मंत्री संजय कुमार सिंह ने नव-नियुक्त सहायक अभियंताओं से किया संवाद; जलापूर्ति योजनाओं में तकनीक और नवाचार के साथ संवेदनशीलता पर जोर।
पटना स्थित बापू टावर में आज लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा नव-नियुक्त 104 सहायक अभियंताओं के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बिपार्ड, गया में आयोजित दो माह के आवासीय प्रशिक्षण के उपरांत फील्ड पोस्टिंग से पूर्व आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य नव-नियुक्त अभियंताओं को विभाग की प्राथमिकताओं, अपेक्षाओं एवं कार्य पद्धति से अवगत कराना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, श्री संजय कुमार सिंह ने सभी नव-नियुक्त सहायक अभियंताओं का स्वागत करते हुए कहा कि "आपने बिपार्ड, गया में जिस गंभीरता और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण पूर्ण किया है, वही दृष्टिकोण अब फील्ड में आपके कार्य का आधार बनेगा। आज का यह ओरिएंटेशन प्रशिक्षण की निरंतरता का ही एक चरण है, जिससे फील्ड में कार्य करते समय निर्णयों में स्पष्टता, संतुलन और आत्मविश्वास बना रहे। "
माननीय मंत्री ने आगे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में हर घर नल का जल योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में केवल शुद्ध पेयजल ही नहीं पहुँचाया है, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर, स्वास्थ्य एवं महिलाओं के सम्मान में भी महत्वपूर्ण परिवर्तन लाया है। उन्होंने कहा कि राज्य में जलापूर्ति के क्षेत्र में एक व्यापक एवं सुदृढ़ ढांचा विकसित किया गया है, और वर्तमान समय में विभाग की प्राथमिकता इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण पर केंद्रित है ।
माननीय मंत्री ने बताया कि राज्य के एक लाख चौदह हजार से अधिक वार्डों में लगभग एक लाख बीस हजार जलापूर्ति योजनाओं के माध्यम से 1.86 करोड़ घरों तक प्रतिदिन 70 लीटर प्रति व्यक्ति की दर से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब फील्ड स्तर पर योजनाएँ तकनीकी रूप से क्रियाशील रहें और अंतिम उपभोक्ता तक बिना बाधा गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुँचे।
इस अवसर पर माननीय मंत्री ने नव-नियुक्त अभियंताओं से संवाद करते हुए कहा कि आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों को संवेदनशीलता और धैर्य के साथ सुनना और उनका समय पर समाधान करना फील्ड स्तर पर आपकी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। हमारी सरकार ने महिलाओ को 35 प्रतिशत आरक्षण देने का महत्वपर्ण निर्णय लिया था। आज इस कार्यक्रम में अधिक संख्याओं में महिलाओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ रही है। आज तकनीकी सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी राज्य सरकार के समान अवसर और गणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि CGRC से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे जनता का विभाग पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।उन्होंने अपेक्षा जताई कि नव-नियुक्त अभियंता आधुनिक तकनीकों के प्रति सजग रहें और विभाग में नई तकनीकों के समावेशन में सक्रिय भूमिका निभाएँ, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक सक्षम हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित विभागीय सचिव, श्री पंकज कुमार पाल ने नव-नियुक्त सहायक अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि "लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा राज्य भर में संचालित की जा रही जलापूर्ति योजनाओं की सफलता अब मुख्य रूप से उनके सुचारु संचालन और नियमित अनुरक्षण पर निर्भर करती है। जलापूर्ति व्यवस्था का प्रभाव आम नागरिक के दैनिक जीवन पर तुरंत दिखाई देता है, इसलिए आपमें समयबद्धता, तकनीकी स्पष्टता और उत्तरदायित्व का होना आवश्यक है। विभाग द्वारा विकसित की गई जलापूर्ति संरचना की विश्वसनीयता बनाए रखने में आप सभी नव-नियुक्त अभियंताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।"
आगे उन्होंने जल गुणवत्ता को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि नियमित गुणवत्ता जाँच, जलमीनारों की सफाई तथा फिल्टर मीडिया का समय-समय पर परिवर्तन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। सचिव ने अनुशासन को विभागीय कार्यप्रणाली की आधारशिला बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नव-नियुक्त अभियंता अपने प्रशिक्षण और तकनीकी ज्ञान का समुचित उपयोग करते हुए विभाग की गरिमा को और सुदृढ़ करेंगे तथा राज्य के समावेशी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। सचिव द्वारा बताया गया कि सभी 104 सहायक अभियंताओं का पदस्थापन कर दिया गया है और वे अगले 1 से 2 दिनों में अपने नए पदस्थापन स्थान पर योगदान देना सुनिश्चित करेंगे।
इस अवसर पर माननीय मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, श्री संजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव, श्री पंकज कुमार पाल के अलावा अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव श्री नित्यानंद प्रसाद , श्री अभय कुमार तथा विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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