ऑटिस्टिक बच्चों की रचनात्मकता को मंच: खादी मॉल पटना में ‘द होप संस्था’ की हस्तनिर्मित राखियों की खूब बिक्री हुई
06 अगस्त 2025, पटना। आगामी रक्षाबंधन त्योहार को लेकर बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित खादी मॉल, पटना में दिनांक 2 अगस्त 2025 से 8 अगस्त 2025 तक हस्तनिर्मित एवं पारंपरिक राखियों का विशेष बिक्री केंद्र स्थापित किया गया है। इस अवसर पर द होप संस्था से जुड़े ऑटिस्टिक बच्चों द्वारा तैयार की गई राखियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं।
द होप संस्था, जो विशेष रूप से ऑटिज्म स्पेक्ट्रम से प्रभावित बच्चों के लिए शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय सेवाएँ प्रदान करती है, ने इस पहल के माध्यम से इन बच्चों की रचनात्मक क्षमताओं को जनसमूह के समक्ष प्रस्तुत किया।
संस्था की संस्थापक श्रीमती ज्योति दास ने बताया कि यह अवसर बच्चों को सामाजिक समावेशन एवं रोज़गार उन्मुख प्रशिक्षण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रकार के कार्यक्रम विशेष रूप से सक्षम बच्चों को स्वावलंबन की ओर प्रेरित करते हैं।
बच्चों द्वारा तैयार की गई राखियाँ इको-फ्रेंडली सामग्री जैसे कि क्ले, मोती, रेशम के धागे आदि से निर्मित की गई थीं, तथा उन पर पारंपरिक मधुबनी चित्रकला की झलक भी परिलक्षित होती है। ये राखियाँ मात्र ₹20 की सुलभ दर पर आमजन के लिए खादी मॉल पटना में उपलब्ध कराई गई हैं।
**रोज़गार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम**
यह पहल न केवल इन बच्चों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने का जरिया बनी, बल्कि उनके लिए आर्थिक स्वावलंबन के नए द्वार भी खोलती है। ऐसी गतिविधियाँ यह दिखाती हैं कि यदि सही मंच मिले, तो विशेष बच्चे भी समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस आयोजन के दौरान कई लोगों ने इन राखियों को पसंद किया और समाज में समावेशिता के इस अनोखे प्रयास की सराहना की।
खादी मॉल, पटना में यह बिक्री केंद्र 8 अगस्त 2025 तक संचालित रहेगा जिसमें मधुबनी पेंटिंग और हस्तनिर्मित राखियाँ सीमित संख्या में उपलब्ध हैं, अतः नागरिकों से आग्रह है कि समय रहते इन विशेष राखियों की खरीदारी कर इस सकारात्मक प्रयास में अपनी भागीदारी निभाएँ।
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