बिहार विधानसभा अध्यक्ष से मिला राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग

बिहार विधानसभा अध्यक्ष से मिला राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 12 जून, 2026 :: 

पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। उनकी निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने का कार्य करती है। लेकिन वर्तमान समय में पत्रकारों को कई प्रकार की चुनौतियों और जोखिमों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं के समाधान और पत्रकारों की सुरक्षा तथा अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय और राष्ट्रीय महासचिव डॉ. निशा सिंह ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात कर आयोग के उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी साझा की।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष निशिकांत राय ने पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पत्रकारों पर होने वाले हमलों को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि आयोग की ओर से पत्रकारों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने तथा पत्रकार पेंशन योजना की पात्रता संबंधी नियमों को सरल बनाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया है। आयोग का मानना है कि पत्रकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना समय की मांग है, ताकि वे बिना किसी भय के अपना दायित्व निभा सकें।

राष्ट्रीय महासचिव डॉ. निशा सिंह ने आयोग के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन का मुख्य लक्ष्य देशभर के पत्रकारों को एक मंच पर लाकर उन्हें संगठित करना है। आज पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का विस्तार हुआ है। ऐसे में सभी माध्यमों के पत्रकारों को समान अवसर और सम्मान मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आयोग पत्रकारों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को भी सरकार और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

डॉ. निशा सिंह ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है। कई बार पत्रकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए हमलों, धमकियों और कानूनी परेशानियों का सामना करते हैं। ऐसे मामलों में पत्रकारों को आवश्यक कानूनी सहायता और संरक्षण मिलना चाहिए। आयोग पत्रकारों के सम्मान और गरिमा को बनाए रखने के लिए भी कार्य कर रहा है। उनका मानना है कि यदि पत्रकार सुरक्षित और सम्मानित होंगे, तभी वे निष्पक्ष रूप से समाज के हित में अपनी जिम्मेदारियां निभा सकेंगे।

वर्तमान समय में डिजिटल पत्रकारिता का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। वेब पोर्टल, ऑनलाइन समाचार प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया आधारित पत्रकारिता ने सूचना के प्रसार को नई दिशा दी है। हालांकि अभी भी कई डिजिटल पत्रकार सरकारी मान्यता और सुविधाओं से वंचित हैं। इस विषय पर आयोग ने विशेष चिंता व्यक्त की है। डॉ. निशा सिंह ने बताया कि आयोग प्रिंट और न्यूज चैनलों के पत्रकारों के साथ-साथ वेब और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों को भी सरकारी मान्यता दिलाने के लिए प्रयास कर रहा है। इससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग पत्रकारों के लिए बीमा, प्रशिक्षण और कानूनी सहायता जैसी सुविधाओं को भी आवश्यक मानता है। पत्रकारिता के दौरान कई बार जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में बीमा सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके अलावा बदलते मीडिया परिदृश्य में पत्रकारों को नई तकनीकों, डिजिटल उपकरणों और कानूनी पहलुओं की जानकारी देने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी आवश्यकता है। आयोग इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।

बैठक के दौरान बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने आयोग की गतिविधियों को गंभीरता से सुना और इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के हित में किया जा रहा यह प्रयास एक सकारात्मक और आवश्यक पहल है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर वे आयोग को हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। उनका कहना था कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और सुरक्षित पत्रकारिता बेहद आवश्यक है।

राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की यह पहल पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है। पत्रकारों को सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण, कानूनी सहायता और उचित मान्यता प्रदान करने की दिशा में आयोग के प्रयास मीडिया जगत के लिए आशा की नई किरण हैं। बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का सकारात्मक समर्थन भी इस अभियान को मजबूती प्रदान करेगा। यदि सरकार, प्रशासन और पत्रकार संगठन मिलकर कार्य करें तो पत्रकारों के लिए अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण तैयार किया जा सकता है, जिससे लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा।
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