प्रमंडलीय आयुक्त ने की पटना शहर में यातायात-प्रबंधन तथा प्रमुख मार्गों पर चलाए जा रहे अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की समीक्षा
पदाधिकारियों को अन्तर्विभागीय समन्वय सुनिश्चित कर प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाने तथा परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जाम-मुक्त बनाने का आयुक्त ने दिया निदेश
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नागरिकों को उत्तम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध; सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग एवं तत्परः प्रमंडलीय आयुक्त
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पटना, शनिवार, दिनांक 17.01.2026ः आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना श्री अनिमेष कुमार पराशर ने पदाधिकारियों को प्रभावी ढंग से अतिक्रमण उन्मूलन अभियान संचालित करने का निदेश दिया है। वे आज आयुक्त कार्यालय स्थित सभाकक्ष में वरीय पदाधिकारियों के साथ पटना शहर में यातायात-प्रबंधन तथा प्रमुख मार्गों पर चलाए जा रहे अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सुव्यवस्थित यातायात-प्रबंधन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। प्रमंडलीय आयुक्त ने पदाधिकारियों को निदेश दिया कि पटना में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान हेतु अधिकारीगण एक्शन मोड में रहें तथा परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जाम-मुक्त बनाने हेतु तत्पर रहें। सड़कों पर नियमित पेट्रोलिंग करें। सीसीटीवी को क्रियाशील रखें तथा इससे निगरानी करें। इंटिग्रेटेड कमांड एण्ड कंट्रोल सेन्टर (आईसीसीसी) से रियल टाईम मॉनिटरिंग करें तथा जिला नियंत्रण कक्ष से नियमित अनुश्रवण करें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पटना शहर को आवागमन हेतु सर्वानुकूल बनाना है। सुगम एवं सुचारू यातायात की व्यवस्था जनहित में अत्यावश्यक है। यह हमारी कार्यशैली एवं जीवन-शैली पर भी काफी प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं जाम-मुक्त बनाने हेतु लगातार कोशिश की जा रही है। यातायात व्यवधान, अतिक्रमण एवं यातायात नियमों के उल्लंघन के विरूद्ध प्रशासन शून्य सहिष्णुता के सिद्धांत पर काम करता है। नगर विकास विभाग, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, एनएचएआई, वन विभाग, पथ निर्माण, प्रशासन, पुलिस, विधि-व्यवस्था सहित सभी सम्बद्ध पदाधिकारी अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित कर नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें। अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन कार्य योजना का निर्माण कर अनुपालन सुनिश्चित करें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि जनता को सर्वाेत्तम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र इसके लिए सजग एवं तत्पर है।
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बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा पदाधिकारियों को निम्नलिखित निदेश दिया गयाः
1. पटना के सभी टी-प्वाईंट के 100 मीटर की परिधि को पूर्णतः नो वेंडिंग जोन तथा नो पार्किंग जोन बनाएँ। टी-प्वाईंट बनाने वाले तीनों रास्ता में से किसी पर भी कोई भी ठेला, वेंडिंग शॉप, अवैध रूप से रोका गया या पार्क किया हुआ वाहन इत्यादि नहीं रहना चाहिए। 24 घंटा के अंदर ऐसे सभी टी-प्वाईंट को चिन्हित करें जहाँ 100 मीटर की परिधि में अनधिकृत रूप से वेंडिंग एवं पार्किंग किया जा रहा हो। तीन दिन के अंदर सभी टी-प्वाईंट पर नो वेंडिंग जोन तथा नो पार्किंग जोन का साईनेज/बोर्ड लगाकर इसका सख्ती से अनुपालन कराएँ अन्यथा शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध जिम्मेदारी निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक (यातायात), अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) एवं अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) को इसका अनुश्रवण करने का निदेश दिया गया।
2. बुद्ध मार्ग, लोदीपुर, पटना जंक्शन, सगुना मोड़ से दानापुर रेलवे स्टेशन, बेउर मोड़ से पहाड़ी सहित सभी प्रमुख सड़कों को पूर्णतः अतिक्रमणमुक्त करें। सड़कों पर लगाए गए ठेला एवं दुकानों को हटाएँ। सामानों की जब्ती करें तथा दंड लगाएँ। पुनः अतिक्रमण को हर हाल में रोकें। आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई करें।
3. सड़कों पर बिक्री के लिए अवैध रूप से रखी गई गाड़ियों को तुरत जब्त करें तथा ऐसे वाहन स्वामियों के विरूद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई करें। रात्रि में अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत रूप से पार्किंग किए गए गाड़ियों को जब्त करें।
