विकास आयुक्त ने की सात निश्चय–3 के अंतर्गत डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की प्रस्तावित योजनाओं की  समीक्षा

विकास आयुक्त ने की सात निश्चय–3 के अंतर्गत डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा

आज विकास आयुक्त, बिहार श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में सात निश्चय–3 के अंतर्गत डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा प्रस्तावित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव श्री शीर्षत कपिल अशोक ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने योजनाओं के उद्देश्य, कार्ययोजना तथा अपेक्षित परिणामों की जानकारी दी। विकास आयुक्त महोदय ने योजनाओं के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन, लाभार्थी केंद्रित दृष्टिकोण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। 

बैठक के दौरान सात निश्चय–3 के अंतर्गत डेयरी क्षेत्र से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा में प्रत्येक गांव में एक दुग्ध सहकारी समिति की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया, ताकि दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर उन्हें बेहतर विपणन एवं मूल्य सुनिश्चित किया जा सके। दुग्ध सहकारी समितियों में जीविका के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा की गई, जिससे ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ किया जा सके।

बैठक में दुग्ध सहकारी समितियों में महिलाओं की बहुलता  सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, जिससे महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिले। साथ ही, प्रत्येक पंचायत में सुधा दुग्ध बिक्री केंद्र की स्थापना कर दूध एवं दुग्ध उत्पादों की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं को मजबूत करने के लिए हर पंचायत में एक ए.आई. वर्कर की तैनाती तथा प्रत्येक को डिजिटल ए.आई. गन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इसके प्रभावी उपयोग हेतु जिला स्तर पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई। 

इसके अतिरिक्त, पशुपालकों के लिए साइलेज (पशु चारा) के उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर भी विशेष चर्चा की गई, जिससे पशुओं के पोषण एवं दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

बैठक के दौरान सात निश्चय–3 के अंतर्गत मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस क्रम में मत्स्य किसानों को संगठित कर उन्हें बेहतर विपणन एवं मूल्य दिलाने के उद्देश्य से मत्स्य किसान उत्पादक संघ के गठन पर जोर दिया गया। उपभोक्ताओं तक ताज़ी एवं गुणवत्तापूर्ण मछली की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु फिश आउटलेट की स्थापना पर भी विचार किया गया।

मत्स्य उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तिलापिया मत्स्य पालन को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आहार उपलब्ध कराने हेतु स्वचालित मत्स्य आहार मिल के अधिष्ठापन तथा मत्स्य गतिविधियों के प्रभावी एवं आधुनिक प्रबंधन के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल केंद्र की स्थापना पर विशेष बल दिया गया। 

इसके साथ ही, उन्नत तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए सेंसर आधारित बायोफ्लॉक तालाबों की स्थापना, मूल्य संवर्धन एवं रोजगार सृजन हेतु मत्स्य प्रसंस्करण संयंत्रों के अधिष्ठापन तथा अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में मोती पालन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही, मत्स्य उत्पादों की गुणवत्ता, ताजगी और विपणन क्षमता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन विकास योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।

इस बैठक में निदेशक पशुपालन श्री उज्जवल कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक कॉम्फेड, श्री समीर सौरभ, निदेशक मत्स्य श्री दिलीप कुमार सहित विभाग के अन्य पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।

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