विश्व हृदय दिवस के अवसर पर आईजीआईएमएस, पटना के कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विश्व हृदय दिवस के अवसर पर आईजीआईएमएस, पटना के कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनता को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करना, उनके जोखिम कारकों की जानकारी देना तथा हृदय रोगों की रोकथाम एवं समय पर उपचार के महत्व को समझाना था।
हृदय रोग आज विश्वभर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। भारत में भी हृदय संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित व्यायाम करके, संतुलित आहार लेकर तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाकर हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
यह कार्यक्रम आईजीआईएम ओपीडी काम्प्लेक्स में आयोजित किया गया था जिसके मुख्य अतिथि प्रो डॉ बिंदे कुमार, निदेशक, , प्रो डॉक्टर ओम कुमार, प्रो डॉक्टर नीरू गोयल, प्रो डॉक्टर अमन कुमार और प्रो डॉक्टर समरेंद्र कुमार थे
कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रवि विष्णु प्रसाद ने सबका स्वागत किया और विश्व हृदय दिवस 2026 की थीम “Don’t Miss A Beat” पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक धड़कन जीवन का प्रतीक है और हृदय स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती है। अपने संबोधन में उन्होंने कार्डियोलॉजी विभाग की वर्ष 2026 की प्रमुख उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाग ने इस वर्ष जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन, संरचनात्मक हृदय रोगों के उपचार, उन्नत इमेजिंग तकनीकों तथा उच्च जोखिम वाले रोगियों के सफल उपचार में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि आईजीआईएमएस का कार्डियोलॉजी विभाग आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों और समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से बिहार एवं पूर्वी भारत के रोगियों को उच्चस्तरीय हृदय चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने हृदय रोगों के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
प्रोप्रो. (डॉ.) बिंदे कुमार, उन्होंने हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान, मोटापा, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल एवं तनाव पर चर्चा की तथा नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
प्रो. (डॉ.) ओम कुमार, उन्होंने हृदय रोगों के आधुनिक उपचार, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर एवं अन्य उन्नत तकनीकों की जानकारी दी तथा हृदय संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी।
प्रो. (डॉ.) नीरू गोयल , उन्होंने दवाओं के नियमित सेवन एवं चिकित्सकीय सलाह का पालन करने के महत्व पर बल दिया तथा बिना परामर्श दवा बंद न करने की सलाह दी।
प्रो. (डॉ.) अमन कुमार , उन्होंने कार्डियोलॉजी में नई तकनीकों, जटिल एंजियोप्लास्टी, इंट्रावास्कुलर इमेजिंग एवं आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी साझा की।
प्रो. (डॉ.) समरेन्द्र कुमार , उन्होंने हृदय रोगों की रोकथाम पर जोर देते हुए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव नियंत्रण एवं तंबाकू-मुक्त जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
(Walk for Heart)
जन-जागरूकता कार्यक्रम के पश्चात “Walk for Heart” का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 150 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस पदयात्रा का उद्देश्य लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधि के महत्व से अवगत कराना तथा हृदय स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक संदेश देना साथ में कार्डियोलॉजी विभाग के रेजिडेंट चिकित्सकों, कैथ लैब टीम, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियनों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन, जन-जागरूकता गतिविधियों तथा “Walk for Heart” अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉक्टर गौतम , और डॉक्टर चन्द्रभानु चंदन ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हृदय रोगों के विरुद्ध लड़ाई केवल अस्पतालों में नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जागरूकता और सहभागिता से ही जीती जा सकती है।
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