विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर हुआ “श्रम कल्याण दिवस” का आयोजन
- डी.एम.एल.आई.ई.एस, पटना के वेब पोर्टल और श्रम साथी हेल्पलाइन का माननीय मंत्री, श्री अरुण शंकर प्रसाद ने किया शुभारंभ
पटना, 17 सितंबर 2026: विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर आज दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान, पटना में “श्रम कल्याण दिवस” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर मुख्य अतिथि, श्री अरुण शंकर प्रसाद, माननीय मंत्री, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग-सह-युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के द्वारा बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुमार सिंह, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार, विशेष सचिव, श्री सुनील कुमार यादव, श्रमायुक्त श्री राजेश भारती, विशेष सचिव श्री उपेन्द्र प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
इस अवसर पर दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान के वेबसाइट का अनावरण एवं श्रम साथी कॉल सेंटर के उद्घाटन के साथ दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान (DMLIES), पटना को अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संबंधी सहायता प्रदान करने तथा वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों एवं विषय विशेषज्ञों की सहायता को समाहित करने के उद्देश्य से एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टिट्यूट (ADRI) जबकि श्रमिकों के हित में बेहतर नीतिगत निर्णय एवं अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के समझौता ज्ञापन (MOU) पर हुआ। इसके अलावे बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड तथा बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा (संशोधन) योजना, 2024 के अंतर्गत संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बीच डमी चेक का वितरण किया गया। साथ ही, 12 कारखानों के 115 श्रमिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री श्री अरुण शंकर प्रसाद ने प्रदेश के सभी श्रमिकों को विश्वकर्मा पूजा एवं श्रम कल्याण दिवस की शुभकामनाएँ दीं। साथ ही उन्होंने भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके विकसित भारत के परिलक्षित भावी योजनाओं को जीवंत रूप देने और सेवा_मेरा_अभियान में सभी से भाग लेने की अपील की।
साथ ही यह भी कहा कि श्रमिकों की मेहनत और परिश्रम से ही राज्य और देश की प्रगति संभव हो रही है। श्रमिक राज्य के विकास की आधारशिला हैं तथा उनके कल्याण, सुरक्षा एवं सामाजिक संरक्षण के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भगवान विश्वकर्मा की जयंती का यह अवसर कारीगरों, इंजीनियरों तथा औद्योगिक श्रमिकों के लिए विशेष सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व रखता है। यह दिन हमें मजदूरों एवं श्रमिक वर्ग के उन योगदानों और उपलब्धियों को नमन करने का अवसर देता है, जो उन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपने अमूल्य श्रम से अर्जित किए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। असंगठित क्षेत्र, निर्माण श्रमिकों एवं प्रवासी श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों एवं उनके आश्रितों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। प्रवासी श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने दुर्घटना में असामयिक मृत्यु की स्थिति में सहायता अनुदान राशि बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी है। साथ ही, अन्य राज्यों अथवा विदेशों में कार्यरत श्रमिक की असामयिक मृत्यु होने पर उनके पार्थिव शरीर को गृह जिले तक पहुँचाने की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा की जाती है।
श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं रोजगारोन्मुखी विकास के माध्यम से श्रमिकों और उद्योगों के बीच सशक्त साझेदारी स्थापित करना तथा विकसित बिहार के निर्माण में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना हमारा और हमारे विभाग का लक्ष्य है।
श्रम सुधारों के क्षेत्र में बिहार ने महत्वपूर्ण पहल की है। बिहार उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जिसने केंद्र सरकार की चार श्रम संहिताओं—मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता—से संबंधित नियमावलियों को समय पर अधिसूचित किया है।
मेरा विश्वास है कि इन श्रम सुधारों से श्रमिकों, उद्योगों एवं व्यवसायों को लाभ मिलेगा। श्रमिकों की सुरक्षा और उद्योगों की प्रगति एक-दूसरे के पूरक हैं। श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन एवं श्रमिक कल्याण को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुमार सिंह ने भी प्रदेश के श्रमिकों को विश्वकर्मा पूजा एवं श्रम कल्याण दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में लगातार सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
अपने स्वागत भाषण में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के. सेंथिल कुमार ने कहा कि राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र, निर्माण क्षेत्र एवं प्रवासी श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए अनेक योजनाएँ संचालित कर रही है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक स्तर पर निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र श्रमिक तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके।
कार्यक्रम के अंत में श्रमायुक्त श्री राजेश भारती ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग का प्रयास है कि श्रमिकों एवं प्रवासी श्रमिकों के कल्याण के लिए अधिक से अधिक प्रभावी योजनाएँ संचालित की जाएँ और उनका सफलतापूर्वक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में विभाग एवं बोर्ड के वरीय पदाधिकारी, श्रम विभाग के अधिकारी, आद्री की सदस्य सचिव श्रीमती अस्मिता गुप्ता, चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार श्री शिवम प्रकाश सिंह, श्रमिक प्रतिनिधि, लाभार्थी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
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