बंधन से सम्मान तकः पुनर्वास और अधिकारों को मजबूत करने” विषय पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन
-बाल श्रम से विमुक्त बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हमारी पहली प्राथमिकता : *श्रमायुक्त*
पटना, 2 मार्च 2026 : दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान, पटना में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा “बंधन से सम्मान तकः पुनर्वास और अधिकारों को मजबूत करने” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम से विमुक्त बच्चों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना तथा उनके अधिकारों को सशक्त बनाना रहा। इस अवसर पर यह संकल्प दोहराया गया कि जिन गांवों एवं जिलों से बच्चों को बाल श्रम अथवा बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया है, वहां से दोबारा कोई भी बच्चा बाल श्रमिक या बंधुआ मजदूर न बने, इसके लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
कार्यक्रम में विमुक्त बच्चों के समुचित पुनर्वास में शेष रह गई कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार के अवसर तथा सामाजिक पुनर्स्थापन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष बल दिया गया, ताकि बच्चों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
उक्त अवसर पर श्रमायुक्त बिहार, श्री राजेश भारती ने कहा कि हमारा विभाग श्रमिकों को समान अधिकार मिले इस पर विशेष कार्य कर रही है। हमारे श्रमिक मजबूर नहीं बल्कि मजबूत बनते जा रहे हैं। बाल श्रमिक, बंधुआ मजदूर, संगठित, असंगठित श्रेणी के मजदूर, शिल्पकारों को उचित सम्मान मिले इसके लिए विभाग द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। विभाग विमुक्त बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ करने जा रही है, जहां उनको शिक्षा और कौशल विकास के विशेष अवसर प्राप्त होगा जिससे उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। वयस्क विमुक्त श्रमिक जिनको ट्रेनिंग अथवा नवीनतम टूल्स की जानकारी मुहैया करवाने के लिए समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। साथ ही बाल श्रमिकों का डाटा भी तैयार किया जा रहा है, ताकि उनकी पात्रता के मुताबिक बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें और उनके परिवारों को मिल सके। अंत में मैं आप सभी विमुक्त बाल श्रमिकों और बंधुआ मजदूरी से विमुक्त श्रमिक से कहना चाहता हूं कि आपके उत्थान के प्रति श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग सदैव तत्परता से कार्य कर रहा है।
इंटरनेशनल चाइल्ड लेबर एक्सपर्ट, श्री बेंजामिन पुटर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मुझे खुशी हो रही है कि राज्य सरकार और विभाग विमुक्त बाल श्रमिकों के लिए अच्छा कार्य कर रही है और इन्हीं सार्थक प्रयास से बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिल रही है। अगर हम बाल श्रम उत्पन्न होने की वजहों पर विशेष ध्यान देंगे और इनके परिवारों को रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य करेंगे तो निश्चित ही इस दंश से समाज को मुक्त किया जा सकता है। श्रम विभाग द्वारा बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग है जो सही दिशा में कार्य कर रहा।
सर्टिफिक्स के चीफ कॉर्डिनेटर एंड ऑडिटर एंड द फ्रॉम द पास्ट इंट टू द फ्यूचर के श्री राजनाथ ने विमुक्त बच्चों द्वारा गठित समूहों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। इन समूहों को बच्चों की तस्करी (ट्रैफिकिंग) की रोकथाम, समुदाय में जागरूकता बढ़ाने तथा स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में अग्रणी कार्यकर्ता के रूप में सशक्त बनाने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही बाल श्रम उन्मूलन और पुनर्वास की प्रक्रिया को स्थायी बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बंधन से मुक्त 23 बाल श्रमिकों और बंधुआ मजदूरों को उपहार देकर सम्मानित भी किया गए।
उक्त अवसर पर अपर श्रमायुक्त श्री विजय कुमार, संयुक्त श्रमायुक्त श्री राजेश कुमार, उप श्रमायुक्त पटना श्री अकबर जावेद के साथ विभागीय पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों एवं विमुक्त बच्चों ने सहभागिता निभाई तथा अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किए।
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