जीएसटी 2.0 सुधारों पर एक संगोष्ठी का आयोजन

जीएसटी 2.0 सुधारों पर एक संगोष्ठी का आयोजन


*आज दिनांक 26 सितम्बर 2025 को मुख्य आयुक्त, प्रदीप सक्सेना केंद्रीय जीएसटी एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, रांची जोन, पटना द्वारा जीएसटी 2.0 सुधारों पर एक संगोष्ठी का आयोजन, मुख्य आयुक्त, सीजीएसटी एवं सीएक्स, पटना की अध्यक्षता में किया गया । इस संगोष्ठी में बिहार चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज कि ओर से अध्यक्ष सुभाष पटवारी, जीएसटी के चेयरमैन सुनील सराफ तथा कार्यकारणी सदस्य अरुण कुमार भाग लिए I*
    
*चैम्बर अध्यक्ष सुभाष कुमार पटवारी ने जानकारी दी कि मुख्य आयुक्त ने बताया कि  “जीएसटी 2.0 सुधार" भारत की वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव है, जो 22 सितंबर, 2025 से प्रभावी हो गया है। इसके तहत कर स्लैब को मुख्यतः 5% और 18% कर दिया गया है, जबकि विलासिता की वस्तुओं पर 40% कर लगेगा । इस सुधार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को, विशेष रूप से खाद्य पदार्थों, घरेलू आवश्यकताओं और जीवन रक्षक दवाओं पर, महत्वपूर्ण मूल्य राहत प्रदान करना है, साथ ही औपचारिक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और व्यापार करने में आसानी को बढ़ाना है ।* 

*पटवारी ने कहा कि संगोष्ठी में निम्नांकित जानकारी भी दी गयी :-*

- *पूर्ववर्ती बहु-स्तरीय प्रणाली को एक सरलीकृत संरचना द्वारा प्रतिस्थापित   किया गया है जिसमें आवश्यक वस्तुओं पर 5%, अधिकांश अन्य वस्तुओं पर 18% और उच्च वर्ग द्वारा काम में आनेवाली वस्तुओं पर 40% कर लगेगा।*

-          *इन सुधारों से कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों, घरेलू उत्पादों और कुछ उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं सहित कई उत्पादों की कीमतें कम होने लगी है।*

- *खाद्यान्न, दवाइयाँ और बुनियादी उपभोक्ता वस्तुओं जैसी आवश्यक वस्तुओं पर 5% की कम  दर होने से कीमत घटेगी ।*

- *जीवन और व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिससे पॉलिसीधारकों को प्रत्यक्ष बचत होगी।*

- *वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) की स्थापना विवाद समाधान के लिए एक मज़बूत तंत्र प्रदान करती है, जिससे निश्चितता और पारदर्शिता बढ़ती है ।*

- *कर दरों के बीच के अंतर को कम करके, इस सुधार का उद्देश्य तस्करी और जालसाजी पर अंकुश लगाना, औपचारिक अर्थव्यवस्था और उपभोक्ता सुरक्षा को मज़बूत करना है ।*

- *आसान अनुपालन, कम कार्यशील पूंजी का बोझ और औपचारिक अर्थव्यवस्था में अधिक विश्वास बढ़ेगा ।*

- *जीएसटी में निबंधन सरल हो गया है पहले सात से दस दिन का समय लगता था परन्तु अब तीन दिन में हो रहा है I*

0 Response to "जीएसटी 2.0 सुधारों पर एक संगोष्ठी का आयोजन"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article