सीमावर्ती जिलों में उर्वरक तस्करी पर कड़ी निगरानी’’-राम कृपाल यादव
‘‘राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं’’
‘‘रबी सीजन में पर्याप्त उर्वरक स्टॉक उपलब्ध’’
‘‘सीमावर्ती जिलों में उर्वरक तस्करी पर कड़ी निगरानी’’
-राम कृपाल यादव
(दिनांक 20.01.2026)
श्री राम कृपाल यादव, माननीय मंत्री, कृषि विभाग, बिहार ने कहा कि वर्तमान में राज्य के किसी भी जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए राज्य में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आज दिनांक 20 जनवरी 2026 को राज्य में कुल 1.84 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.52 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.16 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.41 लाख मीट्रिक टन एमओपी एवं 1.07 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है।
माननीय कृषि मंत्री ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कृषि विभाग द्वारा लगातार छापामारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि रबी फसल मौसम 2025-26 के दौरान दिनांक 20.01.2026 तक अनियमितताओं के विरुद्ध 42 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों के उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किए गए हैं। यह कार्रवाई राज्य सरकार की सख्त निगरानी एवं जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी का स्पष्ट और दृढ़ संकल्प है कि प्रत्येक किसान को समय पर तथा निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य से राज्य में उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ एवं पूर्णतः किसान-केन्द्रित बनाया जा रहा है।
माननीय मंत्री ने बताया कि उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापामारी हेतु मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। उड़नदस्ता दल को प्राप्त शिकायतों के आधार पर निरंतर छापामारी एवं जाँच की जा रही है। राज्य में उर्वरकों की कालाबाजारी या जमाखोरी से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंडवार उर्वरक का उप-आवंटन आच्छादन एवं वास्तविक आवश्यकता के आलोक में किया जाए। साथ ही, उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रदर्शित स्टॉक एवं भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा का नियमित सत्यापन किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जिलों में उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने एवं अधिक मूल्य पर बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कृषि विभाग के पदाधिकारियों का जाँच दल गठित कर नियमित रूप से उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं छापामारी कराई जाए। विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में छापामारी दल गठित कर निरंतर कार्रवाई करने तथा सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित कर उर्वरकों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
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