BSCB–COMFED के बीच ऐतिहासिक MoA: दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

BSCB–COMFED के बीच ऐतिहासिक MoA: दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

सहकारिता में सहकार’ के सिद्धांत पर सहकारी तंत्र के समेकित विकास की पहल

बैंक मित्र की भागीदारी से डिजिटल बैंकिंग और ऋण सुविधाओं का विस्तार

24 फरवरी
पटना 

आज Bihar State Cooperative Bank Ltd. (BSCB) एवं Bihar State Milk Co-operative Federation Ltd. (COMFED) के बीच वित्तीय सेवाओं के विस्तार, दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण तथा सहकारी तंत्र के समेकित विकास के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता (MoA) हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते पर COMFED के प्रबंध निदेशक श्री समीर सौरभ एवं BSCB के प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार ने हस्ताक्षर किए।इस पहल से दुग्ध समितियों को सुदृढ़ वित्तीय सहयोग एवं किसानों को सुलभ बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस अवसर पर डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार के माननीय मंत्री श्री सुरेन्द्र मेहता, सहकारिता विभाग, बिहार के माननीय मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, माननीय विधायक श्री जितेंद्र कुमार, सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव श्री शीर्षत कपिल अशोक एवं श्री रमेश चंद्र चौबे, माननीय अध्यक्ष, बिहार राज्य सहकारी बैंक, सहयोग समिति के निबंधक श्री रजनीश कुमार सिंह, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री गौतम कुमार सिंह उपस्थित रहे। 
माननीय मंत्री श्री Surendra Mehta ने अपने संबोधन में कहा कि Bihar State Milk Co-operative Federation Ltd. (COMFED) विकास का एक नया अध्याय प्रारंभ कर रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार की मछली अब विश्व बाजारों तक पहुंचने लगी है, जो राज्य के मत्स्य क्षेत्र की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है। पशुपालन, मुर्गीपालन और बकरी पालन जैसे व्यवसाय गरीब एवं ग्रामीण परिवारों के आर्थिक उत्थान का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। इन गतिविधियों के लिए सहकारी बैंक पशुपालकों को आवश्यक ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

माननीय मंत्री, सहकारिता विभाग डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि गुजरात सहकारिता के बल पर गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सफल रहा है। इसी क्रम में विभाग ने गुजरात के सफल ‘बनासकांठा मॉडल’ की तारीफ की।  इसके अंतर्गत बैंकिंग एवं कृषि—विशेषकर डेयरी, मत्स्य और पशुपालन—का एकीकृत इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों की आय के स्रोत बढ़ाने हेतु शहद उत्पादन को Bihar State Milk Co-operative Federation Ltd. (सुधा) के साथ जोड़ा जाएगा। ‘सात निश्चय’ के तहत प्रत्येक पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

सचिव, सहकारिता विभाग श्री धर्मेन्द्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सहकारी बैंक की मॉनिटरिंग भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एवं नाबार्ड (NABARD) द्वारा की जा रही है, जिससे इसकी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। उन्होंने BSCB–COMFED के बीच हुए इस समझौते को अत्यंत सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग द्वारा समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। फाइनेंशियल लिटरेसी कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित समितियों को प्रशिक्षित किया जाएगा तथा उन्हें माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे ग्रामीण स्तर पर बैंकिंग सेवाएं सुलभ और सशक्त बन  सके।

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन के सचिव श्री शीर्षत कपिल अशोक ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार “सात निश्चय-3” के संकल्पों को साकार करते हुए दुग्ध क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक गांव में डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी (DCS) तथा प्रत्येक पंचायत में ‘सुधा’ विक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। राज्य भर में 8053 सुधा बिक्री केंद्र खोलने का लक्ष्य निर्धारित है, जिससे दुग्ध उत्पादों की बिक्री में वृद्धि होगी और उत्पादकों को सुलभ बाजार उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि बैंक और कॉम्फ़ेड के बीच हुए एमओए का उद्देश्य DCS को वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करना है। इस प्रक्रिया में “बैंक मित्र” की महत्वपूर्ण भूमिका होगी, जो समितियों और दुग्ध उत्पादकों को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान एवं ऋण सुविधाओं से जोड़ेगा। इससे विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह पहल रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास को गति देने में सहायक सिद्ध होगी।

Bihar State Milk Co-operative Federation Ltd. (COMFED) के प्रबंध निदेशक श्री समीर सौरभ ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव में डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटी (DCS) तथा प्रत्येक पंचायत में ‘सुधा’ विक्री केंद्र स्थापित करना है। इस पहल से दुग्ध उत्पादकों को संगठित बाजार, उचित मूल्य और नियमित आय सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि एमओए का मुख्य उद्देश्य DCS को तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना तथा समावेशी विकास को गति देना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो और दुग्ध क्षेत्र में सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

सहकारिता में सहकार” सहकारी आंदोलन के मूल सिद्धांतों में से एक है, जिसका उद्देश्य विभिन्न सहकारी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर उनकी सामूहिक शक्ति को सुदृढ़ करना है। एक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में यह पहल सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने तथा देश की अर्थव्यवस्था में सहकारी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बिहार राज्य में भी सहकारी समितियों एवं सहकारी बैंकों के मध्य संबंधों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में Bihar State Cooperative Bank Ltd. (BSCB) एवं Bihar State Milk Co-operative Federation Ltd. (COMFED) के मध्य वित्तीय सेवाओं के विस्तार, दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण तथा सहकारी तंत्र के समेकित विकास के उद्देश्य से यह  महत्वपूर्ण समझौता (MoA) हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया।

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