खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को गोबर खाद एवं संतुलित पोषण प्रबंधन की दी गई जानकारी

खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को गोबर खाद एवं संतुलित पोषण प्रबंधन की दी गई जानकारी

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा दिनांक 9 जून 2026 को भोजपुर जिले के हेमतपुर और सिंघी टोला गांवों में "खेत बचाओ अभियान" के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 70 किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को गोबर खाद के उपयोग के लिए प्रेरित करना था, ताकि मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़े, जैविक कार्बन में सुधार हो तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो सके।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में डॉ. शंकर दयाल एवं डॉ. विवेकानंद भारती उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को गोबर खाद बनाने की आसान विधि, खेत में इसके उपयोग का सही समय तथा इसके लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोबर खाद के प्रयोग से मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है और मिट्टी का स्वास्थ्य बेहतर होता है।

विशेषज्ञों ने किसानों को जैव उर्वरकों के उपयोग तथा रासायनिक खाद, जैविक खाद और सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित प्रयोग की भी सलाह दी। किसानों ने गोबर खाद और जैव उर्वरकों के उपयोग में रुचि दिखाई तथा कई सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं दूर कीं।
किसानों ने दुधारू पशुओं और बकरी जैसे छोटे पशुओं में रोग प्रबंधन तथा मछली पालन के लिए तालाब प्रबंधन पर नियमित तकनीकी मार्गदर्शन की आवश्यकता भी बताई।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए टिकाऊ खेती की तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया।

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