जिलाधिकारी ने की अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की समीक्षा

जिलाधिकारी ने की अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की समीक्षा

अतिक्रमण के विरूद्ध प्रशासन की शून्य सहिष्णुता; अधिकारीगण सार्वजनिक स्थलों पर से प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाएँः जिलाधिकारी ने दिया निदेश
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दोबारा अतिक्रमण होने पर अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी; आदतन अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध अनिवार्य तौर पर प्राथमिकी दर्ज की जाए: जिलाधिकारी
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पटना, गुरूवार, दिनांक 19.02.2026
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जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. द्वारा आज अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। ज़िलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण के विरूद्ध प्रशासन की शून्य सहिष्णुता है। सार्वजनिक स्थलों पर से अतिक्रमण हटाने में तत्परता दिखाएं। आयुक्त ने अधिकारियों को आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध अनिवार्य तौर पर प्राथमिकी दर्ज करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि जन-सुविधाओं में किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच समुचित समन्वय जरूरी है परन्तु कभी-कभी पदाधिकारियों में समन्वय का अभाव देखा जाता है। यह ठीक नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा नगर व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए डेडिकेटेड शहरी प्रबंधन इकाई का गठन किया है। इस इकाई के पदाधिकारीगण सार्थक ढंग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था), 3 पुलिस उपाधीक्षक (नगर व्यवस्था) तथा 3 नगर दंडाधिकारी इसी कार्य के लिए इकाई में पदस्थापित किए गए हैं। साथ ही नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अपर नगर आयुक्तों को भी प्रतिनियुक्त किया गया है। नगर परिषदों में भी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को तैनात किया गया है। अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समुचित समन्वय जरूरी है। जिलाधिकारी ने अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) को विभिन्न विभागों जैसे नगर विकास, पुलिस, यातायात, जिला प्रशासन, विद्युत, पथ निर्माण इत्यादि के अधिकारियों के बीच सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद स्थापित करने का निदेश दिया ताकि अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुनः अतिक्रमण की घटना को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। जो भी दुबारा अतिक्रमण करे उन्हें चिन्हित करते हुए उनकी सूची तैयार कर उनके विरूद्ध अनिवार्य तौर पर प्राथमिकी दर्ज करें। 
जिलाधिकारी ने कहा कि कभी-कभी ऐसी सूचना मिलती है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान में समय पर फोर्स स्थल पर नहीं पहुँचता है। यह ठीक नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को समुचित संख्या में तथा समय से फोर्स की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि पुनः अतिक्रमण की घटना होने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण की घटना में अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने की संख्या भी न के बराबर है। ज़िलाधिकारी ने निदेश दिया कि सभी पदाधिकारीगण आपस में समन्वय स्थापित कर सार्थक ढंग से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। केवल सतही कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी सहित विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई करें। अतिक्रमण में प्रयुक्त अधिक-से-अधिक सामानों की जप्ती करें। उनके विरूद्ध पर्याप्त आर्थिक दंड लगाएँ ताकि वे दुबारा अतिक्रमण करने से बाज आएं। अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को फॉलो-अप टीम को सक्रिय रखने एवं अभियान का पर्यवेक्षण करने का निदेश दिया गया।  

बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) द्वारा अतिक्रमण उन्मूलन अभियान एवं यातायात सुदृढ़ीकरण के बारे में कृत कार्रवाई प्रतिवेदन (एटीआर) प्रस्तुत किया गया। उन्होंने जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया कि अप्रैल, 2025 से 16 फरवरी, 2026 तक लगभग साढ़े दस महीना में अतिक्रमण उन्मूलन दिवसों की संख्या 212 है। इस दम्यान 87 लाख 85 हजार 471 रुपये की राशि बतौर जुर्माना अतिक्रमणकारियों से वसूला गया है। जब्त किए गए सामग्रियों की संख्या 1,402 है जिसमें मुख्य तौर पर ठेला, स्टॉल, अस्थायी दुकान, बाँस-बल्ला, चौकी इत्यादि शामिल है। यातायात पुलिस द्वारा इस अवधि में 1 करोड़ 37 लाख 32 हजार 800 सौ रूपया की राशि जुर्माना के तौर पर वसूली की गई है। अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण के कारण आम जनता को काफी परेशानी होती है। नेहरू पथ, जेपी गंगापथ, हवाई अड्डा रोड, अशोक राजपथ, दीघा-आशियाना रोड, गाँधी मैदान, सगुना मोड़-दानापुर रेलवे स्टेशन रोड इत्यादि सड़क शहर का लाईफलाईन है। अतिक्रमण के कारण से यातायात एवं परिवहन में व्यवधान आता है। लोगों का बहुमूल्य समय बर्बाद होता है तथा उन्हें सामान्य ढंग से जीवन-यापन करने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित में यह आवश्यक है कि अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध प्रभावी ढंग से कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान दिखना भी चाहिए ताकि लोगों के मन में विश्वास जगे। अधिकारियों को नेहरू पथ, हवाई अड्डा, चितकोहरा, चिरैयाटांड़, रेलवे स्टेशन, आशियाना-दीघा, रूपसपुर नहर, जेपी गंगापथ, दीघा बाजार, पटना सिटी, सभी अस्पतालों सहित हर क्षेत्र में मुख्य सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण-मुक्त रखने का निदेश दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि सार्वजनिक स्थलों से अवैध संरचनाओं को नियमानुसार हटाया जाए। अस्थायी अतिक्रमण एवं स्थायी अतिक्रमण दोनों को चिन्हित करें। अस्थायी अतिक्रमण को तुरत हटाएँ। स्थायी अतिक्रमण की स्थिति में अतिक्रमणवाद प्रारंभ करते हुए विधिवत ढंग से निर्धारित समय-सीमा के अंदर अतिक्रमण हटाएँ। 

जिलाधिकारी ने कहा कि शहरी प्रबंधन इकाई का काम केवल अतिक्रमण हटाना नहीं है। बल्कि इसका काम सम्पूर्ण नगर व्यवस्था एवं शहरी प्रबंधन का सुदृढ़ीकरण है। अतिक्रमण उन्मूलन इन कार्यों में से एक प्रमुख काम है। जिलाधिकारी ने नगर व्यवस्था के अधिकारियों को यातायात पुलिस के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित कर शहरी क्षेत्रों में सुचारू यातायात सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि नगर व्यवस्था के अधिकारीगण *सम्पत्ति विरूपण की घटनाओं को सख्ती से रोकें। सरकारी भवनों एवं संरचनाओं को विरूपित करने वाले लोगों के विरूद्ध तत्परतापूर्वक कार्रवाई* करें। 
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नो पार्किंग एवं नो वेंडिंग जोन का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निदेश दिया। अवैध एवं अनधिकृत पार्किंग तथा वेंडिंग करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने का निदेश दिया गया। 

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पदाधिकारीगण पैदल चलने वाले यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखें। *फुटपाथ मुख्यतः पेडेस्ट्रियन के लिए ही है। इस पर काफी संख्या में महिलाएँ, बच्चे तथा वृद्ध चलते हैं। उन सबकी हर सुविधा सुनिश्चित करना हम सबकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रशासन, पुलिस एवं नगर निकायों के पदाधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि हर एक फुटपाथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए पूरी तरह से बाधारहित हो*।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अतिक्रमण उन्मूलन अभियान में तकनीक का अधिक-से-अधिक प्रयोग करने का निदेश दिया। सीसीटीवी मॉनिटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने, पब्लिक एड्रेस सिस्टम से नियमित उद्घोषणा तथा अतिक्रमणकारियों एवं यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध स्पॉट पर ही जुर्माना करने का निदेश दिया गया। 

