जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षात्मक बैठक हुई

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला-स्तरीय समीक्षात्मक बैठक हुई

जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को अस्पतालों में चिकित्सकों एवं कर्मियों की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं उप विकास आयुक्त को औचक निरीक्षण कराने का दिया निदेश; लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
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आम जनता को उत्कृष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा-सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंः डीएम
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स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सेवाओं के प्रति पब्लिक परसेप्शन में सुधार की आवश्यकता; अधिकारियों को सरकार की योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करने का जिलाधिकारी ने दिया निदेश
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पटना, शुक्रवार, दिनांक 28.11.2025ः अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति-सह-जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कहा है कि जिलेवासियों को सुदृढ़, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। जरूरतमंदों के इलाज के प्रति सभी को संवेदनशीलता प्रदर्शित करनी पड़ेगी। वे आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षात्मक बैठक में चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप तत्परता से कार्य सम्पन्न करना होगा। 
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सेवाओं के प्रति पब्लिक का जेनरल परसेप्शन अनुकूल रहे इसके लिए लगातार मेहनत करने की आवश्यकता है। रोगियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो यह सुनिश्चित करना सभी का दायित्व है। उन्होंने निदेश दिया कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों, अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्रों में नियमित रूप से चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। पदस्थापित/प्रतिनियुक्त चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ अपने-अपने ड्यूटी पर मुस्तैद रहें। उप विकास आयुक्त, पटना को प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण कराने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त-से-सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अस्पतालों की साफ-सफाई तथा रोगियों को प्रदान की जाने वाली भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया। अस्पतालों में एवरेज वेटिंग टाईम सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया। 

जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन, पटना को मुख्य मानकों (इन्डिकेटर्स)- ओपीडी, आईपीडी, एएनसी रजिस्ट्रेशन, प्रथम तिमाही में एएनसी, 4 एएनसी, संस्थागत प्रसव इत्यादि पर प्रखंडों के प्रदर्शन का अनुश्रवण करने का निदेश दिया। खराब प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। 
जिलाधिकारी ने कहा कि जब कोई जरूरतमंद व्यक्ति इलाज हेतु अस्पताल जाए तो यह सुनिश्चित करें कि उन्हें समुचित सुविधा मिले। समय पर उनका उपचार हो। अस्पतालों में चिकित्सक ऑन ड्यूटी रहें। रोगियों को प्रावधानों के अनुसार निःशुल्क दवा एवं जाँच प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ गरीबों तक ससमय पहुँचे यह सुनिश्चित करें। 

इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य क्षेत्र की गतिविधियों की समीक्षा की तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य उप केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, रेफरल अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों तथा जिला अस्पताल में ओपीडी एवं आईपीडी संचालन, परिवार नियोजन, संस्थागत प्रसव, प्रसवपूर्व देखभाल (एंटी नेटल केयर, एएनसी), नियमित टीकाकरण, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य आच्छादन, ई-संजीवनी के माध्यम से  टेली कंसल्टेशन सेवा, वेक्टर बॉर्न रोगों का नियंत्रण, आशा का मानदेय भुगतान सहित विभिन्न बिन्दुओं पर जिला पदाधिकारी ने लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि तथा प्रगति प्रतिवेदन की तुलनात्मक विवरणी की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक निदेश दिया। 

समीक्षा में पाया गया कि सी-सेक्शन डिलिवरी में अप्रैल से अक्टूबर तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बख्तियारपुर की उपलब्धि शून्य है। जिलाधिकारी ने इस पर गंभीर खेद व्यक्त करते हुए यहाँ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक से स्पष्टीकरण करते हुए दोनों का वेतन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, बख्तियारपुर में प्रथम सी-सेक्शन डिलिवरी होने तक अवरूद्ध रखने का निदेश दिया। कुछ अन्य संस्थानों में भी सी-सेक्शन डिलिवरी नगण्य पाया गया। जिलाधिकारी ने इन सभी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण करने का निदेश दिया। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले सभी स्वास्थ्य संस्थानों के नियंत्री पदाधिकारियों को स्थिति में तुरत सुधार लाने का निदेश दिया। समीक्षा में यह भी पाया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, मोकामा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी; रेफरल अस्पताल, मोकामा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी; उपाधीक्षक, गर्दनीबाग अस्पताल सहित अनेक चिकित्सा पदाधिकारी बैठक से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं। जिलाधिकारी ने इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सिविल सर्जन को अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर समुचित नियंत्रण रखना होगा। इतनी बड़ी संख्या में बैठक से अनधिकृत अनुपस्थिति आपत्तिजनक है। उन्होंने सभी अनुपस्थित चिकित्सा अधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक अवरूद्ध रखने का निदेश दिया। साथ ही सिविल सर्जन को कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करने का निदेश दिया गया। 

*जिलाधिकारी ने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों एवं कर्मियों का वेतन बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही मिलेगा। उन्होंने निदेश दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों के उपाधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रतिदिन बायोमेट्रिक उपस्थिति संबंधित विवरणी जिला स्वास्थ्य समिति के व्हाट्सऐप ग्रुप पर भेजेंगे। उल्लंघन के मामले को गंभीरता से लिया जाएगा तथा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध सख्त अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।*

जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को श्रवण श्रुति कार्यक्रम में तत्परता प्रदर्शित करने का निदेश दिया। बच्चों का समय से स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया।   
जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन, पटना को आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज पर विशेष ध्यान देने का निदेश दिया। उन्होंने आशा एवं एएनएम के माध्यम से आयुष्मान कार्ड धारकों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में प्रचार-प्रसार करने का निदेश दिया। 

जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए हम सबको नियमित तौर पर तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहना पड़ेगा। 

जिलाधिकारी ने समर्पित चिकित्सकों द्वारा नागरिकों के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास की सराहना की तथा कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।
इस बैठक में जिलाधिकारी के साथ सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, सभी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (प्रतिरक्षण, संचारी, गैर संचारी, वेक्टर बॉर्न रोग नियंत्रण), सभी उपाधीक्षक (अनुमंडल अस्पताल एवं गर्दनीबाग अस्पताल), प्रभारी जिला शहरी स्वास्थ्य सलाहकार एनयूएचएम, एसएमओ विश्व स्वास्थ्य संगठन, एसएमसी यूनिसेफ, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (रेफरल अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र), सभी अस्पताल प्रबंधक/प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं अन्य भी उपस्थित थे।

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