पारस हॉस्पिटल में नॉर्थ इंडिया की पहली जटिल सर्जरी: युवक के टूटे आर्टिफिशियल कंधे का हुआ दोबारा प्रत्यारोपण
पटना।
पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल, पटना में 20 वर्षीय युवक के कंधे की एक अत्यंत जटिल सर्जरी की गई। यह नॉर्थ इंडिया की ऐसी पहली जटिल सर्जरी है, जिसमें दोबारा आर्टिफीशियल कंधा सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया है। अभिषेक प्रियदर्शी गयाजी निवासी मरीज को कंधे की मुख्य हड्डी ह्यूमरस में कोंड्रोसारकोमा (हड्डी का कैंसर) हो गया था। डेढ़ साल पहले दिल्ली में सर्जरी कर ट्यूमर निकालने के बाद आर्टिफिशियल कंधा (रिवर्स शोल्डर आर्थ्रोप्लास्टी) लगाया गया था, लेकिन हाल ही में गिरने के कारण से वह आर्टिफिशियल कंधा टूट गया और हाथ काम करना बंद कर गया।
इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में पारस एचएमआरआई के अर्थोपेडिक सर्जन एंव *सिनियर कंसल्टेंट स्पोर्ट्स इंजुरी डॉ. अरविंद प्रसाद गुप्ता* के नेतृत्व में दोबारा सर्जरी की गई। डॉ. गुप्ता ने बताया कि पहले की सर्जरी के कारण ह्यूमरस की लगभग 6 सेंटीमीटर हड्डी पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। ऐसे में मुंबई स्थित एक कंपनी से विशेष एलोग्राफ्ट मंगवाकर विदेशी तकनीक से नया आर्टिफिशियल कंधा प्रत्यारोपित किया गया। यह तकनीक आमतौर पर विदेशों में ही उपलब्ध है।
पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल के *जोनल डायरेक्टर अनिल कुमार* ने कहा कि यह सर्जरी नॉर्थ इंडिया में पहली बार की गई है, जिससे मरीज को लंबे समय तक बेहतर जीवन की उम्मीद है। सर्जरी के बाद मरीज तेजी से रिकवरी कर रहा है।
*पारस एचएमआरआई के बारे में*
पारस एचएमआरआई पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।
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