वर्ष 2025 की उपलब्धियों की मजबूत नींव पर नववर्ष 2026 में बिहार के खेल क्षेत्र में होगा ऐतिहासिक विस्तार

वर्ष 2025 की उपलब्धियों की मजबूत नींव पर नववर्ष 2026 में बिहार के खेल क्षेत्र में होगा ऐतिहासिक विस्तार

पटना, 01.01.2026:
बिहार सरकार के खेल विभाग के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों, भव्य आयोजनों और नीतिगत पहलों से परिपूर्ण एक ऐतिहासिक वर्ष सिद्ध हुआ है। इस वर्ष राज्य ने न केवल राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख खेल आयोजनों की सफल मेजबानी की, बल्कि खेल अवसंरचना, खेल प्रशासन और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की। साथ ही, वर्ष 2025 के दौरान विभाग को नए नेतृत्व का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ, जहाँ श्री महेन्द्र कुमार ने खेल विभाग के सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया तथा आरिफ अहसन ने निदेशक, खेल के रूप में कार्यभार संभाला। इन्हीं उपलब्धियों और सशक्त नेतृत्व की मजबूत नींव पर खेल विभाग नववर्ष 2026 में नई ऊर्जा और दूरदर्शी योजनाओं के साथ आगे बढ़ने को तैयार है।
वर्ष 2025 के दौरान बिहार ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स, हीरो एशिया कप (मेन्स हॉकी), एशियाई रग्बी सेवेंस अंडर 20, तथा ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक्स चैंपियनशिप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कर यह प्रमाणित किया कि राज्य बड़े खेल आयोजनों के लिए पूरी तरह सक्षम है। इसी वर्ष राजगीर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शुभारंभ और MNREGA के अंतर्गत संचालित योजनाओं के माध्यम से 257 प्रखंड स्तरीय आउटडोर स्टेडियमों के निर्माण पूर्ण होने से बिहार की खेल अवसंरचना को नया आयाम प्राप्त हुआ। राजगीर, पटना तथा अन्य केंद्रों में विकसित आधुनिक खेल सुविधाओं के चलते बिहार एक उभरते खेल गंतव्य के रूप में स्थापित हुआ है।

खिलाड़ी विकास के क्षेत्र में 2025 अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। खेल अकादमियों, प्रशिक्षण शिविरों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान एवं तैयारी पर विशेष ध्यान दिया गया। छात्रवृत्ति योजनाओं और प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार कर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया गया। साथ ही खेल प्रशासन में पारदर्शिता एवं संस्थागत मजबूती के लिए संरचनात्मक सुधार लागू किए गए। 
राज्य ने प्रतिभा पहचान एवं विकास को नई गति देते हुए मशाल — भारत के सबसे बड़े टैलेंट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम — के तहत 34,000 विद्यालयों में 42 लाख से अधिक विद्यार्थियों को खेल से जोड़ा। एकलव्य स्पोर्ट्स स्कूलों का विस्तार करते हुए 23 खेल विधाओं में 60 से अधिक विद्यालय स्थापित किए गए, जिनमें प्रत्येक ज़िले में न्यूनतम एक विद्यालय सुनिश्चित किया गया। खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस राजगीर (KISCE) तथा 38 छोटे प्रशिक्षण केंद्र खिलाड़ियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
खेल शासन के लोकतंत्रीकरण और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए पंचायत क्लब नीति के तहत 8053  पंचायतों में खेल क्लब पंजीकृत किए गए, जिससे महिला-केंद्रित खेल नेतृत्व को भी प्रोत्साहन मिला है। खिलाड़ियों के लिए 360-डिग्री सहयोग तंत्र के रूप में स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप पॉलिसी, ‘मेडल लाओ-नौकरी पाओ’, खिलाड़ी कल्याण कोष, खेल सम्मान समारोह और महिला खिलाड़ियों के स्वास्थ्य-कल्याण हेतु विशेष नीति लागू की गई। बिहार के युवा खिलाड़ियों ने हाई जंप, सेपाकतकरॉ, साइक्लिंग, फेंसिंग, शतरंज, तैराकी, तीरंदाज़ी और पैरा-एथलेटिक्स में विश्व व एशिया स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन कर राज्य का मान बढ़ाया।


*नया वर्ष, नए लक्ष्य* 

नववर्ष 2026 में खेल विभाग के समक्ष एक नई ऊर्जा और दृष्टि के साथ आगे बढ़ने का अवसर है। सात निश्चय योजना (03) के तहत राजधानी पटना में एक अत्याधुनिक *स्पोर्ट्स सिटी* की स्थापना की जाएगी, जिसका कार्य नववर्ष 2026 से प्रारंभ होगा। राज्यभर के सभी जिलों में क्षेत्र-विशेष लोकप्रिय खेलों के अनुरूप *सेंटर ऑफ एक्सीलेंस* स्थापित करने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध हो सके। राज्य में *64 एकलव्य खेल केंद्र* नववर्ष 2026 से क्रियाशील किए जाएंगे, जो ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं के संवर्धन में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। 
खेल छात्रवृत्ति योजना में प्रेरणा, उत्थान एवं उत्कर्ष श्रेणियों के लिए नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिल सके। साथ ही, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार टेक्निकल सर्विसेज़ कमीशन (BTSC) और बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (BSSC) के माध्यम से बड़े पैमाने पर *नियुक्तियाँ* की जाएंगी, जिससे खेल प्रशासन और प्रशिक्षण प्रणाली और अधिक सशक्त होगी।
बिहार खेल उत्कृष्टता के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य — विकसित भारत 2047 एवं गौरवशाली बिहार 2047 — के अनुरूप 2036 ओलंपिक विज़न में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2025 की उपलब्धियाँ इस परिवर्तन यात्रा की मजबूत नींव हैं और वर्ष 2026 खेल प्रतिभाओं, अवसरों, अवसंरचना एवं सुशासन — इन चारों स्तंभों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का वर्ष होगा।

0 Response to "वर्ष 2025 की उपलब्धियों की मजबूत नींव पर नववर्ष 2026 में बिहार के खेल क्षेत्र में होगा ऐतिहासिक विस्तार"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article