4. पदाधिकारीगण पैदल चलने वाले यात्रियों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखें। फुटपाथ मुख्यतः पेडेस्ट्रियन के लिए ही है। इस पर काफी संख्या में महिलाएँ, बच्चे तथा वृद्ध चलते हैं। उन सबकी हर सुविधा सुनिश्चित करना हम सबकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रशासन, पुलिस एवं नगर निकायों के पदाधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि हर एक फुटपाथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए पूरी तरह से बाधारहित है। ये सभी अधिकारीगण पैदल चलने वाले यात्रियों से लगातार इन्टरऐक्शन करेंगे। अनुमंडल पदाधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्रों में विभिन्न हाउसिंग सोसायटिज के लोगों के साथ बैठक कर पेडेस्ट्रियन एडवोकेसी ग्रुप बनाएंगे तथा नियमित तौर पर उन लोगों से फीडबैक लेते रहेंगे।
5. अतिक्रमण, अवैध पार्किंग एवं रॉग-साईड ड्राईविंग का सीसीटीवी से मॉनिटरिंग करें। उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध स्पॉट पर ही जुर्माना करें। तकनीक का बेहतर प्रयोग करें।
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आज की इस बैठक में पटना शहर में यातायात प्रबंधन एवं अतिक्रमण-उन्मूलन अभियान पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पटना जिला में शहरी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए डेडिकेटेड संगठनीय ढांचा क्रियाशील है। जिला पदाधिकारी, पटना के नियंत्रणाधीन जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं संबंधित नगर निकायों की एकीकृत शहरी प्रबंधन इकाई सक्रिय है। अपर जिला दंडाधिकारी (नगर-व्यवस्था) को शहरी प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए नियमित तौर पर अतिक्रमण उन्मूलन अभियान संचालित करने का निर्देश दिया गया है ताकि आम जनता को ट्रैफिक जाम इत्यादि समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि नेहरू पथ, गाँधी मैदान, बैरिया, अशोक राजपथ, अटल पथ सहित विभिन्न मार्गों पर नियमित तौर पर अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अस्थायी अतिक्रमण के अलावा मुख्य पथों पर स्थायी अतिक्रमण, अगर कोई हो तो, उसे चिन्हित कर विधिवत कार्यवाही चलाते हुए अतिक्रमण हटाने का निदेश पदाधिकारियों को दिया गया। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि विभिन्न मार्गों पर एस्कलेटर-युक्त एफओबी, अंडरपास, सड़कों का चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण, वेंडर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का निर्माण एवं अन्य सभी बिन्दुओं पर लगातार कार्य किया जा रहा है ताकि आम जनता को सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप बेहतर-से-बेहतर सुविधा उपलब्ध हो।
प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निदेश दिया कि लोगों की हर सुविधा का ख्याल रखें। सभी स्टेकहोल्डर्स से सार्थक संवाद एवं सुदृढ़ समन्वय कायम रखें। जिला प्रशासन के सभी अंग यथा नगर व्यवस्था, परिवहन, जिला नियंत्रण कक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा नगर निकाय सुचारू यातायात व्यवस्था हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई करें। ई-रिक्शा एवं ऑटो रिक्शा के नियमों के अनुसार सुगम परिचालन हेतु कार्य करें। नियमित तौर पर प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएँ। पब्लिक न्यूसेंस हटाने के लिए नोटिस देकर कार्रवाई करें। इंफोर्समेन्ट एजेंसी लगातार सक्रिय रहे तथा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराएँ। नो पार्किंग जोन एवं नो वेंडिंग जोन का निर्धारण कर अनुपालन सुनिश्चित कराएँ, उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई करें। यातायात प्रवाह को आवश्यकतानुसार रेगुलेट करें। समय का निर्धारण कर वाहनों को अलग-अलग अन्तराल पर छोड़ें। अनावश्यक कट को बंद करें। जेब्रा क्रॉसिंग का निर्माण करें। वन-वे का सख्ती से अनुपालन कराएँ।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पटना हमसब का शहर है। यह हमारे राज्य की राजधानी है तथा राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका महत्वपूर्ण स्थान है। इसे ट्रैफिक जाम एवं प्रदूषण से मुक्त तथा बेहतर रखना हमसब की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए नियमित तौर पर आवश्यक कार्रवाई की जाती है। जिला सड़क सुरक्षा समिति, ऑटो/ई-रिक्शा संघों तथा निजी विद्यालयों के प्रबंधन के साथ नियमित तौर पर बैठक की जाती है। सुरक्षित एवं सुगम यातायात प्रबंधन के सभी मानकों के प्रति प्रशासन सजग एवं तत्पर है। पटना शहर में अनावश्यक कट को बंद किया गया है। सार्वजनिक परिवहन की बसें उत्कृष्ट तकनीकों पर आधारित तथा सीएनजी से परिचालित हैं। मेट्रो का भी निर्माण तीव्र गति से किया जा रहा है।
