पारस हेल्थ में नाक के रास्ते बिना चीरा लगाए निकाला ब्रेन ट्यूमर, 8 साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी
पटना। भोजपुर के पीरो निवासी 8 वर्षीय मास्टर अज़मत पिछले छह महीने से लगातार सिरदर्द से परेशान था। बीच-बीच में उसे उल्टी भी होती थी और उसकी आंखों की रोशनी भी कमजोर होने लगी थी। परिजनों ने जब जांच कराई तो एमआरआई में पता चला कि बच्चे के मस्तिष्क में बड़ा पिट्यूटरी ट्यूमर है, जो मस्तिष्क पर दबाव बना रहा था। स्थिति गंभीर होने के कारण तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। पारस हेल्थ, पटना के *न्यूरोसर्जन डॉ. वीर अभिमन्यु पंडित* ने एंडोस्कोपिक तकनीक से नाक के रास्ते बिना कोई बाहरी चीरा लगाए ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया।
इस अत्याधुनिक प्रक्रिया में दूरबीन (एंडोस्कोप) की मदद से ट्यूमर तक पहुंचकर उसे हटाया गया, जिससे बच्चे को बड़ी सर्जरी और लंबे रिकवरी समय से बचाया जा सका। सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति लगातार बेहतर होती गई। सिरदर्द और उल्टी की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई तथा उसकी दृष्टि में भी सुधार आया। हाल ही में ऑपरेशन के बाद फॉलोअप के लिए अस्पताल पहुंचे बच्चे की जांच में उसकी स्वास्थ्य स्थिति सामान्य पाई गई।
डॉ. वीर अभिमन्यु पंडित ने बताया कि समय पर एमआरआई और सही इलाज मिलने से इस तरह के जटिल ब्रेन ट्यूमर का भी सफल उपचार संभव है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और लगातार सिरदर्द, उल्टी या दृष्टि में कमी होने पर तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
पारस हेल्थ के *जोनल डाइरेक्टर एंव वाइस-प्रेसिडेंट डॉ. दीपक सिंह* ने बताया कि अस्पताल बिहार में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। मरीज का सही इलाज हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
न्यूरोसर्जरी विभाग के डाइरेक्टर डॉ. अम्बुज कुमार, चीफ कंसल्टेंट डॉ. निरज झा एंव एनिस्थिसिया के डॉ. श्री नारायण का ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालने में योगदान रहा।
*पारस हेल्थ के बारे में*
पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है।
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