लोकल से ग्लोबल' बन रहा बिहार का सुपरफूड मखाना : संजय सरावगी
*भारत पर्व पर 'मखाना: लोकल से ग्लोबल तक' थीम पर आधारित झांकी को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जताई खुशी*
*यह झांकी बिहार की प्रगति दर्शाती है : संजय सरावगी*
*मिथिलांचल के पारंपरिक पोखरों से निकलकर मखाना आज दुनिया की थाली तक पहुंच गया : संजय सरावगी*
पटना, 23 जनवरी। गणतंत्र दिवस समारोह में रक्षा मंत्रालय के स्तर से आयोजित भारत पर्व के अंतर्गत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की चयनित झांकियों में बिहार से मखाना के चयन पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि मिथिलांचल के पारंपरिक पोखरों से निकलकर मखाना आज दुनिया की थाली तक पहुंच चुका है, जो आत्मनिर्भर बिहार की सशक्त पहचान है।
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित भारत पर्व 2026 में बिहार की झांकी ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक सामर्थ्य को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया है।
उन्होंने कहा कि बिहार की झांकी का थीम है - मखाना: लोकल से ग्लोबल तक। भारत पर्व के तहत देश की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक विविधताओं को झांकियों, हस्तशिल्प, खानपान और परंपराओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जीआई टैग से मिली वैश्विक पहचान, महिला सहभागिता की मजबूत भूमिका और किसानों के अथक परिश्रम ने मखाना को एक अंतरराष्ट्रीय सुपरफूड के रूप में स्थापित किया है। यह झांकी न केवल बिहार की प्रगति को दर्शाएगी, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान को भी और अधिक सुदृढ़ करेगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बिहार की झांकी यह संदेश देती है कि परंपरा, कड़ी मेहनत और इनोवेशन के संगम से स्थानीय आजीविका को एक ग्लोबल पहचान दी जा सकती है। यह झांकी हमारी विरासत और उद्यमिता का संगम है।
उन्होंने कहा कि यह झांकी इस संदेश को भी परिलक्षित करता है कि 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना के साथ स्थानीय उत्पादों को नवाचार के जरिए विश्व स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। बस इसके लिए नीति और नियत चाहिए।
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