिया। उन्होंने निदेश दिया कि *जिन अंचलों में दाखिल-खारिज के 75 दिनों से अधिक लंबित मामलों की संख्या एक अंक में है वे इसे अविलंब निष्पादित करें, जिन अंचलों में ऐसे लंबित मामलों की संख्या दो अंकों में है उन्हें एक सप्ताह में तथा तीन अंकों में लंबित मामलों की संख्या वाले अंचलों को दो सप्ताह में शत-प्रतिशत निष्पादित करने का निदेश दिया गया। तीन अंचलों- बिहटा, सम्पतचक एवं दीदारगंज- में 75 दिनों से अधिक दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की संख्या चार अंकों में है जिन्हें 31 मार्च तक ऐसे सभी मामलों को हर हाल में निष्पादित करने का निदेश दिया गया*। 
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जिलाधिकारी ने कहा कि जिला में आवेदनों के निष्पादन में गति आई है। विगत 07 दिनों में दाखिल-खारिज के पटना जिला में निष्पादित किए गए वादों की संख्या 4,502 है जबकि 1,570 मामले प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों की संख्या में निष्पादन लगभग तीन गुणा है। यह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि कई अंचलाधिकारियों द्वारा प्राप्त वादों की तुलना में निष्पादन में अच्छी प्रगति की गई है। हम उनके प्रयास की सराहना करते हैं।

जिलाधिकारी ने सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को भूमि विवाद निराकरण (बीएलडीआरए), म्यूटेशन अपील एवं अभियान बसेरा के मामलों में विशेष रूचि लेते हुए त्वरित निष्पादन करने का निदेश दिया। उन्होंने निदेशित किया कि बीएलडीआरए कोर्ट में 90 दिनों से अधिक के लंबित मामलों को नियमानुसार शीघ्र निष्पादित करें। म्यूटेशन अपील के 30 दिनों से अधिक लंबित मामलों को विधिवत शीघ्र निष्पादित करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा सभी भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को निदेश दिया गया कि दाखिल-खारिज के अपील मामलों एवं बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम (बीएलडीआरए) के तहत मामलों का समय-सीमा के अंदर विधिवत निष्पादन के साथ ही अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत सभी अंचलों का निरीक्षण करें एवं राजस्व कार्यों का अनुश्रवण कर सरकार के निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराएँ।   

जिलाधिकारी ने अंचलवार समीक्षा करते हुए कहा कि जिन-जिन अंचलों में दाखिल-खारिज के बहुत अधिक मामले 75 दिनों से अधिक समय से लंबित है वहाँ जिला-स्तर से जाँच करायी जा रही है। उन्होंने निदेश देते हुए कहा कि हर भूमि सुधार उप समाहर्ता प्रत्येक सप्ताह कम-से-कम एक अंचल का निरीक्षण कर प्रतिवेदन दें। कर्मचारीवार विस्तृत समीक्षा करें। समाहर्ता डॉ. सिंह ने कहा कि विभिन्न विभागों यथा सामान्य प्रशासन, कल्याण, पंचायती राज, समाज कल्याण एवं अन्य की विभिन्न योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराया जाना है। जिलाधिकारी द्वारा अपर समाहर्ता को जमीन चिन्हित करने, हस्तांतरण आदि की लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निदेश दिया गया। डीएम डॉ. सिंह ने अपर समाहर्ता को निदेश दिया कि प्राथमिकता के आधार पर भूमि चिन्हित करने के कार्य का अनुश्रवण करें। चिन्हित भूमियों का अनापत्ति प्रमाण-पत्र अंचलाधिकारियों द्वारा शीघ्र उपस्थापित कराएँ। प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारियों, विकास मित्रों, सीडीपीओ इत्यादि प्रखंड स्तरीय विभागीय पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए भूमि को चिन्हित करने के कार्य में तेजी लाई जाए। अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को आ रही समस्याओं का समाधान करने का निदेश दिया गया। 

भूमि सुधार उप समाहर्ताओं एवं अंचल अधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व प्रशासन आपका कोर कार्य है। आप सभी को इसी भावना से काम करना चाहिए। फिर भी ऐसा संज्ञान में आता है कि आम लोगों को काफी असुविधा हो रही है। लोगों को काफी शिकायतें हैं। यह खेदजनक है। सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुपालन में शिथिलता के विरूद्ध जिला प्रशासन की शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) है। उन्होंने कहा कि आज की तिथि में दाखिल-खारिज के लंबित मामलों की संख्या 28,218 है जिसमें 9,217 आवेदन 75 दिनों से अधिक समय से लंबित है। उन्होंने निदेश दिया कि समय सीमा से अधिक एक भी आवेदन लंबित नहीं रहनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन के आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर निष्पादन नहीं करने, नापीवाद एवं अतिक्रमणवाद का विधिवत संचालन नहीं करने पर दोषी अधिकारियों पर जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। 

डीएम डॉ. सिंह ने अंचल अधिकारियों को 90 दिन से अधिक समय से अतिक्रमण के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निदेश दिया। 

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों की अभी साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला-स्तर से टीम बनाकर हर एक अंचल का निरीक्षण कराया जाएगा। लंबित सबसे पुराने मामलों की समीक्षा की जाएगी। वे भी समय-समय पर अंचल कार्यालयों का निरीक्षण करते हैं। यदि कोई अनियमितता उजागर होती है तो राजस्व कर्मचारी एवं अंचलाधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि वे भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायालय कार्यों की समीक्षा करेंगे। जिलाधिकारी द्वारा अपर समाहर्ता को राजस्व मामलों का नियमित अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया। 

