गोकुलानन्द तिवारी स्मृति सम्मान’ से अलंकृत हुए नीरव समदर्शी

गोकुलानन्द तिवारी स्मृति सम्मान’ से अलंकृत हुए नीरव समदर्शी

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 19 जनवरी ::

पटना स्थित हिन्दी साहित्य सम्मेलन में लक्ष्मी नारायण सिंह ‘सुधांशु’ और कवि विजय समरेश की जयंती के अवसर पर एक भव्य साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्य और पत्रकारिता क्षेत्र  के उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो रचनाकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य हिन्दी साहित्य की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तित्वों को सम्मान देकर नई पीढ़ी को प्रेरित करना रहा।

पं. विद्यानन्द-गोकुलानन्द स्मृति-संस्थान के सौजन्य से कवि-पत्रकार नीरव समदर्शी को प्रतिष्ठित ‘गोकुलानन्द तिवारी स्मृति सम्मान’ से नवाजा गया। वहीं, कवि जय प्रकाश पुजारी को ‘पं. विद्यानन्द मिश्र स्मृति सम्मान’ प्रदान किया गया। स्मृति-संस्थान की ओर से कवयित्री डॉ. पूनम आनंद ने सम्मानित हिन्दी-सेवियों को अंग-वस्त्र, प्रशस्ति-पत्र और दो हजार एक सौ रुपये की सम्मान-राशि भेंट की।

नीरव समदर्शी पूर्व में भी कई प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत हो चुके हैं। उन्हें हिन्दी साहित्य सम्मेलन से ‘हिन्दी रत्न’ सम्मान, ‘कृष्णा सिंह स्मृति सम्मेलन प्रकाश सम्मान’, दादी जी फाउंडेशन से ‘मीडिया परिवर्तन सम्मान’, जीकेसी से ‘महादेवी वर्मा सम्मान’ तथा ABLAZE FOUNDATION से ‘मीडिया रत्न सम्मान’ सहित अनेक पुरस्कार मिल चुका है। यह सम्मान उनकी साहित्यिक प्रतिबद्धता, निर्भीक पत्रकारिता और समाज के प्रति जिम्मेदार दृष्टि के प्रमाण हैं।

नीरव समदर्शी वर्तमान में आ ई रा इंटरनेशनल रिपोर्टर्स एसोसिएशन के बिहार प्रदेश महासचिव, राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। इसके अतिरिक्त वे ऑल इंडिया राइटर्स एंड रिपोर्टर्स एसोसिएशन, भारत-मॉरिशस मैत्री संघ, इलेक्ट्रॉनिकी डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन सहित अनेक संस्थानों में सचिव, प्रदेश अध्यक्ष एवं कार्यकारी सदस्य के रूप में सक्रिय हैं। साहित्य, पत्रकारिता और समाज सुधार के क्षेत्र में उनकी भूमिका निरंतर प्रभावशाली रही है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिन्हा,आ ई  रा के प्रदेश अध्यक्ष सुमन कुमार मिश्रा, कवयित्री सागरिका रॉय, डॉ. पूनम आनंद कवयित्री राजप्रिया     रानी सहित अनेक पत्रकारों और साहित्यकारों ने नीरव समदर्शी को बधाई दी। वक्ताओं ने उनके रचनात्मक योगदान, सामाजिक सरोकार और पत्रकारिता की प्रतिबद्धता की सराहना की।

‘गोकुलानन्द तिवारी स्मृति सम्मान’ नीरव समदर्शी की साधना और समर्पण का प्रतीक है। यह सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों को मान्यता देता है, बल्कि हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय सभी साधकों को प्रेरणा भी प्रदान करता है। ऐसे आयोजन साहित्यिक चेतना को सुदृढ़ करता है और समाज में रचनात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
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