आज के इस बैठक में यातायात प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। रेलवे स्टेशन, कारगिल चौक, कंकड़बाग, राजा बाजार, पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, बैरिया, अशोक राजपथ, बोरिंग रोड, नेहरू पथ आदि स्थलों पर जाम की समस्या के समाधान हेतु प्रस्तावों पर विस्तृत विमर्श किया गया। वेंडिंग जोन एवं नो वेंडिंग जोन की पहचान, मल्टिलेवल पार्किंग, ऑटो पार्किंग स्थल, नो इन्ट्री पर विचार, सड़क की चौड़ाई बढ़ाना, जाम एवं दुर्घटना का कारण खोजने एवं इसका समाधान करने, सार्वजनिक पार्किंग स्थलों की पहचान एवं क्रियान्वयन, अतिक्रमण हटाना, सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन आदि पर विचार किया गया। जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने प्रमंडलीय आयुक्त के संज्ञान में लाया कि जिला प्रशासन द्वारा नियमित तौर पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जा रहा है तथा सुचारू यातायात हेतु कार्रवाई की जाती है। नगर आयुक्त, पटना नगर निगम श्री यशपाल मीणा ने प्रमंडलीय आयुक्त के संज्ञान में लाया कि नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के पर्यवेक्षण में हर अंचल में अतिक्रमण हटाने की लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा इसकी उनके स्तर से प्रतिदिन समीक्षा की जाती है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि पटना जिला में प्रशासन, पुलिस एवं नगर निगम सहित विभिन्न विभागों की टीम द्वारा अच्छा काम किया जा रहा है। अतिक्रमण उन्मूलन अभियान में विगत छः माह में 50 लाख रुपया से अधिक की राशि जुर्माना के तौर पर वसूल की गई है। लगभग 1,000 सामग्रियों को जब्त किया गया है। करीब 100 लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। यातायात पुलिस द्वारा 61 लाख रुपया से अधिक की राशि का जुर्माना किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर-से-बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक अच्छा प्रयास है। पदाधिकारीगण इसे आगे भी जारी रखें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी, पटना को निदेश दिया कि गाड़ियों के बेतरतीब ढंग से परिचालन के विरूद्ध नियमित तौर पर स्पेशल ड्राईव चलाए तथा नियमानुसार दंड लगाने एवं अन्य कार्रवाई करें। अवैध पार्किंग, बसों एवं ऑटो का अवैध ठहराव तथा ओवरस्पीडिंग के विरूद्ध सभी पदाधिकारी तत्पर रहें। सीसीटीवी के माध्यम से निदेशों का उल्लंघन करने वालों की पहचान कर उनके विरूद्ध कार्रवाई करें। आर्थिक दंड लगाएं। पटना में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। सीसीटीवी कैमरों, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, ईसीबी, आरएलवीडी, वीएमडी, एएनपीआर आदि का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है।
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पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा लगभग 415 स्थानों पर 3300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। इसमें सीसीटीवी सर्विलांस कैमरा 2,602; रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) कैमरा 473; ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरा 150; स्पीड व्यालेशन डिटेक्शन (एसवीडी) कैमरा 12 तथा व्हीकल डिटेक्शन एंड क्लासिफिकेशन (वीडीसी) कैमरा 120 लगाया गया है। 69 स्थानों पर पब्लिक एड्रेसल सिस्टम से नियमित तौर पर उदघोषणा की जाती है।
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प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि उच्च तकनीकों पर आधारित यातायात प्रबंधन पटना जैसे महत्वपूर्ण शहर के लिए अत्यावश्यक है। पटना शहर पूर्वी एवं उत्तर-पूर्वी भारत के लिए द्वार (गेट-वे) की भूमिका निभाता है। यहाँ उत्कृष्ट यातायात, जीवन सुरक्षा, आर्थिक वृद्धि, विकास एवं लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में उत्प्रेरक का काम करेगा।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण अक्सर यातायात पर दबाव देखा जा रहा है। कंजेशन की समस्या दूर करने तथा सुचारू परिवहन के लिए यातायात-प्रबंधन आवश्यक है। इससे सड़क दुर्घटना को रोका जा सकता है।
इस बैठक में जिला पदाधिकारी, पटना; नगर आयुक्त, पटना नगर निगम; अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर; अनुमंडल पदाधिकारी, दानापुर; अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी; पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था, अपर जिला दंडाधिकारी नगर व्यवस्था, जिला परिवहन पदाधिकारी, नगर कार्यपालक पदाधिकारीगण, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), पेसू, पथ निर्माण विभाग तथा अन्य विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
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