बिहार के निर्माण श्रमिकों के लिए शुरू हो रही ‘श्रमिक अतिथिशाला’ और 'भोजशाला' योजना: मंत्री अरुण शंकर प्रसाद

बिहार के निर्माण श्रमिकों के लिए शुरू हो रही ‘श्रमिक अतिथिशाला’ और 'भोजशाला' योजना: मंत्री अरुण शंकर प्रसाद

प्रदेश के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को अब ₹5 (पाँच) में मिलेगा पौष्टिक भोजन : मंत्री 

- पहले चरण में पटना के नौ प्रमुख स्थानों पर होगा श्रमिक अतिथिशाला’ का संचालन, बाद में होगा विस्तार

- बिहार सरकार की 'भोजशाला' योजना से कार्यस्थल के पास मिलेगी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुविधा


बिहार सरकार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा दायरे को और मजबूत करने की दिशा में नई पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के द्वारा 'भोजशाला योजना'  और  ‘श्रमिक अतिथिशाला योजना’ की शुरुआत की जा रही है। इसकी जानकारी विभाग के माननीय मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने दी। उन्होंने बताया कि दोनों योजना बिहार सरकार श्रमिकों के सम्मानजनक जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए संचालित की जाएगी। 
मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि रोजगार की तलाश में शहरों में आने वाले निर्माण श्रमिकों तथा दूसरे राज्यों से लौटने वाले बिहार के श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक अस्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार 'श्रमिक अतिथिशाला' योजना शुरू कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में पटना के नौ (9) प्रमुख स्थानों—1. पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया, 2. पाटलिपुत्र स्टेशन, 3. बैरिया जीरोमाइल, 4. आईएसबीटी-कंकड़बाग, 5. दानापुर जंक्शन, 6. सगुना मोड़, 7. बिहटा कॉरिडोर, 8. नौबतपुर और 9. दीदारगंज में अतिथिशालाओं का संचालन किया जाएगा। बाद में इस सुविधा का विस्तार राज्य के अन्य जिलों तक किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि अतिथिशालाओं में महिला एवं पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री होगी, जिनमें क्रमशः 50 और 100 बेड की व्यवस्था रहेगी। श्रमिक यहां सामान्यतः 7 से 10 दिनों तक ठहर सकेंगे और विशेष परिस्थितियों में अवधि बढ़ाई भी जा सकेगी। अतिथिशालाएं 24 घंटे संचालित होंगी, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ अनुदानित दर पर भोजन और नाममात्र शुल्क पर आवास उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल पर संचालित होने वाली इस योजना के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरुआत की जा चुकि है और इसके शुरू होने से निर्माण श्रमिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा।
 
वहीं, 'भोजशाला (कैंटीन) योजना' को लेकर विभाग के मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए 'भोजशाला (कैंटीन) योजना' के तहत निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों को उनके कार्यस्थल के निकट मात्र ₹5 (पाँच रुपये) में स्वच्छ, ताज़ा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रथम चरण में पटना के प्रमुख श्रमिक एवं निर्माण क्षेत्रों में 10 भोजशालाओं का संचालन स्थायी कैंटीन और मोबाइल फूड वैन के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक भोजशाला में प्रतिदिन 300 नाश्ता और 300 दोपहर के भोजन सहित कुल 600 भोजन उपलब्ध होंगे, जबकि भोजन की शेष लागत का वहन बोर्ड करेगा।
*मंत्री, श्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि निर्माण श्रमिकों से जुड़ी इन कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के कुशल मार्गदर्शन में किया जा रहा है जिससे समृद्घ बिहार की संकल्पना को बल मिलेगा तथा देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को भी सिद्धि तक पहुंचाने में मदद भी मिलेगी।*
मंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक राज्य के विकास की मजबूत नींव हैं और उनके स्वास्थ्य, सम्मान तथा कार्यक्षमता को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि भोजन अर्ध-स्वचालित केंद्रीकृत रसोईघर में खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप तैयार होगा तथा इसकी नियमित निगरानी की जाएगी। प्रथम चरण में पटना जंक्शन, पाटलिपुत्र जंक्शन, एम्स, फुलवारीशरीफ, बिहटा, सगुना मोड़, नौबतपुर, दानापुर सहित श्रमिक बहुल क्षेत्रों को योजना में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता के आधार पर इसे भविष्य में राज्य के अन्य जिलों तक विस्तारित किया जाएगा और इसके संचालन के लिए योग्य संस्थाओं एवं एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। श्रमिकों का राज्य और राष्ट्र के निर्माण में अतुलनीय भागीदारी है, जिसको भुलाया नहीं जा सकता, श्रमिकों के उत्थान से ही प्रदेश और देश का विकास संभव है। जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकार बेहतर समन्वय के साथ कार्य कर रही है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग हर स्तर पर श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक विकास हेतु प्रतिबद्ध है।

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