कोरियन भाषा प्रशिक्षण से खुलेगा बिहार के युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के नए द्वार : सचिव,  डॉ. कौशल किशोर

कोरियन भाषा प्रशिक्षण से खुलेगा बिहार के युवाओं के लिए वैश्विक रोजगार के नए द्वार : सचिव, डॉ. कौशल किशोर

- विश्व युवा कौशल दिवस पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पटना सिटी में हुआ कोरियन भाषा प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ
विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) की ओर से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), पटना सिटी में कोरियन भाषा प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र का विधिवत उद्घाटन विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर बिहार कौशल विकास मिशन के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, श्री नवदीप शुक्ला, निदेशक नियोजन एवं प्रशिक्षण, श्री सुनील कुमार, मिशन निदेशक, श्री मनीष शंकर सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। 
उक्त अवसर पर अपने संबोधन में सचिव, डॉ. कौशल किशोर ने कहा कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), गुलजारबाग में कोरियन भाषा प्रशिक्षण केंद्र में कोरियन भाषा (TOPIK लेवल-3) के प्रशिक्षण के लिए चार माह का सुपर-इंटेंसिव प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बिहार के युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय रोजगार और शिक्षा के बेहतर अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि "किसी भी नौकरी के इंटरव्यू में उम्मीदवार का मूल्यांकन केवल प्रश्नों के उत्तरों से नहीं होता, बल्कि जैसे ही वह इंटरव्यू कक्ष में प्रवेश करता है, उसी समय से उसका आकलन शुरू हो जाता है। उसके व्यक्तित्व, व्यवहार, आत्मविश्वास, संवाद शैली और प्रस्तुतिकरण का प्रभाव पहले ही पड़ जाता है। इसलिए तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स का विकास भी अत्यंत आवश्यक है।"
उन्होंने कहा, "आज के समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। रोजगार प्राप्त करने के लिए उचित कौशल, सकारात्मक कार्य-व्यवहार और भाषा कौशल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।" विदेशी भाषाओं के महत्व पर विशेष जोर देते हुए डॉ. कौशल किशोर ने कहा, "कोरियन भाषा सीखना युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर बन सकता है। कोरिया, जापान, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, खाड़ी देशों तथा अन्य देशों में विदेशी भाषा जानने वाले कुशल युवाओं की लगातार मांग बढ़ रही है। युवाओं को अपने तकनीकी कौशल के साथ-साथ विदेशी भाषाओं का भी ज्ञान प्राप्त करना चाहिए, क्योंकि आने वाले वर्षों में यही उनके लिए वैश्विक रोजगार के नए द्वार खोलेगा। विशेष रूप से बिहार के युवाओं के लिए अगले 10 वर्षों में विदेशी भाषा और कौशल आधारित रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ने की संभावना है।"
विदित हो कि कोरियन भाषा प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, हॉस्पिटैलिटी, विदेश में उच्च शिक्षा तथा दक्षिण कोरिया सहित अन्य देशों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इससे पहले, बिहार कौशल विकास मिशन के तहत पहले से ही पटना स्थित दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में विदेशी भाषा प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है, जहाँ युवाओं को अंग्रेज़ी (IELTS/CEFR B1), जर्मन (CEFR B1), जापानी (JLPT N4/N5), स्पैनिश (CEFR B1), फ्रेंच (CEFR B1) तथा अब कोरियन भाषा का निःशुल्क प्रशिक्षण आधुनिक लैंग्वेज लैब, प्रमाणित प्रशिक्षकों और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के माध्यम से दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ऑफलाइन और डिजिटल लैंग्वेज लैब दोनों माध्यमों से संचालित होता है। 
यह प्रशिक्षण बिहार के स्नातक, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग एवं नर्सिंग के विद्यार्थियों सहित वैश्विक स्तर पर करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क है। सरकार का लक्ष्य है कि विदेशी भाषा दक्षता के माध्यम से बिहार के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाया जाए और उन्हें बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। अब इस पहल का विस्तार करते हुए राज्य के सभी जिलों में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है।

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