जीएसटी में छूट 20 साल के गुस्से से बचने का थोथा प्रयास : दीपंकर भट्टाचार्य

जीएसटी में छूट 20 साल के गुस्से से बचने का थोथा प्रयास : दीपंकर भट्टाचार्य

*नीतीश–भाजपा की झूठ-लूट-दमन को करारा जवाब मिलेगा*

पटना, 25 सितंबर 2025
भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने आज मधुबनी में कहा कि डबल इंजन सरकार के खिलाफ फूट रहे जनाक्रोश को संगठित कर 20 सालों से चल रही भाजपा-जदयू सरकार को उखाड़ फेंकना होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जीएसटी में दी गई छूट को इसी गुस्से से बचने का थोथा प्रयास बताया और कहा कि नीतीश सरकार ने भूमि सुधार आयोग की सिफारिशों को लागू करने से इंकार कर दिया। गरीबों को जमीन देने के नाम पर कहा गया कि जमीन नहीं है, लेकिन अडानी को हजारों एकड़ जमीन मिट्टी के मोल सौंप दी गई। बिहार सरकार 70 हज़ार करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे रही है और मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

महिलाओं को 10 हज़ार रुपए देने की नीतीश की घोषणा को उन्होंने लॉलीपॉप बताया और कहा कि यह पैसा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का कर्ज चुकाने में चला जाएगा, जिनकी वजह से गांव-गांव से पलायन हो रहा है। स्कीम वर्कर्स के मानदेय वृद्धि की घोषणा को उन्होंने वोट हथियाने की चाल करार देते हुए कहा कि यह दरअसल उनके संघर्ष की जीत और उनका हक है।

का. दीपंकर ने कहा कि इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर आरक्षण की सीमा 65 प्रतिशत की जाएगी और अतिपिछड़ों का आरक्षण भी बढ़ेगा। इसे संविधान की 9वीं अनुसूची में दर्ज कर निजी और ठेका क्षेत्र में भी लागू किया जाएगा। हर महिला को ₹2500 प्रतिमाह और हर परिवार को ₹2 लाख देने की गारंटी पूरी की जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन की शुरुआत ही ₹1500 प्रतिमाह से होगी।

उन्होंने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों को नए महाजन और अडानी–अंबानी को नए जमींदार बताते हुए कहा कि हमारी सरकार आते ही इनपर लगाम कसी जाएगी।

भूमि सर्वेक्षण कर्मचारियों की बर्खास्तगी और उनके आंदोलन पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के एसआईआर विरोधी संघर्ष को हम सलाम करते हैं। चुनाव आयोग की वोट चोरी की साजिश को लगातार पीछे धकेला है और आगे भी धकेलेंगे।

उन्होंने कहा कि मधुबनी की जनता की आकांक्षा है कि विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन भाकपा(माले) को मौका दे। इससे लाल झंडे की ताकत बढ़ेगी और जनता की आवाज़ बुलंद होगी। अपने वक्तव्य का समापन उन्होंने नारों के साथ किया– “हिटलरशाही नहीं चली तो मोदीशाही नहीं चलेगी” और “लड़ेंगे, जीतेंगे।”

कार्यक्रम का समापन जोरदार नारों और धन्यवाद ज्ञापन (विश्वभर कामत द्वारा) के साथ हुआ।

*एकदिवसीय मधुबनी यात्रा और स्वागत*
का. दीपंकर भट्टाचार्य आज पटना से सड़क मार्ग से मधुबनी पहुंचे। उनके साथ भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो सदस्य व खेत-ग्राम मजदूर सभा महासचिव धीरेन्द्र झा, स्कीम वर्कर्स फेडरेशन महासचिव व विधान पार्षद शशि यादव और केंद्रीय कमेटी सदस्य संतोष सहर मौजूद थे।

यात्रा के दौरान दरभंगा के शोभन चौक, कइटोला, निधि चौक सहित जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत हुआ। कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। कन्वेंशन स्थल पर पहुंचने पर स्थानीय नेताओं व जनता ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

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