हिजाब और नकाब प्रतिबंध लगाये जाने को संवैधानिक व्यवस्था तथा धार्मिक भावना को आहत करने वाली कार्रवाई बताया; अविलंब वापस लिए  जाने की मांग की है : एजाज अहमद

हिजाब और नकाब प्रतिबंध लगाये जाने को संवैधानिक व्यवस्था तथा धार्मिक भावना को आहत करने वाली कार्रवाई बताया; अविलंब वापस लिए जाने की मांग की है : एजाज अहमद

पटना 7 जनवरी2026 
बिहार में ज्वेलरी दुकानदारों द्वारा हिजाब और नकाब पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर राष्ट्रीय जनता दल  के प्रदेश प्रवक्ता एजाज़ अहमद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के संविधान और संवैधानिक परंपराओं के पूरी तरह खिलाफ है।
एजाज़ अहमद ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर हिजाब और नकाब को निशाना बनाना न केवल गलत है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई भी है। इस तरह के फैसले संविधान के अंतर्गत नागरिकों को मिले धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों को छीनने की साज़िश का हिस्सा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की साजिश में पहले से ही भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग सक्रिय हैं और अब कुछ ज्वेलरी दुकानदार उसी एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा के नाम पर किसी विशेष धार्मिक पहचान को निशाना बनाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है।
राजद प्रदेश प्रवक्ता ने ज्वेलरी दुकानदारों से मांग की कि वे तुरंत इस तरह की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई को वापस लें और इस दिशा में गंभीरता दिखाएं। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ हिजाब और नकाब तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक आज़ादी पर हमला है और भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम है।

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