नीतीश माॅडल का असर, औद्योगिक बिहार का सपना हो रहा साकार - अंजुम आरा
30 मई 2026, पटना।
जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने जारी बयान में कहा कि बिहार में औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखी जा रही है और यह मुख्यमंत्री के तौर पर माननीय श्री नीतीश कुमार द्वारा वर्षों पहले देखे गए विकसित एवं औद्योगिक बिहार के संकल्प का ही परिणाम है। आज राज्य में निवेशकों का बढ़ता विश्वास इस बात का प्रमाण है कि बिहार ने सुशासन, बेहतर आधारभूत संरचना, पारदर्शी नीतियों और निवेश-अनुकूल वातावरण के बल पर देश के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की हालिया बैठक में 19 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होना बिहार की प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगभग 928 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली इन इकाइयों से करीब 2200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों का बिहार में निवेश के लिए आगे आना इस बात का संकेत है कि राज्य अब केवल संभावनाओं की भूमि नहीं, बल्कि निवेश और उद्योग की पसंदीदा मंजिल बन चुका है।
दरभंगा के डोनार में स्थापित होने वाली आधुनिक मखाना प्रोसेसिंग यूनिट बिहार की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी। लगभग 27.44 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस इकाई में आधुनिक प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे लगभग 300 लोगों को रोजगार मिलेगा तथा करीब 5000 मखाना उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि बिहार के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने का कार्य भी करेगी।
उन्होंने कहा कि आज जो औद्योगिक निवेश बिहार में आ रहा है, उसकी मजबूत नींव माननीय नीतीश कुमार ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व में रखी थी। एक समय उद्योगों के पलायन और निवेशकों की उदासीनता का सामना करने वाला बिहार आज नई औद्योगिक संभावनाओं का केंद्र बन रहा है। कानून-व्यवस्था में सुधार, सड़क, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, कौशल विकास पर विशेष जोर तथा उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियों ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।
बिहार में औद्योगिक पुनर्जागरण का जो दौर प्रारंभ हुआ है, उसके सूत्रधार माननीय नीतीश कुमार हैं। उनकी विकासोन्मुखी सोच और सतत प्रयासों के कारण राज्य में रोजगार सृजन, उद्यमिता और निवेश को नई गति मिली है। आने वाले वर्षों में बिहार देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएगा और विकसित बिहार का सपना साकार होगा।
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