महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है विकसित भारत-जी राम जी: संजय सरावगी
*विपक्ष को 'रामजी' के नाम से भी तकलीफ होने लगती है: संजय सरावगी*
*2047 तक विकसित भारत बनाने में यह कानून उपयोगी साबित होगा: संजय सरावगी*
*विपक्ष 'विकसित भारत-जी राम जी' को लेकर जो दुष्प्रचार कर रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक है: उमेश सिंह कुशवाहा*
*गाँव के विकास के लिए सरकार का यह सही कदम है: राजू तिवारी*
*विपक्ष का विरोध योजना से नहीं, रामजी के नाम से है: राजेश पांडेय*
*भ्रष्टाचार करने वालों को पारदर्शी योजनाओं से तकलीफ होना लाजमी : सुभाष चंद्रवंशी*
पटना, 7 जनवरी। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने आज विकसित भारत गारंटी और आजीविका मिशन ग्रामीण यानी विकसित भारत-जी राम जी कानून को लेकर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि विपक्ष कोई भी अच्छे कामों का विरोध करता है, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कानून में पिछले रोजगार कानून की कमियों को दूर किया गया है।
बिहार भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज आयोजित एनडीए की संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि एनडीए और पीएम नरेंद्र मोदी का संकल्प 2047 तक देश को विकसित बनाने का है। इसी के तहत गाँव को भी विकसित करना जरूरी है। जब गाँव विकसित होगा तभी देश और बिहार विकसित होगा।
बिहार में नीतीश कुमार की सरकार गाँव को विकसित करने के उद्देश्य से गाँव में आधारभूत संरचनाओं के अलावा गाँव के विकास के विस्तृत रूप से काम कर रही है। उन्होंने विकसित भारत-जी राम जी कानून में लाभ का जिक्र करते हुए कहा कि पहले इसी तरह के कानून में 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था, जबकि इस कानून में 125 दिनों की रोजगार की गारंटी है। इसके अलावा रोजगार नहीं मिलने पर अलग से भत्ता देने का भी प्रावधान है। मानदेय प्रत्येक सप्ताह भुगतान का प्रावधान है।
उन्होंने कहा, "एनडीए की सोच हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो। गरीब, जनजाति और पिछड़े वर्ग को रोजगार मिले, इसके लिए यह बिल लाया गया है। ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। यह पूरा बिल महात्मा गांधी जी की भावना के अनुरूप है और राम राज्य की स्थापना के लिए है।"
उन्होंने स्पष्ट कहा, "इस कानून में निश्चित रूप से गाँव की चिंता की गई है। विस्तृत रूप से इस कानून में गाँव के गरीबों, किसानों और गाँव को विकसित करने के लिए लाया गया है। जबकि मनरेगा में भ्रष्टाचार की शिकायतें बड़ी संख्या में मिलती थीं। मनरेगा एक तरह से भ्रष्टाचार का अड्डा बना रहता था।"
भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि इस कानून में यह कोशिश की गई है कि इस योजना की राशि उपयोगी तरीके से खर्च हो। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने में यह कानून उपयोगी साबित होगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 'विकसित भारत - जी राम जी' योजना का उद्देश्य पंचायतों को सशक्त बनाना है, जहाँ ग्राम सभा (गांव की सभा) अपने विकास के काम खुद तय करेगी और उन्हें लागू करेगी। इससे गांव गरीबी मुक्त और आत्मनिर्भर बने और ग्रामीण रोजगार और विकास को बढ़ावा मिले। खासकर जल संरक्षण, बुनियादी ढांचे और आजीविका के कामों पर ध्यान हो। इसका लक्ष्य गरीबी मुक्त, रोजगार युक्त, स्वावलंबी और स्वयं पूर्ण गांव बनाना है।
उन्होंने विपक्ष को लेकर तंज कसते हुए कहा कि मुझे तो लगता है कि विपक्ष को भगवान श्री राम के नाम से भी तकलीफ हो रही है। लेकिन यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लाभप्रद है। गरीब किसानों, मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और गाँव में रोजगार सृजित करने की कोशिश है, जिसका हम सभी स्वागत करते हैं।
इधर, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष विकसित भारत-जी राम जी कानून को लेकर जो दुष्प्रचार कर रहा है, वह पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि इस कानून से रोजगार बढ़ाया गया है। विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर मनरेगा कानून में बदलाव किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले जो प्रशासनिक व्यय छह प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर इस कानून में नौ प्रतिशत कर दिया गया है। इससे कार्यान्वयन ढांचा और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पहले जहाँ मनरेगा में मजदूरों को मजदूरी भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब इस कानून में साप्ताहिक मजदूरी भुगतान का प्रावधान किया गया है। यह कानून मजदूरों के लिए और प्रभावी बनाया गया है, यह महात्मा गांधी की सोच के अनुरूप बनाई गई है।
लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने विकसित भारत-जी राम जी कानून का स्वागत करते हुए कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी ने स्वीकार किया था कि जब हम लोग 100 रुपये भेजते हैं, तो 10 रुपये जमीन पर पहुंचता है। आज जब एनडीए की सरकार के दौर में लाभुक के खातों में सीधे राशि जा रही है। विपक्ष आज इस कानून को लेकर अनर्गल बात कर रही है। आज इस योजना से कई काम होंगे। गाँव के विकास के लिए सरकार का यह सही कदम है।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रधान महासचिव राजेश पांडेय ने साफ लहजे में कहा कि कई बार रोजगार योजना के नाम बदले गए हैं। आज विपक्ष को इस योजना बदलने से चिंता नहीं है, उनका विरोध इस कानून में रामजी के नाम के शामिल होने से है। इस कानून में अब पक्के कार्य भी होंगे। निश्चित तौर पर इस कानून से लोगों को बहुत लाभ होगा। पहले की खामियों को दूर किया गया है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के महामंत्री सुभाष चंद्रवंशी ने कहा कि विपक्ष के पास आज कोई मुद्दा नहीं है। यह विरोध की नीति उनकी पुरानी है। मनरेगा की क्या स्थिति थी, वह सभी को मालूम था। आज सरकार रोजगार के अवसर को बढ़ा रही है और कानून को पारदर्शी बनाया गया है। चोरी, भ्रष्टाचार करने वालों को इस कानून से तकलीफ तो होगी ही। इस कानून से ग्रामीणों को काफी लाभ होगा।
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