सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर जिला अंतर्गत चल रही विकासात्मक एवं लोक कल्याण कारी योजनाओं को दें गति :डी एम
*योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय, अनुश्रवण एवं गुणवत्ता पर विशेष जोर*
पटना, 01 सितंबर।
जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार ने जिले में संचालित सभी विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निरंतर अनुश्रवण एवं समीक्षा करते रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को तत्परता से दूर करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी योजनाएँ निर्धारित समय सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों तथा उनका अपेक्षित लाभ आम जन तक पहुँचे।साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने उक्त बातें कही.
उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर कठिनाई आने पर संबंधित पदाधिकारी तत्काल अपने वरीय पदाधिकारी को इसकी जानकारी दें। आपसी समन्वय से समस्या का समाधान करते हुए योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं से संबंधित विभिन्न इंडिकेटर्स पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि पटना जिले की रैंकिंग में निरंतर एवं उत्तरोत्तर सुधार हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आम जन की समस्याओं का ससमय, संवेदनशीलता एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से निराकरण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं एवं जिला की प्राथमिकताओं की सूक्ष्मता से समीक्षा करने तथा उनके क्रियान्वयन में प्रभावी योगदान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*न्यायालयीय वादों के त्वरित निष्पादन के लिए माइक्रो प्लान बनाकर काम करें*
बैठक में न्यायालयीय वादों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को कोर्ट केसों का गंभीरता एवं सूक्ष्मता से अध्ययन करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
समीक्षा में पाया गया कि जिला स्तर पर वर्तमान में CWJC के 400, MJC के 40 एवं LPA के 7 मामले लंबित हैं। न्यायालीय वादों से संबंधित पटना सदर अनुमंडल में 62 मामले लंबित पाए गए। जिनमे से इस सप्ताह केवल 2 मामलों का निष्पादन किया गया।पटना सिटी अनुमंडल में 84 मामले लंबित हैं, जिनमें से विगत सप्ताह 2 मामलों का निष्पादन किया गया। मसौढ़ी अनुमंडल में 12 मामले लंबित पाए गए, जबकि विगत सप्ताह एक भी मामले का निष्पादन नहीं हुआ। बाढ़ अनुमंडल में 21 लंबित मामलों में से 3 का निष्पादन किया गया। दानापुर अनुमंडल में 56 मामलों में से 3 का निष्पादन हुआ। वहीं पालीगंज अनुमंडल में 21 मामले लंबित पाए गए, जिनमें विगत सप्ताह किसी भी मामले का निष्पादन नहीं हुआ।
जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी मामलों का सूक्ष्मता से अध्ययन एवं समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप निष्पादन सुनिश्चित करें।
विभिन्न जिला स्तरीय कार्यालयों में भी विभिन्न न्यायालयों से संबंधित के 161 मामले लंबित पाए गए.जिलाधिकारी ने इन सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता एवं सूक्ष्मता से निष्पादित कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी वरीय पदाधिकारियों को न्यायालयीय वादों से संबंधित Statement of Facts (SOF) की स्वयं बारीकी से जाँच करने तथा लंबित मामलों के निष्पादन के लिए माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। माइक्रो प्लान में अर्जेंट एवं महत्वपूर्ण मामलों को प्राथमिकता देते हुए उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि जिला अंतर्गत लंबित सभी MJC के मामलों के निष्पादन पर विशेष ध्यान दें.
*लोक शिकायत एवं सहयोग पोर्टल के मामलों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर जोर*
जिलाधिकारी ने लोक शिकायतों एवं सहयोग पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता एवं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए आवेदकों को गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री विद्यार्थी सहयोग शिविर में प्राप्त मामलों के निष्पादन पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित हो सके।
*DRCC के द्वारा क्रियान्वयन की जा रही की योजनाओं की समीक्षा*
बैठक में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) के अंतर्गत संचालित स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता भत्ता एवं कुशल युवा कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को इन योजनाओं का प्रभावी एवं सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जिससे की विद्यार्थियों एवं युवा वर्ग को सुगमता से अधिक से अधिक लाभ मिल सके.
पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की भी समीक्षा में पाया गया कि जिले में अब तक 112 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 185 पंचायत सरकार भवन निर्माणाधीन हैं।जिलाधिकारी ने भवन निर्माण विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों को निर्धारित समय सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहाँ-जहाँ पंचायत सरकार भवन क्रियाशील हैं, वहाँ संबंधित कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित रहकर आम जनता को आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराएँ तथा उनकी समस्याओं एवं कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
*अंतर-विभागीय समन्वय से योजनाओं की बाधाओं का होगा समाधान*
जिलाधिकारी ने कहा कि साप्ताहिक समन्वय समिति की बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का समाधान करना है। यदि किसी पदाधिकारी को किसी योजना के क्रियान्वयन में दूसरे विभाग से सहयोग अथवा समन्वय की आवश्यकता हो, तो वह इस बैठक में अवश्य उठाएँ, ताकि समस्या का त्वरित समाधान कर योजनाओं को समय पर पूरा कराया जा सके।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों से समन्वय, निरंतर अनुश्रवण, सक्रियता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए योजनाओं एवं कार्यक्रमों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने का आह्वान किया।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री शुभम कुमार सहित सभी विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
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