बिहार से जीआई-टैग मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से दुबई को पहला निर्यात
कृषि निर्यात में बिहार की ऐतिहासिक छलांग, 2 मीट्रिक टन मिथिला मखाना दुबई रवाना
विकसित बिहार की ओर मजबूत कदम: अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरा जीआई-टैग मखाना
बिहार के किसानों एवं कृषि विभाग की बड़ी उपलब्धि
-राम कृपाल यादव
(दिनांक 21.01.2026)
श्री राम कृपाल यादव, माननीय मंत्री, कृषि विभाग, बिहार ने कहा कि बिहार ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार जीआई-टैग मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से पूर्णिया जिला से दुबई के लिए सफलतापूर्वक निर्यात किया है। 2 मीट्रिक टन की यह ऐतिहासिक खेप 21 जनवरी 2026 को भेजी गई। यह निर्यात वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, बिहार सरकार तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), पटना के सहयोग से हुआ।
मिथिला मखाना, जिसे भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त है, बिहार के मिथिला क्षेत्र का पारंपरिक एवं पोषक कृषि उत्पाद है। समुद्री मार्ग से इसका सफल निर्यात यह दर्शाता है कि बिहार अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, ट्रेसबिलिटी और लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो चुका है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर माननीय कृषि मंत्री, बिहार श्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में एक वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का आयोजन किया गया। अपने संबोधन में मंत्री महोदय ने कहा कि जीआई-टैग उत्पादों का निर्यात किसानों की आय बढ़ाने और राज्य की वैश्विक पहचान मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
माननीय कृषि मंत्री ने मखाना के दुबई निर्यात को सफल बनाने में सहयोग के लिए एपीडा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में मखाना को वैश्विक पहचान मिली है, जिससे भारतीय कृषि उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सशक्त रूप से स्थापित हो रहे हैं। साथ ही, माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को भी मखाना के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं निर्यात को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मखाना जैसे विशिष्ट उत्पादों के माध्यम से विकसित बिहार और विकसित राष्ट्र की संकल्पना को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि निर्यात से मखाना मूल्य श्रृंखला से जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और कृषि उद्यमियों को नए बाजार अवसर प्राप्त होंगे तथा भविष्य में बिहार से अन्य जीआई-टैग और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा। एपीडा ने बिहार के कृषि निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने के लिए निरंतर सहयोग और तकनीकी सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि यह निर्यात बिहार के किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर सिद्ध होने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच स्थापित होने से मखाना उत्पादक किसानों को उनके उत्पाद का उचित और लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा, जिससे उनकी आय में निरंतर एवं स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस समारोह में श्री नर्मदेश्वर लाल, प्रधान सचिव, कृषि विभाग, डॉ॰ बीरेंद्र प्रसाद यादव, विशेष सचिव, कृषि विभाग, श्री अभिषेक देव, अध्यक्ष, एपीडा, श्री शैलेन्द्र कुमार, विशेष सचिव-सह-निदेशक (कृषि विपणन), श्री अभिषेक कुमार, निदेशक, उद्यान एवं प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य उद्यान मिशन/बिहार फल एवं सब्जी विकास निगम, श्री अंशुल कुमार, जिलाधिकारी, पूर्णिया, डॉ॰ शुधांशु, सचिव, एपीडा, डॉ॰ तरुण बजाज, निदेशक, बी॰ई॰डी॰एफ॰, एपीडा तथा श्री मन प्रकाश विजय, उप महाप्रबंधक, एपीडा शामिल थे।
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