श्रमिक हितों की सुरक्षा और रोजगार सृजन को गति देने पर मंत्री संजय सिंह (टाइगर) ने दिया जोर

श्रमिक हितों की सुरक्षा और रोजगार सृजन को गति देने पर मंत्री संजय सिंह (टाइगर) ने दिया जोर

श्रमिकों के निबंधन और योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर : मंत्री संजय सिंह (टाइगर)


भभुआ, दिनांक 7 अप्रैल, 2026 : आज माननीय मंत्री श्री संजय सिंह (टाइगर) की अध्यक्षता में भभुआ परिसदन में श्रम संसाधन एवं संबंधित विभागों की समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक के दौरान माननीय मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर देने हेतु सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी एवं श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा रोजगार सृजन की प्रक्रिया को और अधिक गति प्रदान की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। साथ ही, विभाग अंतर्गत कार्यरत बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निबंधित श्रमिकों को दिए जाने वाले जनकल्याणकारी योजनाओं व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। साथ ही सभी अधिकारी प्रत्येक गांव में जाकर श्रमिकों का निबंधन बोर्ड में करवाना सुनिश्चित करें। क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रवासी प्रवासी मजदूर के संबंध में भी डाटा संग्रहित करें। 
मंत्री ने कहा कि श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग श्रमिकों के हितार्थ सदैव तत्पर है। देश का यही एक ऐसा विभाग है जहाँ जन्म से लेकर मृत्यु तक की योजनाओ का लाभ दिया जाता है। विभाग के द्वारा बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना, 2024 (संशोधित), बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना, 2008 के साथ ईएसआई द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को धरातल पर लाने की बात कही। 

अभी हाल ही में श्रम विभाग द्वारा मजदूरों के हितार्थ कार्य करते हुए उनकी मजदूर दर बढ़ाने का सफल प्रयास किया गया है। 1 अप्रैल 2026 से निर्धारित नई दर के अनुसार अकुशल को  436 रुपये प्रतिदिन
अर्द्धकुशल को 455 रुपये प्रतिदिन, कुशल को 551 रुपये प्रतिदिन तथा अतिकुशलको 672 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन संहिता, 2019 के अनुसार, सभी नियोजनों के लिए न्यूनतम मजदूरी देना अनिवार्य कर दिया गया है।

विभाग द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के लिए भी विशेष कार्य कर रहा है। वैसे बच्चे जो किसी कारणवश ईण्ट-भट्टे पर काम करने को मजबूर हैं, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल देना चाहिए। साथ ही, इनके परिवारों को भी जनकल्याणकारी मुहैया करवाई जाये। संबंधित अधिकारी बाल श्रम रोकने की दिशा में जन-जागरूकता कार्यक्रम भी समय-समय पर चलाये। 

बैठक के दौरान माननीय मंत्री द्वारा खाड़ी देशों में फंसे मजदूरों की स्थिति पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया तथा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण देश में उत्पन्न घरेलू गैस संकट के बीच विभिन्न राज्यों से वापस लौट रहे श्रमिकों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लौट रहे श्रमिकों को सरकार की ओर से हर संभव विभागीय सहायता सुनिश्चित की जाए।
माननीय मंत्री ने विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी लेते हुए उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने तथा विशेष पहल के माध्यम से जरूरतमंद श्रमिकों तक सहायता पहुंचाने पर बल दिया।
राज्य सरकार द्वारा बनाए गए युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का उद्देश्य युवाओं के कौशल विकास और उनकों रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ना है। कौशल विकास से संबंधित अधिकारी समय-समय पर कुशल युवा केंद्र का निरीक्षण करते रहें और किसी भी केंद्र पर किसी तरह की कमी दिखे तो तुरंत इस पर कार्यवाई करें। अधिकारी ध्यान रखें कि विभाग बच्चों के कौशल प्रशिक्षण में होने वाली कोई भी गड़बड़ी को विभाग कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जिला के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य संस्थान में सुचारू रूप से अपने सत्र को चलाये और बच्चों की उपस्थिति का सही तरह से मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। 01 करोड़ रोजगार दिलाने के लक्ष्य को धरातल पर उतारने के लिए नियोजन पक्ष समय-समय पर जिला में नियोजन मेला का भी आयोजन करता रहे।

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