पिछले एक साल में बिहार क्रिकेट जगत और पटना क्रिकेट ने अपने कई अहम स्तंभ खो दिए, जिससे खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और प्रशासकों के बीच गहरा शोक है।

पिछले एक साल में बिहार क्रिकेट जगत और पटना क्रिकेट ने अपने कई अहम स्तंभ खो दिए, जिससे खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और प्रशासकों के बीच गहरा शोक है।

पटना: पिछले एक साल में बिहार क्रिकेट जगत और पटना क्रिकेट ने अपने कई अहम स्तंभ खो दिए, जिससे खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और प्रशासकों के बीच गहरा शोक है। वर्ष 2024 में  बिहार के अनुभवी अंपायर आशीष सिन्हा के निधन से शुरू हुई यह क्षति की कड़ी इस साल भी थमी नहीं।

इस वर्ष बिहार के चर्चित खेल प्रशासक एवं पटना जिला क्रिकेट संघ के अभिन्न अंग रहे अरुण कुमार सिंह का निधन हुआ। इसके कुछ ही समय बाद अंतरराष्ट्रीय अंपायर और वरिष्ठ अंपायर एल.पी. वर्मा भी इस दुनिया को अलविदा कह गए। हाल ही में बिहार के जाने-माने पिच क्यूरेटर राजू वाल्स के निधन ने क्रिकेट परिवार को एक और गहरा आघात पहुंचाया।

प्रदेश अध्यक्ष, खेल प्रकोष्ठ, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) रूपक कुमार ने कहा, “इन दिग्गजों का जाना बिहार क्रिकेट के लिए अपूरणीय क्षति है। आशीष सिन्हा, अरुण कुमार सिंह, एल.पी. वर्मा और राजू वाल्स ने अपने-अपने क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। आशीष सिन्हा की अंपायरिंग के प्रति निष्ठा, अरुण कुमार सिंह की संगठनात्मक क्षमता, एल.पी. वर्मा की निष्पक्षता और राजू वाल्स की पिच तैयार करने में विशेषज्ञता ने बिहार क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इनका अभाव लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।"

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