सही अवसर और उचित मार्गदर्शन से युवाओं के लिए रोजगार का मार्ग होगा प्रशस्त : मंत्री अरुण शंकर प्रसाद
- कौशल, अवसर और संकल्प के बल पर युवा करेगा राज्य की प्रगति का नेतृत्व : डॉ. कौशल किशोर, सचिव
- "तीन दिवसीय राज्य स्तरीय स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध क्षेत्र रोजगार मेला 2026" में डॉ. कृष्णा और डॉ. शताक्षी को मिला 18 – 18 लाख पैकेज
- तीन दिनों में कुल 10882 को दिया गया रोजगार, विदेशों में 1984 प्रतिभागियों को रोजगार के लिए शॉर्टलिस्टेड किया गया
पटना 27 मई 2026, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन द्वारा ज्ञान भवन, पटना में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध क्षेत्र रोजगार मेला-2026 का समापन आज विभाग के मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद एवं सचिव डॉ. कौशल किशोर की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। स्वास्थ्य एवं सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए आयोजित इस विशेष रोजगार मेले में जयप्रभा मेदांता सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मेडिवर्सल, रूबन हॉस्पिटल, सृजन हॉस्पिटल, पैनकार्डिया, पैनाशिया, मेडिमिक्स हेल्थकेयर सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों ने भाग लिया। तीन दिनों तक चले इस मेले में कुल 10882 को दिया गया रोजगार। जिसमें से आज 27 मई 2026 को कुल 3446 प्रतिभागियों का चयन रोजगार के लिए किया गया। इसमें 2533 पुरुष और 913 महिला प्रतिभागी शामिल हैं। वहीं जर्मनी, जापान, यूएई, कतर, बहरीन, ओमान समेत विदेशों में 1984 प्रतिभागियों को रोजगार के लिए शॉर्टलिस्टेड किया गया।
रोजगार मेले में सबसे आकर्षक नियुक्ति जयप्रभा मेदांता सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओर से की गई। संस्थान ने डॉ. कृष्णा को मेडिसिन स्पेशलिस्ट तथा डॉ. शताक्षी को क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ के पद पर 18-18 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर चयनित किया। वहीं हेकम इंडिया प्रा. लि. ने अपर्णा कुमारी का एच आर पद पर लगभग 88 हजार रुपये मासिक वेतन पर चयन किया, जबकि महेश कुमार और प्रिंस कुमार को दिल्ली-एनसीआर में जीडीए/नर्सिंग पद के लिए 45 हजार रुपये मासिक वेतन का अवसर मिला। इसके अलावा 2025 हेल्थ केयर प्रा. लि. ने रिंकी कुमारी और रोहित का बेड साइड अटेंडेंट पद पर चयन किया।
वहीं, इस रोजगार मेले के समापन अवसर पर विभाग के मंत्री, श्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि पिछले तीन दिनों में प्राप्त परिणाम बिहार के युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और सरकार की रोजगारोन्मुखी सोच का प्रमाण हैं। मंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि रोजगार प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि परिवार और समाज के विश्वास की जीत भी है। उन्होंने बताया कि मेले में स्वास्थ्य एवं सहायक क्षेत्र के 100 से अधिक जॉब रोल्स के लिए अवसर उपलब्ध कराए गए, जिनमें नर्सिंग, फार्मासिस्ट, टेक्नीशियन, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, आर. एम. ओ. और फिजियोथेरेपिस्ट जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल थे। उन्होंने कहा कि हजारों की संख्या में युवाओं को इस मेले में रोजगार मिलना इस बात का संकेत है कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सात निश्चय-3 के तहत कौशल विकास, रोजगार सृजन और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से नौकरी को केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज और मानवता की सेवा का अवसर मानने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को बेहतर करियर, सम्मानजनक आय और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाना है, जिसके लिए विभाग निरंतर प्रयासरत है।
वहीं, विभाग के सचिव डॉ. कौशल किशोर ने मेले की सफलता के लिए सबों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेला बिहार के युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संभावनाओं का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है। सचिव ने सरकार के अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार अवसर सृजित करने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि विभाग भविष्य में भी इसी तरह के रोजगार मेलों का आयोजन करता रहेगा। इसके अलावा उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल डिग्री तक सीमित न रहें, बल्कि बदलती वैश्विक जरूरतों के अनुरूप अपने कौशल को लगातार विकसित करते रहें। उन्होंने विश्वास जताया कि कौशल, अवसर और संकल्प के बल पर बिहार का युवा राज्य की प्रगति का नेतृत्व करेगा। अंत में उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर, कुशल और सशक्त युवाओं के बल पर ही विकसित बिहार का सपना साकार होगा।
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