आज की बैठक में डीएम डॉ. सिंह ने खारिज-दाखिल एवं परिमार्जन प्लस में आवेदनों के निष्पादन की स्थिति, मामलों के लंबित रहने के कारण एवं अन्य मानकों पर गहन समीक्षा की।

समीक्षा में पाया गया कि दिनांक 08 मार्च, 2025 तक दाखिल-खारिज के 9,37,268 प्राप्त आवेदनों में से 9,12,992 आवेदनों को निष्पादित किया गया है जो प्राप्त आवेदनों का 97.41 प्रतिशत है। आवेदनों को अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए डीएम डॉ. सिंह ने पाया कि दिनांक 01 मार्च, 2025 से 08 मार्च, 2025 तक पूरे जिले में दाखिल-खारिज के प्राप्त एवं निष्पादित वादों की संख्या क्रमशः 1,570 तथा 4,502 है। डीएम डॉ. सिंह ने सभी आवेदनों का ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने का आदेश दिया। डीएम डॉ. सिंह ने अंचलाधिकारियों को निदेश दिया कि प्राप्त आवेदनों की तुलना में नियमानुसार निष्पादन की गति तेज रखें ताकि बैकलॉग को तुरत खत्म किया जा सके। उन्होंने विशेष प्रयास कर समय-सीमा पार लंबित मामलों को शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया। अंचल अधिकारियों को नोटिस की संख्या बढ़ाने का निदेश दिया गया। 

अद्यतन प्रगति की समीक्षा में यह पाया गया कि दिनांक 01 मार्च, 2025 से 08 मार्च, 2025 तक दाखिल-खारिज के मामले में बिहटा, पटना सदर, पटना सिटी, दुल्हिनबाजार एवं फुलवारीशरीफ ने अच्छी प्रगति की है जबकि दनियावाँ, खुशरूपुर, पंडारक, बाढ़ एवं बख्तियारपुर का खराब प्रदर्शन रहा है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि दाखिल-खारिज के आवेदनों को अस्वीकृत करने में विशेष सावधानी बरतें तथा सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला में यह दर 37.27 प्रतिशत है। इससे अधिक जिन-जिन अंचलों में दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत किया गया है वहाँ भूमि सुधार उप समाहर्ता समीक्षा कर प्रतिवेदन देंगे। 

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के अंदर दाखिल खारिज नहीं करने वाले दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अपर समाहर्ता को निदेश दिया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु प्रस्ताव उपस्थापित करें।  

परिमार्जन प्लस (डिजिटायज्ड जमाबंदी में सुधार) की समीक्षा में पाया गया कि कुल प्राप्त आवेदनों 58,116 में 15,012 आवेदन लंबित है। इसमें सीओ स्तर पर 3,467; कर्मचारी स्तर पर 10,634 एवं राजस्व अधिकारी स्तर पर 911 है। पटना सिटी में सबसे अधिक मामला (66.01 प्रतिशत) लंबित है। परिमार्जन प्लस (ऑनलाईन अनुपलब्ध जमाबंदी के डिजिटाइजेशन) के कुल प्राप्त आवेदनों 38,156 में से 16,886 आवेदन लंबित है। इसे नियमानुसार शीघ्र निष्पादित करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारियों को तुरत सुधार लाते हुए सभी अंचल अधिकारियों को सभी मामलों को शीघ्र निष्पादित करने का निदेश दिया। 

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि विभिन्न माध्यमों यथा समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक चैनल्स, लोक शिकायत एवं जनता से साक्षात्कार के क्रम में यह पता चलता है कि दाखिल खारिज आवेदनों का ससमय निष्पादन नहीं किया जाता है एवं बिना उचित कारण के आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक है। बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011 एवं बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 में दाखिल खारिज आवेदनों के निष्पादन की अवधि एवं विधि का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। डीएम डॉ सिंह ने कहा कि दाखिल खारिज आवेदनों को प्रत्येक स्तर पर यथा दाखिल खारिज आवेदनों के निष्पादन की कार्रवाई करने वाले प्रत्येक कर्मी/पदाधिकारी द्वारा तय अवधि एवं विधि द्वारा निष्पादित किया जाएगा तथा बिना स्पष्ट/उचित कारण के आवेदनों को अस्वीकृत नहीं किया जाएगा। सभी अंचल अधिकारी एवं राजस्व अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि दाखिल खारिज आवेदनों को निष्पादित करने के क्रम में मानकों का अनुपालन करें। साथ ही आवेदनों को निष्पादित करने के क्रम में किसी कर्मी/पदाधिकारी द्वारा बिना स्पष्ट कारण के यदि अस्वीकृत किया जाता है तथा तय समय-सीमा से अधिक समय लिया जाता है तो ऐसी स्थिति में अविलंब इस संबंध में जिम्मेदार कर्मी एवं पदाधिकारी को चिन्हित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर कार्रवाई की अनुशंसा के साथ प्रतिवेदन उपस्थापित करें। अपर समाहर्ता को निदेशित किया गया कि दोषी पाए जाने की स्थिति में आरोप-पत्र गठित कर विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि खारिज-दाखिल एवं परिमार्जन प्लस में शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभिन्न मानकों पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलाधिकारी इस माह के अंत तक अपेक्षित सुधार ले आएँ। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।

डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि सभी अंचलाधिकारी राजस्व कर्मचारीवार नियमित समीक्षा करें। साथ ही सभी भूमि-सुधार उप समाहर्ता अंचलाधिकारियों के कार्यों का लगातार अनुश्रवण करें। 

डीएम डॉ. सिंह ने राजस्व-कार्यों में संलग्न अधिकारियों को प्रतिबद्धता एवं तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया।

आज की इस बैठक में समाहर्ता के साथ अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलों के अंचलाधिकारी एवं अन्य भी उपस्थित थे।

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