वज्रपात से बचाव के लिए व्यवहार परिवर्तन सबसे प्रभावी उपाय : जिलाधिकारी
रोहतास में 'ग्राम स्तरीय जन-जागरूकता कार्यक्रम' के लिए 180 स्वयंसेवकों की 60 टीमों का हुआ उन्मुखीकरण
सासाराम, 29 जुलाई 2026।
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) द्वारा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, रोहतास के सहयोग से आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के अंतर्गत "वज्रपात से बचाव हेतु ग्राम स्तरीय जन-जागरूकता कार्यक्रम" विषय पर एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को जिला समाहरणालय परिसर स्थित DRDA हॉल में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री दीपक कुमार मिश्र ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के परियोजना पदाधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी श्री संदीप वर्मा, सहायक जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, कमांडेंट NCC, जिला संगठन आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी तथा 250 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री दीपक कुमार मिश्र ने कहा कि रोहतास जिला वज्रपात की दृष्टि से संवेदनशील है और प्रतिवर्ष अनेक जनहानियाँ होती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएँ जानकारी के अभाव में नहीं, बल्कि जोखिमपूर्ण व्यवहार के कारण होती हैं। लोग खराब मौसम के दौरान भी खेतों, खुले स्थानों अथवा पेड़ों के नीचे बने रहते हैं, जिससे हादसे घटित होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में व्यवहार परिवर्तन ही वज्रपात से होने वाली जनहानि को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों से समर्पित भाव से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि बदलते जलवायु परिदृश्य के कारण वज्रपात की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की कि वे ग्रामीण समुदाय को यह संदेश अवश्य दें कि खराब मौसम एवं गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। उन्होंने कहा कि व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से ही ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन), जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए अपने अनुभव साझा किए तथा इस अभियान को सफल बनाने में सभी विभागों के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में प्राधिकरण के परियोजना पदाधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी श्री संदीप वर्मा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि रोहतास जिला वज्रपात की घटनाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है तथा अधिकांश घटनाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में घटित होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान तैयार किया गया है, ताकि वज्रपात से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ गाँव-गाँव और अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सकें। वज्रपात से बचाव के संबंध में प्रतिभागियों को 30-30 नियम से भी अवगत कराया गया। इसके साथ साथ वज्रपात सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय स्तर की कार्ययोजना mpls के बारे प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत NCC एवं भारत स्काउट एवं गाइड के कैडेट्स के सहयोग से कुल 180 स्वयंसेवकों की 60 टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में तीन स्वयंसेवक होंगे, जो विभिन्न पंचायतों एवं गाँवों में जाकर ग्रामीणों को वज्रपात से बचाव, मौसम पूर्व चेतावनी तथा सुरक्षित व्यवहार संबंधी जानकारी देंगे। उन्होंने स्वयंसेवकों को यह भी निर्देश दिया कि यदि अभियान के दौरान मौसम खराब हो तो किसी भी परिस्थिति में जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित न करें तथा अपनी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। साथ ही उन्होंने जिला पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों से अभियान के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग का अनुरोध किया।
कार्यक्रम के समापन पर सहायक जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी विभागों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
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