जिलाधिकारी ने की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ निष्पादित करने का दिया निदेश

जिलाधिकारी ने की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ निष्पादित करने का दिया निदेश

लोक शिकायतों का केवल निष्पादन पर्याप्त नहीं, जनता की संतुष्टि सर्वोपरि, सभी पदाधिकारी इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः जिलाधिकारी
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पटना, सोमवार, दिनांक 06.07.2026ः जिलाधिकारी, पटना श्री कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। उन्होंने विभिन्न विभागों के जिला-स्तरीय पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित कर जनहित के मामलों को पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ निष्पादित करने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन के लिए जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। आम जन का प्रशासनिक तंत्र पर विश्वास उत्तरोत्तर सुदृढ़ हो इसके लिए सभी पदाधिकारी सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें।

जिलाधिकारी ने कहा कि विधि-व्यवस्था संधारण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को इस पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया। उन्होंने राजस्व से संबंधित पदाधिकारियों को निदेश दिया कि भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी करें। भूमि से संबंधित किसी भी विवाद का रूपांतरण विधि-व्यवस्था की समस्या में न हो इसे सुनिश्चित करें। अन्यथा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में जिलाधिकारी ने नगर व्यवस्था, आईसीडीएस, शिक्षा, योजना एवं  विकास, लोक शिकायत निवारण, राजस्व, आपूर्ति, कृषि, स्वास्थ्य, कल्याण, आपदा प्रबंधन, उद्योग, डीआरसीसी, मद्य निषेध, खनन, पीएचईडी, ऊर्जा, पथ निर्माण सहित विभिन्न विभागों में प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा सरकार द्वारा निर्धारित मानकों पर अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि विगत 15 दिनों में विभिन्न विभागों द्वारा कार्यों में काफी अच्छी प्रगति की गई है। यह सराहनीय है तथा सम्पूर्ण टीम इसके लिए बधाई का पात्र है। जिलाधिकारी ने कहा कि खाद्यान्न आपूर्ति एवं वितरण में पटना जिला 38वें स्थान से 14वें स्थान पर आ गया है। राशन कार्ड के शत-प्रतिशत आवेदनों को निष्पादित कर दिया गया है तथा लोगों को समय से राशन  कार्ड प्राप्त हो रहा है। यह हर्ष का विषय है। सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं आपूर्ति विभाग के पदाधिकारी इसके लिए बधाई के पात्र हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस् पटना जिला में 27 जून से 5 जुलाई की अवधि में ऑनलाईन म्युटेशन के 4,258 आवेदन प्राप्त हुए जबकि 5,240 आवेदनों को निष्पादित किया गया है। प्रथम साप्ताहिक बैठक के बाद 15 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के 120 दिन से अधिक लंबित मामलों में कमी आयी है। 21 जून को 1,007 मामले लंबित थे जो घटकर 27 जून को 448 हो गया। आज की समीक्षा में पाया गया कि दाखिल-खारिज के ऐसे मामले और घटकर 206 हो गए हैं। इस प्रकार 15 दिन के अंदर दाखिल-खारिज के 120 दिन से अधिक लंबित मामलों में 801 की कमी आई है। दाखिल-खारिज के 75 दिन से अधिक लंबित मामलों में भी कमी आई है। 15 दिनों में म्युटेशन के त्रुटि जाँच के भी 5,000 से अधिक मामलों को निष्पादित किया गया है। इसी तरह कई अन्य शाखाओं एवं कार्यालयों में भी 21 जून से 05 जुलाई  के बीच पुराने लंबित मामलों में 50 प्रतिशत से अधिक मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है तथा यह प्रदर्शित करता है कि मिशन मोड में काम करने पर लंबित मामलों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से त्वरित गति से निष्पादित किया जा सकता है। उन्होंने पदाधिकारियों को विशेष रूचि लेकर शेष लंबित मामलों को भी कैम्प मोड में निष्पादित करने का निदेश दिया। 

जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों के जिला-स्तरीय पदाधिकारियों को निम्नलिखित निदेश दिया गयाः-
1. सभी पदाधिकारी परिणाम-आधारित कार्यशैली विकसित करें। 

2. बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को सुदृढ़ रखें। अधिकारियों एवं कर्मियों का वेतन बायोमेट्रिक में दर्ज उपस्थिति के अनुसार ही होगा। 

3. गेल द्वारा पटना के विभिन्न क्षेत्रों में डोमेस्टिक पाईप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के आच्छादन में तीव्र गति से विस्तार हेतु कार्य किया जा रहा है। अनेक क्षेत्रों में गैस पाईप लाईन बिछाया गया है तथा इसे अन्य क्षेत्रों में भी लगाया जा रहा है ताकि अधिक-से-अधिक लोगों को सुविधाजनक, इको-फ्रेंड्ली, निरंतर एवं सुरक्षित ईंधन की सुविधा प्राप्त हो। सभी निर्माण विभागों एवं एजेंसियों यथा पथ निर्माण, विद्युत, भवन निर्माण, बुडको, नगर निकाय इत्यादि के पदाधिकारी हर हाल में यह सुनिश्चित करेंगे कि गेल के पाईपलाईन को कोई क्षति नहीं पहुँचे अन्यथा दोषी अधिकारी के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जन सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। 

4. सहयोग पोर्टल पर प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निष्पादन सुनिश्चित करें। कुल प्राप्त 19,288 आवेदनों में से 17,699 आवेदनों को निष्पादित किया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को विशेष रूचि लेकर शेष 1,589 आवेदनों को भी निर्धारित समय-सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण ढंग से  निष्पादित करने का निदेश दिया गया।  

5. विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) का सफल क्रियान्वयन करें। यह एक प्रमुख ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है। विभिन्न विभागों यथा जीविका, मत्स्य, बैंकिंग, आरसेटी, ग्रामीण विकास इत्यादि के पदाधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर आदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। 

6.  विद्युत अभियंता एग्री फीडर का कार्य तेजी से करें। पीएम सूर्य घर योजना पर तीव्र गति से कार्य करें। 

7 . अपर समाहर्ता विभिन्न योजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता के मामलों का तत्परता से निष्पादन सुनिश्चित करें। दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन प्लस के लंबित मामलों को त्वरित गति से गुणवत्तापूर्ण ढंग से निष्पादित करें। भूमि सुधार उप समाहर्ता अनुश्रवण करें। आपत्ति वाले मामलों का गहन अनुश्रवण करें।

8. भू-अर्जन एवं भू-हस्तानांतरण के लंबित मामलों को त्वरित गति से विधिवत निष्पादित करें।   

9.. मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना एवं कुशल युवा कार्यक्रम का विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप क्रियान्वयन करें। शिथिलता बरतने पर डीआरसीसी के संबंधित सहायक प्रबंधक (योजना)-एएमएस के मानदेय में कटौती करने का निदेश दिया गया।

10. खाद्यान आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ रखें। 

11. आरटीपीएस के आवेदनों का समयबद्ध ढंग से गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करें। कोई भी आवेदन एक्सपायर्ड नहीं होना चाहिए। 

12. सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जरूरतमंदों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करें। रोगियों को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। 

14. लोक शिकायत के मामलों का त्वरित निवारण करें। केवल निष्पादन से काम नहीं चलेगा। जनता की संतुष्टि सर्वोपरि है। सभी पदाधिकारी जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसा मामला प्रकाश में आने पर दोषी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।

15. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करें। 

16. हर एक आँगनबाड़ी केन्द्र में सुचारू एवं स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित करें।   

17. अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) नगर निगम, पुलिस एवं अन्य विभागों तथा एजेंसियों से सुदृढ़ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान चलाएँ। दोबारा अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करें। अतिक्रमण-उन्मूलन के पश्चात संबंधित विभागों के पदाधिकारी उस क्षेत्र में जन-सुविधाओं यथा ग्रीन पार्क, खेल का मैदान, रिक्रिएशन जोन इत्यादि विकसित करें। 

जिलाधिकारी ने कहा कि दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों के पदाधिकारी सरकार के आदेशें एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। 
इस बैठक में नगर आयुक्त, पटना नगर निगमय सभी अपर जिला दंडाधिकारीगणय सभी विभागों के पदाधिकारीगणय तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंतागण एवं अन्य भी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी छः अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य क्षेत्रीय पदाधिकारी उपस्थित थे। 

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