जिलाधिकारी ने कहा कि पटना नगर निगम स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। सीसीटीवी कैमरों, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, ईसीबी, आरएलवीडी, वीएमडी, एएनपीआर आदि का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। 

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पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 415 स्थानों पर 3300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। इसमें सीसीटीवी सर्विलांस कैमरा 2,602; रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) कैमरा 473; ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरा 150; स्पीड व्यालेशन डिटेक्शन (एसवीडी) कैमरा 12 तथा व्हीकल डिटेक्शन एंड क्लासिफिकेशन (वीडीसी) कैमरा 120 लगाया गया है। 69 स्थानों पर पब्लिक एड्रेसल सिस्टम से नियमित तौर पर उदघोषणा की जाती है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि पटना शहर में यातायात-प्रबंधन, अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान तथा परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जाम-मुक्त बनाने हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। सुव्यवस्थित यातायात-प्रबंधन जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान हेतु अधिकारीगण एक्शन मोड में रहें। सड़कों पर नियमित पेट्रोलिंग करें। सीसीटीवी को क्रियाशील रखें।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस बैठक का एक मुख्य उद्देश्य पटना शहर को आवागमन हेतु सर्वानुकूल बनाना भी है। सुगम एवं सुचारू यातायात की व्यवस्था जनहित में अत्यावश्यक है। यह हमारी कार्यशैली एवं जीवन-शैली पर भी काफी प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जाम-मुक्त बनाने हेतु लगातार कोशिश की जा रही है। यातायात व्यवधान, अतिक्रमण एवं यातायात नियमों के उल्लंघन के विरूद्ध प्रशासन शून्य सहिष्णुता के सिद्धांत पर काम करता है। नगर विकास विभाग, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, एनएचएआई, वन विभाग, पथ निर्माण, प्रशासन, पुलिस, विधि-व्यवस्था सहित सभी सम्बद्ध पदाधिकारी अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें। अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन कार्य योजना का निर्माण कर अनुपालन सुनिश्चित करें। 

जिलाधिकारी ने कहा कि जनता को सर्वाेत्तम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग एवं तत्पर है। जिलाधिकारी ने कहा कि *विभिन्न मार्गों पर एस्कलेटर-युक्त एफओबी, अंडरपास, सड़कों का चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण, वेंडर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का निर्माण एवं अन्य सभी बिन्दुओं पर लगातार कार्य किया जा रहा है ताकि आम जनता को सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप बेहतर-से-बेहतर सुविधा उपलब्ध हो*। 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि सभी स्टेकहोल्डर्स से संवाद कायम रखें। लोगों की हर सुविधा का ख्याल रखें। जिला प्रशासन के सभी अंग यथा नगर व्यवस्था, परिवहन, जिला नियंत्रण कक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा नगर निकाय सुचारू यातायात व्यवस्था हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई करें। ई-रिक्शा एवं ऑटो रिक्शा के नियमों के अनुसार सुगम परिचालन हेतु कार्य करें। नियमित तौर पर प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएँ। पब्लिक न्यूसेंस हटाने के लिए नोटिस देकर कार्रवाई करें। इंफोर्समेन्ट एजेंसी लगातार सक्रिय रहे तथा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराएँ। नो पार्किंग जोन एवं नो वेंडिंग जोन का निर्धारण कर अनुपालन सुनिश्चित कराएँ, उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करें। 
जिलाधिकारी ने सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 (पूर्व के दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133) के तहत पब्लिक न्यूसेंस हटाने के लिए समुचित संख्या में संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निदेश दिया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि अतिक्रमण, अवैध पार्किंग एवं रॉग-साईड ड्राईविंग का सीसीटीवी से मॉनिटरिंग करें। उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध स्पॉट पर ही जुर्माना करें। तकनीक का बेहतर प्रयोग करें। 

इस बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था), नगर दंडाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, नगर कार्यपालक पदाधिकारीगण एवं अन्य भी उपस्थित थे।

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